Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Shweta Anand W/o Shree Manish Kumar Poddar v. Jkg Construction Pvt Ltd
Complaint No. NCR144/07/1138/2019
- Decision date
- 2026-07-21
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
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Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40 //63 सपठित नियम-24 40-शिकायत WAT—NCR44/07/38/209 श्वेता आनंद पत्नी श्री मनीष कुमार पोद्दार बनाम जेकेजी ERM प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 24.07.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता उभयपक्ष अनुपस्थित | आज सुनवाई के दौरान उभयपक्ष अनुपस्थित है। wed शकायत में माननीय पीठ-03 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 24.0:.2020 को निम्नवत आदेश पारित किये गये -हैं:- (क) प्रतिवादी को आदेशित किया जाता है कि प्रत्येक वादी को मार्च 2020 तक ओ.सी. JOM के साथ यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें | (ख) प्रतिवादी, प्रत्येक वादी के बुकिंग तिथि से 3 वर्ष के उपरांत की तिथि से आवंटन पत्र में उललेखित विलम्बित अवधि का ब्याज दिनांक 30.04.206 तक देय होगा। उसके उपरांत दिनांक 04.05.2046 से ओ.सी /सी.सी प्राप्त होने की तिथि या ऑफर ऑफ पजेशन जो बाद में हो, तक MCLRH% वार्षिक ब्याज दर से प्रतिवादी द्वारा प्रत्येक वादी को ब्याज भुगतान किया जायेगा। यह ब्याज धनराशि अंतिम देय धनराशि में समोयोजित की arent | (ग) वादी द्वारा यदि कोई धनराशि का भुगतान करना शेष है तो रेरा अधिनियम की धारा 2 (ai) -के अधीन उस विलम्बित अवधि का ब्याज प्रतिवादी प्राप्त करने का अधिकारी है परन्तु व्याज MCLRH% की दर से अधिक देय नहीं होगा।
(a) प्रतिवादी अनुबंध में निहित प्राविधानों के अनुसार बढ़े हुये एरिया के सम्बंध में पूर्ण विवरण वादीगण को उपलब्ध करायें तथा बढ़े हुये एरिया की धनराशि आवंटन के समय निर्धारित दर से ही धनराशि प्राप्त करें। आदेश की एक-एक प्रति सम्बंधित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं प्रत्येक वाद में पृथक-पृथक रूप से ब्याज गणना की जायेगी। इस आदेश का उल्लंघन उठ्प्र० भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, ooie की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 24.04.2020 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,/63 के अन्तर्गत उक्त आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-03 द्वारा दिनांक 20.0. 2024 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- 4. प्रतिवादी को यह आदेशित किया जाता है कि नवम्बर 2024 तक परिवादी को मूल इकाई का अधिपत्य अनुबंध में निहित मूलभूत सुविधाओं के साथ उपलब्ध कराना सुनिरित करें। 2. प्रतिवादी किसान प्रतिकर, जीएसटी व बिजली कनेक्शन धनराशि सम्बन्धित विभाग को भुगतान किये जाने का रसीद परिवादी को साक्ष्य / प्रमाण के साथ उपलब्ध कराकर ही समानुपातिक रूप से धनराशि प्राप्त कर सकता है परन्तु रख-रखाव शुल्क इकाई का अधिपत्य दिये जाने की तिथि लागू होगा। 3. परिवादी प्रतिवादी को विलम्ब से धनराशि भुगतान किये जाने की स्थिति में आदेश के प्रस्तर संख्या ग के अनुसार परिवादी से धनराशि मय ब्याज प्राप्त करेगा।
सचिव, रेरा को निर्देशित किया जाता है कि उक्त बिन्दुओं को दृष्टिगत रखते हुये परिवादी शिकायत के सम्बन्ध में विलम्बित अवधि का ब्याज आदेश के प्रस्तर ख के अनुसार धनराशि वसूली हेतु वसूली प्रमाण-पत्र जारी करना सुनिश्चित करें। चूंकि प्रतिवादी द्वारा आदेश का अनुपालन नहीं किया गया है, ऐसी स्थिति में पत्रावली को धारा 63 की अग्रिम कार्यवाही हेतु प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। अन्तर्गत धारा-38 /40,/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका। तदोपरान्त श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित कार्यालय आदेश दिनांक 08.04.2026 पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी./ सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को दो माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी. शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराते हुए कब्जा-पत्र की प्रति रेरा पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति 4 हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 24.0.2026 को पेश हो। आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण