Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Deepak Sharma v. La Residentia Developers Private Limited
Complaint No. NCR144/07/0350/2019
Verified by Puneet Jain, Editor
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- Puneet Jain (in this matter)
Source: UP RERA order
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Judgment text
उ0प्र0 भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर। सुनवाई पीठ-04ए आदेश अन्तर्गत धारा-63 श्री राजीव कुमार, माननीय अध्यक्ष शिकायत संख्या —NCR44/07/0350/209 दीपक शर्मा बनाम लॉ रेसीडेन्सिया डेवलपर्स wo fo प्रश्नगत प्रकरण में दिनांक 42.07.202 को आदेश सुरक्षित करते हुए दिनांक 20.07.202 तक उभय पक्ष को लिखित बहस दाखिल करने हेतु निर्देश दिये गये थे, जिसके कम में उभय पक्ष द्वारा अपनी-अपनी लिखित बहस दाखिल की गयी है। eH के तर्कों को सुना गया व et को अवलोकन किया गया।..ः पत्रावली के अवलोकन से विदित है कि विपक्षी द्वारा पूर्व में पारित आदेश दिनांक 09.04.2020 का अनुपालन नहीं किया गया है। भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2046 का मुख्य उद्देश्य यह है कि भू-सम्पदा सेक्टर में उपभोक्ताओं के हितों का संरक्षण किया जाए तथा विवादों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। इस उददेश्य की पूर्ति हेतु प्राधिकरण को रेरा अधिनियम के अन्तर्गत दायित्व तथा शक्तियाँ प्रदान की गयी हैं। धारा- 34(8) भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 20:6 4 प्राधिकरण के कृत्यों का उल्लेख किया गया है। धारा- 34(g) में निम्नलिखित प्राविधान है:-- "34(g). to ensure compliance of its regulations or orders or directions made in exercise of its powers under this Act;" धारा-38 भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2046 के प्राविधान के अनुसार प्राधिकरण को यह अधिकार दिया गया है कि प्रोमोटर द्वारा उस पर डाली गयी बाध्यताओं का उल्लंघन किया जाता है, तो प्राधिकरण इस अधिनियम और उसके अधीन a बनाए गए नियमों एवं विनियमों के अधीन पैनाल्टी या ब्याज अधिरोपित कर सकता है। धारा-38 रेरा अधिनियम निम्नवत है:-
"38. (() The Authority shall have powers to impose penalty or interest, in regard to any contravention of obligations cast upon the promoters, the allottees and the real estate agents, under this Act or the rules and the regulations made thereunder. (2) The Authority shall be guided by the principles of natural justice and, subject to the other provisions of this Act and the rules made thereunder, the Authority shall have powers to regulate its own procedure. (3) Where an issue is raised relating to agreement, action, omission, practice or procedure that— (a) has an appreciable prevention, restriction or distortion of ; competition in connection with the development ofarealestate > हि project; or (b) has effect of market power of monopoly situation being abused for affecting interest of allottees adversely, then the Authority, may suo motu, make reference in respect of such issue to the Competition Commission of India." धारा-63 भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2046 में प्राधिकरण को यह अधिकार दिया गया है कि अगर प्रोमोटर प्राधिकरण के आदेश का अनुपालन करने में असमर्थ रहता है, तो प्राधिकरण प्रोमोटर के विरूद्ध प्रोमोटर की भू-सम्पदा परियोजना की अनुमानित लागत का 5 प्रतिशत तक पैनालटी लगा सकता है। ies निम्नवत a
“63. If any promoter, who fails to comply with, or contravenes any of the orders or directions of the Authority, he shall be liable to a penalty for every day during which such default continues, which may cumulatively extend up to five per cent., of the estimated cost of the real estate project as determined by the Authority.” ०) यहाँ यह उल्लेखनीय है कि धारा-40 Tere (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2046 के अध्याय-5 के अन्तर्गत आता है, जो कि भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण से सम्बन्धित है तथा धारा-63 भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2046 के अध्याय-8 के अन्तर्गत आता है जोकि अपराध, शास्तियाँ और न्यायनिर्णयन से सम्बन्धित है। उपरोक्त प्राविधानों से यह स्पष्ट है कि रेरा अधिनियम के अन्तर्गत प्राधिकरण को यह अधिकार दिया गया है कि प्राधिकरण प्रोमोटर द्वारा आदेशों का अनुपालन न करने पर धारा-40 के अन्तर्गत अपने आदेशों का कियान्वयन कराए तथा धारा-63 के अन्तर्गत प्रोमोटर पर अर्थदण्ड लगाए। प्राधिकरण दोनों कार्यवाही एक साथ कर सकता है। प्रश्नगत प्रकरण में शिकायतकर्ता द्वारा रेरा पोर्टल के माध्यम से आदेश कियान्वयन कराये जाने हेतु आवदेन किया गया, जिस पर प्राधिकरण द्वारा विपक्षी को नोटिस जारी करते हुए दिनांक t0.08.2000 तक उक्त आदेश का अनुपालन कर, अनुपालन AAT प्ररतुत करने हेतु निर्देश दिये गये, परन्तु विपक्षी द्वारा अनुपालन आख्या उपलब्ध नहीं करायी गयी।
प्राधिकरण द्वारा कारण दर्शाओ नोटिस दिनांक 28.09.2020 को जारी करते हुए विपक्षी को निर्देशित किया गया है कि वह दिनांक 45.40.2020 तक उक्त आदेश का SST कर, अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने हेतु निर्देश दिये गये, जिसके कम में विपक्षी द्वारा freee काय हत कर क्या ee EB ere दिनांकित 08.40.2020 दाखिल करते हुए कहा कर कब्जा दे दिया जायेगा। प्राधिकरण द्वार। धारा-63 के अन्तर्गत दिनांक 2.07.2024 को सुनवाई की गयी, जिसमें शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि मय ब्याज वापस दिलाये जाने का अनुरोध किया गया है, जिस पर विपक्षी द्वारा अवगत कराया गया कि शिकायतकर्ता को आगामी 3 माह में यूनिट का कब्जा दे देगें। शिकायतकर्ता द्वारा लिखित बहस दिनांकित 43.07.2024 दाखिल करते हुए कहा गया है कि विपक्षी द्वारा उनकी जमा धनराशि वापिस नहीं की गयी है। विपक्षी द्वारा लिखित बहस दिनांकित 45.07.2024 दाखिल करते हुए कहा गया है कि परियोजना राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा निर्माण कार्य पर प्रतिबन्ध लगाये जाने के कारण प्रभावित हुई, जिसके कारण विपक्षी को कब्जा दिये जाने का लक्ष्य प्राप्त नहीं हो सका। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील संख्या-940 ,“ 2047 “बिकम चटर्जी एवं अन्य बनाम यूनियन ऑफ इंडिया” में पारित आदेश दिनांक 23.07.2049 में 632 यूनिटों को आम्रपाली ग्रुप को स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। शिकायतकर्ता को मार्च 2022 तक कब्जा दे दिया जायेगा |
माननीय सर्वोच्च न्यायालय सिविल अपील संख्या-940 ,/ 2047 "बिकम चटर्जी एवं अन्य बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य" में आई.ए. नं०-468486 ,// 2048, आई. ए. नं0-09882 /2020, आई.ए. नं0-444865 ,// 2020, आई.ए. नं0-453344 /2049, आई.ए... नं०-420307/ 2020, आई.ए..._ नं0-423299 / 20200 wi andy. नं0--6397 /202 (लॉ रेसीडेन्सिया प्रोजेक्ट के सम्बन्ध में) में दिनांक 29.06.202 को पृष्ठ संख्या 44 में प्रस्तर 22 व 23 में निम्नलिखित अवधारणा दी गयी है :- "22. Even if the entire project cannot be made over to the NBCC for the reasons stated above, another aspect of the matter that may require consideration is whether the component representing 632 flats could still be made over to the NBCC. However, that course would also not be feasible as those 632 unsold flats are spread over in various towers; some of them are in Phase one while the others are in Phase two and three. 23. An important aspect of the matter is that unlike all the other projects of the Amrapali Group which were made over to the NBCC, the development with respect to the इसी आदेश के पृष्ठ संख्या 43 पर निम्न आदेश पारित किया गया है :- iii. all the amounts received by way of such transactions of sale are credited to a separate account completely under the control of the Receiver and/or his nominee; iv. the cost of the construction with respect to 632 flats, upon due certification by the Chartered accountants of the Company and to the satisfaction of the Receiver, shall be made over to the Company; and
v. it shall however be open to the Receiver to give such advances towards the construction of these 632 flats from and out of the amounts deposited in the account as specified hereinabove, depending upon the stage and progress of construction. उपरोक्त उललेखित आदेश में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा यह पाया गया है कि परियोजना के 632 फ्लैट कई टावरों में फैले हुए हैं और यह feat एक टावर में एक साथ नहीं हैं। परियोजना में मा. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कोर्ट रिसिवर की नियुक्ति भी की जा चुकी है जिसके संरक्षण में परियोजना के निर्माण के लिए धनराशि )) प्राप्त की जा रही है। प्रश्नगत प्रकरण में विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को मार्च 2022 तक कब्जा दिये जाने हेतु समय चाहा गया है। अतः समस्त वर्णित परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए धारा 34 के अर्न्तगत पारित आदेश दिनांकित 09.04.2020 के अनुसार यदि विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को देय ब्याज की धनराशि का भुगतान,/समायोजित करते हुए एकाउण्टस् की प्रतिलिपि दिनांक 3.03.2022 तक रेरा प्राधिकरण के क्रियानव्यन प्रकोष्ठ में दाखिल नहीं की जाती है, तो ऐसी स्थिति में सचिव को निर्देशित किया जाता है कि वह प्रश्नगत प्रकरण में पीठ द्वारा पूर्व में पारित आदेश दिनांक 09.04 2020 के पृष्ठ संख्या-44 के प्रस्तर-3 के अनुसार अप्रैल 2022 के प्रथम सप्ताह में वसूली प्रमाण पत्र जारी करना सुनिश्चित करें और विपक्षी, प्रोमोटर के विरूद्ध रेरा अधिनियम, 20:6 की धारा-63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाये। दिनांक :2५ / ०6 /202 9 ee ८-० as. 08-2) (राजीव कुमार) (अध्यक्ष) oO eT विनियामक eo खखः SOOT विनियामक eo