Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Nitin Ahuja and Hiteshi Ahuja v. S. J. P. Hotels & Resorts Pvt Ltd
Complaint No. NCR144/06/76492/2021
- Decision date
- 2026-06-10
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40/63 सपठित नियम-24 सपठित नियम-24 45-शिकायत PAT—NCR44/06/76492/202 नितिन आहूजा बनाम एस. जे. पी. होटल्स एंड रिसॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 40.06.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता श्री नितिन अहूजा स्वयं उपस्थित हुए एवं उनके विद्वान अधिवक्ता श्री कुश वत्स उपस्थित हुए। सह-आवंटी हितेशी एवं उनके विद्वान अधिवक्ता श्री धीरेश पाण्डेय उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से उनके विद्वान अधिवक्ता सुश्री आशु चौधरी उपस्थित हुई । पक्षकारों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। विपक्षी की ओर से लिखित बहस दिनांकित 04.06.2026 दाखिल की गई। शिकायतकर्ता श्री नितिन अहूजा की ओर से भी लिखित बहस दिनांकित 8.05.2026 दाखिल की गई है। सह-आवंटी हितेशी एवं उनके विद्वान अधिवक्ता यदि कोई बहस दाखिल करना चाहते हैं, तो एक सप्ताह के अन्दर दाखिल कर सकते हैं। प्रश्नगत प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा रिट-सी संख्या-9565 / 2026 में पारित आदेश दिनांकित 23.03.2026 के अनुसार 2 माह के अन्दर प्रकरण का निस्तारण किया जाना है, इसलिए अग्रिम नियत तिथि पर किसी भी पक्ष का कोई स्थगन स्वीकार नहीं किया जायेगा। प्रकरण में श्री नितिन ager एवं हितेशी दोनों पक्षों द्वारा विवाह-विच्छेद के साक्ष्य उपलब्ध कराये गये है, जिससे विविद है कि उनके मध्य विवाह-विच्छेद हो चुका है।
प्रश्नगत प्रकरण में हितेशी माननीय रेरा पीठ द्वारा पारित est के आदेश दिनांक 27.04.2022 में पक्षकार नहीं है और न ही धारा-34 /40/ 63 द्वारा पारित आदेश दिनांक 02.03.2023 में पक्षकार है। माननीय Wr पीठ द्वारा धारा-3॥ के अन्तर्गत जो निर्णय पारित किया गया है, उसमें अकेले श्री नितिन अहूजा को कब्जा देने एवं रजिस्ट्री कराने का आदेश है। हितेशी की ओर से यह बताया गया कि उसके द्वारा धारा-34 के आदेश न को संशोधित करने हेतु सम्बन्धित पीठ में धारा-39 के अन्तर्गत प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया गया है। सह-आवंटी हितेशी एवं उनके विद्वान अधिवक्ता को निर्देशित किया जाता है कि वह एक सप्ताह के अन्दर सम्बन्धित पीठ में लम्बित धारा-39 की कार्यवाही की अद्यतन स्थिति प्रार्थना-पंत्र / शपथ-पत्र सहित दाखिल करना सुनिश्चित करें। अन्यथा की स्थिति में माननीय ww पीठ द्वारा ana के पारित आदेश में क्योंकि हितेशी के नाम कब्जा देने एवं रजिस्ट्री कराने का कोई आदेश नहीं है। तद्पश्चात ARI-34 के आदेश के क्रियान्वयन हेतु अग्रिम कार्यवाही की जायेगी। विपक्षी की ओर से अपनी गणना शीट बकाया देयों के सम्बन्ध में दाखिल नहीं की गई है।
विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह बकाया देयों की गणना सहित कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी.,/ सी.सी. सहित माननीय रेरा पीठ द्वारा ARI-3" में पारित आदेश के अनुपालन में आवंटी श्री नितिन अहूजा को एक सप्ताह के अन्दर भेजना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें, ताकि माननीय रेरा पीठ द्वारा पारित आदेश का निष्पादन कराया जा सके और और श्री नितिन अहूजा /आवंटी से बकाया देयों का भुगतान कराकर, शिकायतकर्ता / नितिन अहूजा को यूनिट का कब्जा दिलाया जा सके और उसके पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सके। पत्रावली अग्निम सुनवाई हेतु दिनांक 48.06.2026 को पेश हो। =i fh. (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण