Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Jaikesh Singh v. Land Kart Builders Private Limited
Complaint No. NCR144/07/121420/2024
- Decision date
- 2026-06-12
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /“40 ,//63 सपठित नियम-24 22-शिकायत WAM:—NCR44/07/2420/2024 जयकेश सिंह बनाम लैंड कार्ट बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 42.06.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता स्वयं उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से उनके प्रतिनिधि श्री विजय गुप्ता उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। प्रश्नगत शकायत में माननीय पीठ-02 (पूर्व पीठ-04) द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 22.07. 2025 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह आदेश पोर्टल पर अपलोड होने की तिथि से 45 दिनों के अन्दर शिकायतकर्ता की यूनिट को फ्लैट क्रेता अनुबन्ध के अनुसार समस्त सुविधाओं को पूर्ण कराकर ओ.सी.,// सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय Ferg शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री कराएं। 2... विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 30.09.2024 से ओ.सी. / सी.सी. प्राप्त किये जाने की तिथि अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो, तक की अवधि पर शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर MCLRH प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से विलम्बित अवधि का ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09. 2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब की अवधि एवं विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जाएगी एवं न ही शिकायतकर्ता से किसी अतिदेय (overdues) धनराशि के लिए इस अवधि का ब्याज लिया जाएगा।
3. facet को यह भी निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 20I6 की धारा-2(७४)6) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर adel के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किरो जाने 4 पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित अवधि के भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLRH प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गई है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी। 4... इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 20:6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 5 शिकायतकर्ता को यह निर्देशित किया जाता है कि यदि विपक्षी द्वारा 45 दिनों के अन्दर उपर्युक्त आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्ता रेरा पोर्टल के माध्यम से आदेश के क्रियान्वयन हेतु अनुरोध अपलोड कर, उसकी भौतिक प्रति रेरा क्षेत्रीय कार्यालय, ग्रेटर नोएडा में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 22.07.2025 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,/63 के अन्तर्गत उक्त आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-02 द्वारा दिनांक 42.03. 2026 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है किः- अतः उपयुक्त वर्णित तथ्यों एवं समस्त परिस्थितियों के दृष्टिगत पत्रावली नियम 24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत यूनिट के भौतिक कब्जे की कार्यवाही हेतु मा. न्यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई हेतु, दिनांक 42.06.2026 को संदर्भित की जाती है।
सचिव, उ.प्र. रेरा प्रकरण में आदेश, दिनांक 22.07.2025 के प्रस्तर-02 के अनुसार दिनांक 34.05.2026 से पूर्व विपक्षी द्वारा देय विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि हेतु वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि से पूर्व मा. न्यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। यदि मा. न्यायनिर्णायक अधिकारी नियम-24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते हैं कि विपक्षी / प्रोमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत धारा-34, दिनांक 22.07.2025 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है, तो ऐसी दशा में मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी प्रकरण को रेरा अधिनियम की धारा-63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पीठ को वापस सन्दर्भित कर सकते हैं। अन्तर्गत धारा-38 /40,/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सकी। तदोपरान्त मा. पीठ--02 द्वारा पारित आदेश दिनांक 42.03.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली आज नियम-24 की सुनवाई हेतु इस fe he प्रथम बार पेश हुई। आज सुनवाई के दौरान विपक्षी के प्रतिनिधि द्वारा बताया गया कि वह शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराने के लिए तैयार है, लेकिन शिकायतकर्ता कब्जा प्राप्त करने नहीं आ रहा है। विपक्षी, शिकायतकर्ता की यूनिट की चाबी न्यायालय में जमा करना चाहता है। विपक्षी यदि चाहे, तो यूनिट की चाबी न्यायालय में प्रार्थना-पत्र सहित जमा करा सकता है।
अतः उभयपक्षों को निर्देशित किया जाता है कि शिकायतकर्ता स्वयं एवं उनके विद्वान अधिवक्ता तथा विपक्षी के विद्वान अधिवक्ता एवं विपक्षी के अधिकृत प्रतिनिधि दिनांक 06.07.2026 को व्यक्तिगत रूप से अपराह्न 02:00 बजे इस न्यायालय के समक्ष उपस्थित हो, ताकि पक्षकारों को सुनकर अग्रिम आदेश पारित किया जा सके। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 06.07.2026 को व्यक्तिगत रूप से अपराह्न 02:00 बजे पेश हो। (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण