Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Maqsood Alam and Mohd Rizwan v. Sunworld Residency Private Limited
Complaint No. NCR144/06/96059/2022
- Decision date
- 2026-03-17
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40/63 सपठित नियम-24 25-शिकायत WNT—NCR44/06/96059/2022 मकसूद आलम एवं मोहम्मद रिज़वान बनाम सनवर्ल्ड रेजिडेंसी प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 47.03.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री मिहिर गर्ग उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री राज सिंह उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है और न ही हस्तान्तरण विलेख निष्पादित एवं पंजीकृत कराया गया है।
ged शिकायत में माननीय te-oy द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 42.42.2022 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता के फ्लैट्स की समस्त सुविधाओं को अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 37.07.2023 तक ओ. सी /सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। 2. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह बैंक का अदा की जाने वाली प्री-ई.एम. आई की धनराशि, यदि अवशेष हो अथवा शिकायतकर्ता द्वारा उसका गुगतान किया गया है, तो उसे अंतिम देय धनराशि में समायोजित करना सुनिश्चित करें। 3. इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 20:6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 4. यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो षिकायतकर्ता को यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का क्रियान्वयन करा सकेंगे | विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 42.42.2022 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु ' प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-04 (पूर्व में पीठ-04ए) द्वारा दिनांक 30.42.2025 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है किः-
अतः उपर्युक्त समस्त तथ्यों एवं वर्णित परिस्थितियों के दृष्टिगत पत्रावली नियम-24 में निहित शक्तियों के अधीन पीठ द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश, दिनांक 42--42--2022 के प्रस्तर-04 के अनुसार प्रश्नगत फ्लैट के भौतिक कब्जे एवं रजिस्ट्री तथा उक्त आदेश के प्रस्तर-02 के अनुसार प्री-ई.एम.आई. के समायोजन की कार्यवाही हेतु, मा. न्यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई के लिए, दिनांक 47-03-2026 को संदर्भित की जाती है। यदि मा. न्यायनिर्णायक अधिकारी नियम-24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते हैं कि विपक्षी / प्रोमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत asi, दिनांक 42--42-2022 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है, तो ऐसी दशा में मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी प्रकरण को रेरा अधिनियम की धारा-63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पीठ को वापस सन्दर्भित कर सकते हैं। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण मा. पीठ-0 (पूर्व में पीठ-04ए) द्वारा पारित आदेश दिनांक 30.42.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष आज प्रथम बार पेश By |
विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी. / सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को 2 माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा RI पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें| शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में आवंटित यूनिट की रजिस्ट्री निष्पादित करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 03.06.2026 को पेश हो। (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण