Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Ibrahim Ali Khan v. Royalgolf link city projects private limited
Complaint No. NCR144/06/95472/2022
- Decision date
- 2026-01-22
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 ,//63 सपठित नियम-24 o—Rrepreacdt WAT—NCR 44/06/95472/2022 इब्राहिम अली खान बनाम रॉयल गोल्फ लिंक सिटी प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 22.04.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन््फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री भावना उपस्थित हुई | विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री ऊर्जा जैन उपस्थित हुई। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है और न ही sean विलेख निष्पादित एवं पंजीकृत कराया गया है। विपक्षी द्वारा अपना जवाब दाखिल किया गया है, जिसमें यह कहा गया कि लीज Ste निरस्त हो चुकी और माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के उपरान्त भी सम्बन्धित अथॉरिटी द्वारा लीज Ss को fee नहीं किया गया है, इसलिए उसे अभी तक यूनिट /परियोजना का ओ.सी. /सी.सी. भी प्राप्त नहीं हुआ है और वह शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं करा पाया है और शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री भी नहीं करा पाया है। प्रश्नगत शिकायत में माननीय पीठ-04ए द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 30.04.2023 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:--
4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्तागण की यूनिटस की समस्त सुविधाओं को अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर कब्जा दिनांक 34.09. 2023 ओ. सी,/सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। 2... विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 29.06.202 से ओ.सी. / सी.सी. प्राप्त किये जाने की तिथि अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो, तक की अवधि पर शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर विलम्ब ब्याज के रूप में MCLR+H प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की देय धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता ae को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही इस अवधि में शिकायतकर्ता द्वारा यदि कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। अन्य मामलों मे विलम्ब की गणना उनके अनुबंध के अनुसार ही देय होगी। दिनांक 44.02.2049 से 05.04.2024 की अवधि जिन मामलों में लागू है वहाँ यह फोर्स मैज्योर अवधि उसी दश में मानी जायेगी यदि इस अवधि मे कोई मांग बिल्डर द्वारा न की गई हो।
3. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 2046 की धारा 2(za)(i) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई व्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLRH प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु व्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी। 4. इस आदेश का versa भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 20:6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत dete होगा। 5. यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्ता को यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का कियान्वयन करा सकेगें। 6. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बन्धित पत्रावलियों पर रखी जाये। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 30.04.2023 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत var आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-02 (पूर्व पीठ-0॥) द्वारा दिनांक 49.42.2024 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है किः- अतः उपर्युक्त वर्णित तथ्यों एवं समस्त परिस्थितियों के दृष्टिगत पत्रावली नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत यूनिट के भौतिक कब्जे की कार्यवाही हेतु मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई हेतु, दिनांक 40.03.2025 को संदर्भित की जाती है।
सचिव, उ.प्र. रेरा प्रश्नगत प्रकरण में पारित आदेश दिनांक 30.04.2023 के प्रस्तर-02 के अनुसार दिनांक 40.03.2025 से पूर्व विपक्षी द्वारा देय विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि हेतु वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि से पूर्व मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। यदि मा. न्यायनिर्णायक अधिकारी नियम-24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते हैं कि विपक्षी / प्रोमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत erst, दिनांक 30.04.2023 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है, तो ऐसी दशा में मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी प्रकरण को रेरा अधिनियम की धारा-63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पीठ को वापस सन्दर्भित कर सकते हैं। get तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38/40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण मा. पीठ-02 (पूर्व पीठ-04) द्वारा पारित आदेश दिनांक 49.42.2024 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई।
विपक्षी द्वारा आज तक माननीय रेरा पीठ- 078 द्वारा पारित आदेश 30.04.2023 के अनुपालन में विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया है और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई गई है, जिससे स्पष्ट है कि विपक्षी द्वारा माननीय रेरा प्राधिकरण के आदेशों की अवहेलना की जा रही है और विपक्षी आदेश दिनांकित 30.04.2023 के अनुपालन में कोई रुचि नहीं ले रहा है। अतः इस सम्बन्ध में विपक्षी पर आदेश का अनुपालन न करने के कारण धारा-63 भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) afefraq—2oie के अन्तर्गत अर्थदण्ड /पेनल्टी अधिरोपित किया जाना आवश्यक होगा। माननीय रेरा पीठ-04ए द्वारा पारित आदेश दिनांक 30.04.2023 के क्रम में प्रस्तुत पत्रावली पीठ के आदेश के उल्लंघन की बाबत भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम-2046 की धारा-63 के अन्तर्गत अर्थदण्ड अधिरोपित हेतु प्राधिकरण के समक्ष पेश हो। आदेश की एक प्रति श्रीमान सचिव, रेरा को प्रेषित की जाये। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह 3 माह के अन्दर यूनिट को तैयार कर, ओ.सी. / सी.सी. प्राप्त कर माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में आवंटित यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 29.04.2026 को पेश हो। (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण