Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Anil Kumar Agarwal v. Rudra Buildwell Homes Private Limited
Complaint No. NCR144/06/96265/2022
- Decision date
- 2026-03-10
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 ,//40 /63 सपठित नियम-24 44-शिकायत संख्या:-0९0२]44/06/96265/2022 अनिल कुमार अग्रवाल बनाम val बिल्डवेल होम्स प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 40.03.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता अनुपस्थित। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री मुस्कान शर्मा उपस्थित हुई | प्रश्नमत शिकायत में माननीय We-oy ert नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 26.42.2022 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्तागण को यूनिट का कब्जा ओ.सी / सी.सी के साथ 37 जनवरी 2023 तक उपलब्ध करायें एवं नियमानुसार रजिस्ट्री भी कराना सुनिश्चित करें।
2. विपक्षी विलम्ब अवधि के सम्बंध में ब्याज शिकायतकर्ता को दिनांक 04.4.2046 से दिनांक 30.04.2047 तक अनुबंध अनुसार विलम्ब ब्याज देय होगा उसके उपरांत दिनांक 04.05.2047 से ओ.सी./ सी.सी. प्राप्त किये जाने की तिथि अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो, तक की अवधि पर शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर विलम्ब ब्याज के रूप में MCLRH प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की देय धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही इस अवधि में शिकायतकर्ता द्वारा यदि कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। 3. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 2046 की धारा 2(za)(i) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLR+ = प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी।
4... विपक्षी द्वारा शिकायतकर्तागण को 3। जनवरी 2023 तक यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो विपक्षी शिकायतकर्ता को 3 जनवरी 2023 के उपरांत 45 दिन में शिकायतकर्ता द्वारा जमा की गई धनराशि, जमा किये जाने की तिथि से भुगतान किये जाने की तिथि तक ब्याज MCLR+ प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से धनराशि भुगतान करना सुनिश्चित करेंगे। 5... इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 20:6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 6. यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्ता को यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का क्रियान्वयन करा सकेगें। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 26.2.2022 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38 /40/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-04 (पूर्व में पीठ-0ए) द्वारा दिनांक 29.42.2025 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- अतः उपर्युक्त वर्णित तथ्यों एवं समस्त परिस्थितियों के दृष्टिगत पत्रावली नियम-24 में निहित शक्तियों के अधीन पीठ द्वारा aera के अन्तर्गत पारित आदेश, दिनांक 26-42-2022 के प्रस्तर-04 के अनुसार प्रश्नगत यूनिट के भौतिक कब्जे एवं रजिस्ट्री की कार्यवाही हेतु मा. aration अधिकारी के समक्ष सुनवाई के लिए, दिनांक 40-03-2026 को संदर्भित की जाती है।
सचिव, उ.प्र. रेरा प्रकरण में पीठ द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश, दिनांक 26-42-2022 के प्रस्तर-04 तथा धारा-39 के अन्तर्गत पारित आदेश, दिनांक 26-42-2023 के अनुसार दिनांक 28-02-2026 से पूर्व विपक्षी द्वारा देय विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि हेतु वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि से पूर्व मा. न्यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त सचिव, उ.प्र. रेरा पीठ द्वारा पारित आदेश, दिनांक 48-06-2025 के अनुपालन में विपक्षी कम्पनी के विरूद्ध अधिरोपित खर्चा (Cost) ¥5,000/— की वसूली के सम्बन्ध में पृथक से वसूली प्रमाण-पत्र जारी कराना सुनिश्चित करें। यदि मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी नियम-24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते हैं कि विपक्षी / प्रोमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत धारा-34, दिनांक 26-42--2022 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है, तो ऐसी दशा में मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी प्रकरण को रेरा अधिनियम की धारा-63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पीठ को वापस सन्दर्भित कर सकते हैं।
तदोपरान्त अन्तर्गत aise /40/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण मा. Gis—or (पूर्व में पीठ-04ए) द्वारा पारित आदेश दिनांक 29.2.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी. / सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को i5 दिनों के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में आवंटित यूनिट की रजिस्ट्री निष्पादित करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 04.06.2026 को पेश हो। छल न्तटा _ ss (arent आर. th. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण