Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Rajender Kumar Baghel v. ATS Realty Private Limited
Complaint No. NCR144/06/95311/2022
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2026-03-13
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 //63 सपठित नियम-24 42—-Prepract PA—NCR44/06/953/2022 राजेंद्र कुमार बघेल बनाम एटीएस रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 3.03.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो amar के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री उत्कर्ष उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री पुनीत जैन उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है और न ही हस्तान्तरण विलेख निष्पादित एवं पंजीकृत कराया गया है। gerd शिकायत में माननीय पीठ-04ए द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 24.02.2023 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4... विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि आदेश अपलोड होने की तिथि से 60 दिन में शिकायतकर्ता को आवंटित यूनिट का कब्जा अनुबन्धानुसार समस्त सुविधाओं को पूर्ण करते हुये ओ.सी,/सी.सी के साथ कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प Yow प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें।
2... विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 0.:2.20:7 से ओ.सी/सी.सी प्राप्त होने की तिथि अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि जो बाद में हो तक शिकायतकर्ता द्वारा स्वयं जमा धनराशि पर MCLRH प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी। व्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनाक 25.03.2020 से दिनाक 25.09.2020 तक एव द्वित्तीय aa अप्रैल 2020 से जून 2024 तक अर्थात दोनों da मिलाकर कुल 09 माह परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही यदि शिकायतकर्ता का कोई अतिदेय (ver Dues) है. तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। अन्य शिकायतकर्तागण के प्रकरणों में आवंटन पत्र/अनुबन्ध के अनुरूप उपरोक्तानुसार पृथक-पृथक रूप से विलम्ब ब्याज की गणना की जायेगी। ™~
3. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता हैं कि रेरा अधिनियम, 2046 की धारा 2(za)(i) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को fear जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLR+H प्रतिशत की व्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी। 4. इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 5. यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्ता को यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का कियान्वयन करा सकेगें। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 24.02.2023 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत vad आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-03 द्वारा दिनांक 08.07. 2024 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- उपरोक्त विश्लेषण व तथ्यों से स्पष्ट है कि विपक्षी ने पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 24.02.2023 के क्रम संख्या 4 व 2 का अनुपालन नहीं किया है।
सचिव, उ.प्र.रेरा को निर्देशित किया जाता है कि भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-38 /40,/63 के अन्तर्गत पीठ द्वारा दिनांक 24.02. 2023 को धारा-34, के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या 2 के अनुसार जमा धनराशि पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी सुनिश्चित करें। विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन न किये जाने के कारण भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 20I6 की धारा-63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाए। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38 /40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित कार्यालय आदेश दिनांक 08.44.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष आज प्रथम बार पेश हुई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी. / सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को 2 माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें| शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा i करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में आवंटित यूनिट की रजिस्ट्री निष्पादित करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 08.06.2026 को पेश हो। nemo (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण