Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Nitin Ahuja and Hiteshi Ahuja v. S. J. P. Hotels & Resorts Pvt Ltd
Complaint No. NCR144/06/76492/2021
- Decision date
- 2026-07-13
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
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Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | ॥ सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 ,/ 40 ,/63 सपठित नियम-24 29-शिकायत GAT—NCR44/06/76492/202 | नितिन अहूजा एवं हितेशी अहूजा बनाम एस. जे. पी. होटल्स एंड रिसॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 43.07.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से उनके विद्वान अधिवक्ता श्री कुश वत्स उपस्थित हुए। सह-आवंटी हितेशी एवं उनके विद्वान अधिवक्ता अनुपस्थित। विपक्षी की ओर से उनकी विद्वान अधिवक्ता सुश्री आशु चौधरी उपस्थित हुई | उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। आज सुनवाई के दौरान हितेशी सह-आवंटी की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुए। विपक्षी द्वारा दाखिल रिकॉल प्रार्थना-पत्र दिनांकित 25.06.2026 के विरुद्ध शिकायतकर्ता द्वारा अपनी आपत्ति दिनांकित 44.07.2026 दाखिल की गई है। उक्त प्रार्थना-पत्र पर उभयपक्षों को सुना गया। क्योंकि विपक्षी द्वारा माननीय रेरा पीठ-04ए द्वारा पारित आदेश दिनांक 27.04.2022 का आज तक अनुपालन नहीं किया गया है और इस पीठ द्वारा आदेश करने के बावजूद भी शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराने हेतु कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी. 2सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित नहीं भेजा गया, इसलिए इस पीठ द्वारा आदेश दिनांक 48.06.2026 को माननीय Wr पीठ-0ए द्वारा पारित आदेश दिनांक 27.04. 2022 का अनुपालन कराने हेतु यूनिट wt Go कर, रिसीवर नियुक्त करने का आदेश पारित किया, ताकि माननीय wr te—oit द्वारा पारित आदेश दिनांक 27.04.2022 का अनुपालन हो सके |
अतः ऐसी स्थिति में आदेश दिनांक 48.06.2026 को रिकॉल किये जाने का कोई न््यायोचित आधार नहीं है। विपक्षी द्वारा दाखिल प्रार्थना-पत्र दिनांकित 25.06.2026 निरस्त किया जाता है। सह-आवंटी हितेशी की ओर से प्रार्थना-पत्र दिनांकित 02.07.2026 को पक्षकार बनाने हेतु प्रस्तुत किया गया था, क्योंकि आवंटन-पत्र एवं रसीदों में सह-आवंटी हितेशी बा का नाम भी है, इसलिए उसको सुनवाई हेतु अवसर दिया जाना न्यायोचित मानते हुए सह-आवंटी हितेशी का नाम सह-आवंटी के रूप में अंकित करने का आदेश दिनांक 06.07.2026 पारित किया गया। आज शिकायतकर्ता श्री नितिन अहूजा के विद्वान अधिवक्ता द्वारा यह भी कहा गया कि आदेश दिनांक 06.07.2026 के विरुद्ध शिकायतकर्ता द्वारा माननीय उ.प्र. भू-सम्पदा अपीलीय अधिकरण में अपील प्रस्तुत की गई है। अत: शिकायतकर्ता श्री नितिन अहूजा को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय उ.प्र. भू-सम्पदा अपीलीय अधिकरण में यदि अपील लम्बित है, तो वह माननीय oy. भू-सम्पदा अपीलीय अधिकरण में लम्बित अपील की अद्यतन स्थिति आदेश सहित शपथ-पत्र के साथ रेरा पोर्टल पर अपलोड एवं भौतिक रूप से रेरा कार्यालय में दाखिल करना सुनिश्चित करें | क्योंकि पर्याप्त प्रयास किये जाने के बावजूद पक्षकारों द्वारा दिये गये प्रार्थना-पत्रों के निस्तारण के कारण प्रश्नगत प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा Re संख्या-9565 / 2026 में पारित आदेश दिनांक 23.03.2026 का अनुपालन 2 माह के अन्दर नहीं हो पाया है। अतः प्रश्नगत प्रकरण में अतिरिक्त समय हेतु माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद को पत्र लिखा जाये। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 22.07.2026 को पेश हो। आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण