Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
RBC Financial Services Pvt Ltd v. ATS Realty Private Limited
Complaint No. NCR144/06/95971/2022
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2025-11-06
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर। ..' सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40/63 सपठित नियम-24 45-शिकायत WCI—NCR44/06/9597/2022 आरबीसी फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड बनाम एटीएस रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 06.44.2025 ॥ शिकायतकर्ता का ae वीडियो कॉन्फेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री योगेन्द्र सिंह उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री पुनीत जैन उपस्थित हुए। शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है और न ही हस्तान्तरंण विलेख निष्पादित एवं पंजीकृत कराया गया है। ger शिकायत में माननीय पीठ-2 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 26.0.2023 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- ह 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्तागण को आवंटित यूनिट अनुबन्ध के अनुसार समस्त सुविधाओं को पूर्ण कराकर 34 दिसम्बर 2023 तक ओ.सी / सी. सी सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें। ।
2. विपक्षी, अग्रणी शिकायतकर्ता को दिनांक 04.0:.20I8 से ओ.सी,/सी.सी अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि जो बाद में हो तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि Bo 38,48,909 // पर MCLRH प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की जाने वाली धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25. 09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही यदि शिकायतकर्ता का कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। अन्य शिकायतकर्ता के प्रकरण में आवंटन पत्र,/अनुबन्ध के अनुरूप उक्त तालिका में अंकित धनराशि wo 39,97,452/— पर ब्याज की गणना की जायेगी। 5 3. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 206 की धारा 2¢za(i) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी धटा।रल प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु व्याज की घनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी। 4. इस आदेश की एक प्रति सम्बन्धित: पत्रावली पर रखी जाये। 5... इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 206 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा।
6. विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्तागण रेरा प्राधिकरण के माध्यम से आदेश का कियान्वयन करा THA | विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 26.42.2023 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-3 द्वारा दिनांक 24.07. 2025 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है किः- उक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि विपक्षी ने पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 26.40.2023 के क्रम संख्या व 2 का अनुपालन नहीं किया है। उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए पत्रावली रेरा नियमावली 206 के नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत आदेश दिनांक 26.0.2023 के क्रम संख्या 4 के अनुसार यूनिट के भौतिक कब्जे व रजिस्ट्री की कार्यवाही हेतु न््यायनिर्णायक अधिकारी, उ.प्र.रेरा. के समक्ष सुनवाई हेतु दिनांक 06.44.2025 के लिए संदर्भित की जाती है। सचिव, उ.प्र. रेरा, पीठ द्वारा दिनांक 26.0.2023 को धारा-3, के अन्तर्गत पारित आदेश के HA संख्या 2 के अनुसार जमा धनराशि wo 57,60,447/ (रु० एक्यावन लाख साठ हजार एक सौ सत्तरह) पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि 06..2025 से पूर्व न््यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
यदि न्याय निर्णायक अधिकारी नियम 24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते है कि विपक्षी / प्रमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत धारा-34, दिनांकित 26.40.2023 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है तो ऐसी दशा में न्याय निर्णायक अधिकारी प्रकरण में रेरा अधिनियम की धारा 63 क़ी कार्यवाही किये जाने हेतु पत्रावली पीठ को वापस संदर्भित कर सकते है। पु ata अन्तर्गत धारा-38 /40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण मा. पीठ-3 द्वारा पारित आदेश दिनांक 24.07.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। 3, विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी./सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को t5 दिनों के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टलं पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें| शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें| शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति गणना शीट सहित दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 42.0.2026 को पेश हो। ह —h आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण