Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Nitin Ahuja and Hiteshi Ahuja v. S. J. P. Hotels & Resorts Pvt Ltd
Complaint No. NCR144/06/76492/2021
- Decision date
- 2026-06-18
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40/63 सपठित नियम-24 29-शिकायत WN—NCR 44/06/76492/202 नितिन आहूजा बनाम एस. जे. पी. होटल्स एंड रिसॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 48.06.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता श्री नितिन अहूजा स्वयं उपस्थित हुए एवं उनके विद्वान अधिवक्ता श्री कुश वत्स उपस्थित हुए। सह-आवंटी हितेशी एवं उनके विद्वान अधिवक्ता श्री धीरेश पाण्डेय उपस्थित हुए। विपक्षी अनुपस्थित। पक्षकारों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। सह-आवंटी हितेशी की ओर से उनके विद्वान अधिवक्ता द्वारा शपथ-पत्र इस आशय का दाखिल किया गया है कि उसने धारा-39 के अन्तर्गत सम्बन्धित पीठ के समक्ष प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया है और साथ ही अपनी लिखित बहस दाखिल की गई। प्रश्नगत प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा रिट-सी संख्या-9565 / 2026 में पारित आदेश दिनांकित 23.03.2026 के अनुसार 2 माह के अन्दर प्रकरण का निस्तारण किया जाना है। पत्रावली के अवलोकन से स्पष्ट है कि केवल श्री नितिन अहूजा /आवंटी की ओर से धारा-34 के अन्तर्गत शिकायत दर्ज कराई गई, जिसमें माननीय wr पीठ-0(ए द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 27.04.2022 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह दिनांक 30.06.2022 तक शिकायतकर्ता से प्रश्नगत यूनिट के सापेक्ष अवशेष धनराशि प्राप्त कर, ओ. सी/सी.सी सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें।
2... विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 34.0.2049 से ओ.सी. / सी.सी. प्राप्त किये जाने की तिथि अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो तक की अवधि के लिए शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर MCLR+ प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित कु करें| ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही इस अवधि में शिकायतकर्ता द्वारा यदि कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। 3. विपक्षी को यह भी निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 2046 की धारा Aeay(i) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLR+H प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी। 4... विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह आदेश पोर्टल पर अपलोड होने के 45 दिनों के अन्दर शिकायतकर्ता के पक्ष में उ०प्र० शासन आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग-3 की अधिसूचना संख्या-740 /8-3-48-65 fafar/ ie के दिनांक 47.0.2048 को जारी किये गये एग्रीमेन्ट टू सेल के प्रारूप पंर अनुबन्ध निष्पादित कराना सुनिश्चित करें।
5. विपक्षी द्वारा रेर अधिनियम की धारा-43 (4) के उल्लंघन के सम्बन्ध में सचिव, रेरा विपक्षी के ऊपर दण्डात्मक कार्यवाही करते हुए अर्थदंड अधिरोपित करना सुनिश्चित करें। 6. इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 206 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत dela होगा। 7. यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्ता को यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का कियान्वयन करा wart | नियम-24 की कार्यवाही के दौरान सह-आवंटी हितेशी, जिनका अब विवाह-विच्छेद हो चुका है, उपस्थित हुई और उसने बताया कि वह आवंटित यूनिट में सह-आवंटी है और उसने भी विपक्षी को यूनिट के सम्बन्ध में धनराशि जमा की है, लेकिन माननीय रेरा पीठ-04ए द्वारा धारा-34 में पारित आदेश दिनांक 27.04.2022 एवं धारा-63 में पारित आदेश दिनांक 02.03.2023 में विपक्षी /प्रमोटर को केवल श्री नितिन अहूजा/आवंटी के नाम यूनिट की रजिस्ट्री कराने और यूनिट का कब्जा दिये जाने के आदेश हैं। सम्बन्धित पीठ द्वारा जो मूल आदेश पारित किया गया है, उसमें बुकिंग फार्म के सम्बन्ध में पत्र की प्रति एवं रसीदों में सह-आवंटी हितेशी का नाम होने के बावजूद भी उसके सम्बन्ध में कोई आदेश पारित नहीं किया गया है और न ही सह-आवंटी हितेशी द्वारा भुगतान की गई धनराशि को वापस किये जाने अथवा न किये जाने का उल्लेख किया गया है।
क्योंकि आज सुनवाई के दौरान विपक्षी अनुपस्थित है और विपक्षी द्वारा माननीय रेरा पीठ-04ए द्वारा पारित आदेश दिनांक 27.04.2022 का अनुपालन नहीं किया गया है। ऐसी स्थिति में क्योंकि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा रिट-सी संख्या-9565 / 2026 में पारित आदेश दिनांकित 23.03.2026 के अनुसार 2 माह के अन्दर प्रकरण का निस्तारण किया जाना है। अतः ऐसी स्थिति में शिकायतकर्ता /श्री नितिन अहूजा को कब्जा उपलब्ध कराये जाने हेतु एवं आदेश दिनांकित 27.04.2022 का अनुपालन कराये जाने हेतु आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत कार्यवाही करने के अलावा कोई विकल्प शेष नहीं है। अतः ऐसी स्थिति में नियम-24 में दी गई व्यवस्था के अनुसार और नियम-24 की कार्यवाही के अन्तर्गत शिकायतकर्ता / श्री नितिन अहूजा को कब्जा उपलब्ध कराये जाने हेतु आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए तथा कार्यालय आदेश संख्या-3839 / यू पी.रेरा / प्रशा.// 2025-26... दिनांक 28.08.2025.. के अनुसार परियोजना-शा85० Wynn Boulevard में शॉप /यूनिट WAI-UGF30 को इस न्यायालय द्वारा कर्क किया जाता है तथा कार्यालय आदेश संख्या-42482 / यू पी.रेरा / प्रशा. /2024-25 दिनांक 24.08.2024 के अनुसार श्री रजत शर्मा, अवर afta को रिसीवर नियुक्त किया जाता है।
अतः श्री रजत शर्मा, अवर अभियंता को निर्देशित किया जाता है कि वह यूनिट को कुर्क कर न्यायालय के कब्जे में लेकर अपनी आख्या 45 दिनों के अन्दर इस न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करें, ताकि आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए स्वयं इस न्यायालय द्वारा शिकायतकर्ता /श्री नितिन अहूजा को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराया जा सके और यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सके एवं आदेश दिनांक 27.04.2022 का अनुपालन कराया जा सके। श्री रजत शर्मा, अवर अभियंता को यह भी निर्देशित किया जाता है कि वह जहाँ तक संभव हो यूनिट की कुर्की शिकायतकर्ता एवं उनके अधिकृत प्रतिनिधि / अधिवक्ता तथा विपक्षी के प्रतिनिधि /अधिवक्ता की उपस्थिति में पूर्ण करेंगे और उभयपक्ष एवं उनके प्रतिनिधि को पहले से ही इस सम्बन्ध में अवर अभियंता द्वारा सूचित किया जाये। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 06.07.2026 को पेश हो। (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण