Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Vikas Varddhan v. Hebe Infrastructure Private Limited
Complaint No. NCR144/07/55566/2020
- Decision date
- 2026-02-26
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar Status-Disposed
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40/63 सपठित नियम-24 4-शिकायत PAM:—NCR 44/07/55566/2020 विकास वर्धन बनाम हेबे इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (महागुन-मग्रुप) आदेश-पत्र दिनांक: 25.02.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री विनीत उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री संजना उपस्थित ge | उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। विपक्षी के डायरेक्टर को कारण दर्शित करने हेतु तलब किया गया था, लेकिन आज सुनवाई के दौरान विपक्षी के डायरेक्टर अनुपस्थित है। शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया कि आज तक विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री निष्पादित नहीं कराई गई है। शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी की परियोजना में बुक की गई यूनिट का कब्जा विपक्षी द्वारा निर्धारित समयावधि के अन्दर उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के _ कारण शिकायतकर्ता द्वारा कब्जा एवं रजिस्ट्री हेतु अपनी शिकायत योजित की गई, जिसमें ma dle—o7w द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 46.42.2020 को निम्नवत Sa पारित किये गये हैं:- 43) विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्तागण के फ्लैट्स की समस्त वविधाओं को अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 30.06.2024 तक ओ.सी / सी.सी सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें।
2. विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 02.07.20i8 से ओ.सी.,//सी.सी. अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो तक शिकायतकर्ता द्वारा स्वयं जमा धनराशि पर MCLRH प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से i a अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही यदि शिकायतकर्ता का कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न em अन्य शिकायतकर्ता के प्रकरण में अनुबन्ध के अनुरूप उपरोक्तानुसार गणना की जायेगी। इसके अतिरिक्त, त्रिपक्षीय अनुबन्ध के अधीन प्री-ई.एम.आईं. की घनराशि का भुगतान का उत्तरदायित्व बिल्डर द्वारा, ओसी. प्राप्त कर कब्जा ऑफर करने की तिथि तक निर्वहन किया जायेगा तथा यदि इस अवधि में शिकायतकर्ता द्वारा प्री-ई.एम.आई. का भुगतान किया गया हो, तो उसे अंतिम भुगतान में समायोजित या बायर को वापिस किया जायेगा। 3. विपक्षी को यह भी निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 20:6 की धारा 2()0) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLR+H प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी।
4... यदि विपक्षी, शिकायतकर्तागण को दिनांक 30.06.2024 तक कब्जा देने में असफल रहता है, तो दिनांक 30.06.2024 के पश्चात् 30 दिनों के अन्दर शिकायतकर्तागण द्वारा समस्त जमा धनराशि MCLRH प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर सहित वापस अदा करना सुनिश्चित करें। 5. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बन्धित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस आदेश में प्रतिपादित सिद्धान्त के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी | 6. इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 206 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। > यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्तागण को यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का हक करा सकेगें | 0 tgs “ | विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 76.2.2020 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण ख्िक्रा।य द्वारा धारा-38/40/63 के अन्तर्गत उक्त आदेश के क्रियान्वयन हेतु ([ना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-04ए द्वारा दिनांक 26.06. 2023 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है किः- वर्णित तथ्यों एवं समस्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए यदि विपक्षी द्वारा दिनांक 34.07.2023 तक प्रश्नगत यूनिट का भौतिक कब्जा दिये जाने की सूचना, आदेश दिनांक i6.422020 के अनुसार अंतिम अकाउन्टस् सैटेल कर तथा शिकायतकर्ता द्वारा किये गये सभी प्री-ई.एम.आई. का भुगतान करे हुए (मोरोटोरियम पीरियड सहित) रेरा
पोर्टल पर अपलोड नहीं की जाती है, तो दिनांक 34.07.2023 के बाद सचिव, रेरा प्रकरण में आदेश दिनांक 6.422000 के अनुसार विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि तथा शिकायतकर्ता द्वारा किये गये सभी प्री-ई.एम.आई. (मोरोटोरियम पीरियड सहित) की धनराशि (यदि कोई अवशेष हो) हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करायें, जिसके उपरान्त पत्रावली भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण के नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत यूनिट के कब्जे की कार्यवाही हेतु न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष संदर्भित की जाये। न््यायनिर्णायक अधिकारी के द्वारा कार्रवाई सम्पन्न करने के उपरान्त पत्रावली Re अधिनियम, 20i6 की धारा 63 के अन्तर्गत विपक्षी के विरूद्द यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु प्राधिकरण के समक्ष पेश की जायेगी। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38/40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री निष्पादित न कराये जाने के कारण मा. पीठ-0१ए द्वारा पारित आदेश दिनांक 26.06.2023 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। विपक्षी द्वार आज सुनवाई के दौरान यह कहा गया कि उसको ओ.सी./सी.सी प्राप्त नहीं है, जिस कारण शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री नहीं कराई जा सकती है। इस पीठ द्वारा विपक्षी को बार-बार आदेशित किये जाने के बावजूद भी विपक्षी द्वारा माननीय रेरा पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 46.42.2020 का अनुपालन पूर्ण रूप से आज तक नहीं किया गया है। परियोजना का ओ.सी./सी.सी. भी प्राप्त नहीं है, जैसा कि विपक्षी द्वारा आज सुनवाई के दौरान कहा गया है और शिकायतकर्ता का यह कहना है कि बिना ओ.सी. के कब्जे का कोई महत्व नहीं है।
कार्यालय आदेश पत्रांक संख्या-3839 / यूपी. रेरा / प्रशा. / 2025-26 दिनांक 28.08. 2025 के अनुसार यूनिट इकाई को Ga कर, Relax नियुक्त कर, कब्जा दिलाये जाने हेतु अधिकृत किया गया है, लेकिन नियम-24 की कार्यवाही के अन्तर्गत आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों के अनुसार यूनिट को कुर्क कर शिकायतकर्ता को यूनिट का SS : कब्जा नहीं दिलाया जा सकता है, क्योंकि विपक्षी के पास ओ.सी. /सी.सी. प्राप्त Bal FSD. a) है। Se a tem) 3) अतः क्योंकि विपक्षी के पास उक्त परियोजना /यूनिट का ओ.सी./ सी.सी. प्राप्त नहीं TMA बिना ओ.सी./सी.सी. के शिकायतकर्ता को वैधानिक कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सकता है और रजिस्ट्री नहीं कराई जा सकती है और अब ऐसी स्थिति में विपक्षी के पास ओ.सी. / सी.सी. न होने के कारण शिकायतकर्ता को वैधानिक कब्जा नहीं दिलाया जा सकता है। विपक्षी के डायरेक्टर को आज सुनवाई में उपस्थित होने हेतु तलब किया गया था, लेकिन विपक्षी के डायरेक्टर आज सुनवाई के दौरान अनुपस्थित है और उनके द्वारा a पीठ की आदेश की अवहेलना की गई। अतः ऐसी स्थिति में विपक्षी के डायरेक्टर को गिरफ्तार कर 3 माह के लिए सिविल कारागार में निरुद्ध करने का आदेश पारित करने के अलावा कोई विकल्प शेष नहीं है। आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों के अन्तर्गत विपक्षी /डायरेक्टर को सिविल कारागार में निरुद्ध कर आदेश»डिक्री का निष्पादन कराये जाने का प्रावधान है, लेकिन इस सम्बन्ध में उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा सिविल अरेस्ट हेतु कोई अधिकारी / कर्मचारी / bailiff नियुक्त नहीं पारित 2020 को वापस क्रियान्वयन
है, इसलिए विपक्षी को गिरफ्तार कर सिविल कारागार में भेजे जाने का आदेश भी नहीं किया जा सकता है। अतः ऐसी स्थिति में इस पीठ द्वारा आदेश दिनांक 46.42. का निष्पादन कराया जाना संभव नहीं हो पा रहा है। अतः पत्रावली सम्बन्धित पीठ THe भेजी जाये। सम्बन्धित पीठ यदि चाहे, तो नियम-24 के प्रावधानों के अन्तर्गत अपने आदेश के न्वयन हेतु पत्रावली प्रधान दीवानी न्यायालय को संदर्भित कर सकती है, ताकि विपक्षी / डायरेक्टर को सिविल कारागार में निरुद्ध कराकर आदेश दिनांक 46.42.2020 का क्रियान्वयन aU कराया जा सके। सम्बन्धित पीठ यदि ओ.सी./सी.सी. के सम्बन्ध में विपक्षी के विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही कर, ओ.सी./सी.सी. उपलब्ध करा देती है, तो सम्बन्धित पीठ ga: यदि पत्रावली इस पीठ को नियम-24 के अन्तर्गत सन्दर्भित करती है, तो ऐसी दशा में EN विज सा | 2 पीठ द्वारा नियम-24 के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए कार्यालय आदेश पत्रांक -8839 / यू पी... रेरा /प्रशा, /2025-26 दिनांक 28.08.2025.. के अनुसार >आवंटी को विधिक कब्जा उपलब्ध कराये जाने एवं रजिस्ट्री निष्पादित ये जाने तथा आदेश दिनांक 46.42.2020 के अनुपालन हेतु अग्रिम कार्यवाही की जा सकेगी | अतः पत्रावली नियमानुसार सम्बन्धित पीठ को वापस भेजी जाये। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। “0५. न््ड् ot आर. पी. सिंह i (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण