Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Nitin Ahuja and Hiteshi Ahuja v. S. J. P. Hotels & Resorts Pvt Ltd
Complaint No. NCR144/06/76492/2021
- Decision date
- 2026-01-22
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40/63 सपठित नियम-24 44-शिकायत संख्या:-0८7]44/06/76492/202] नितिन आहूजा बनाम एस. जे. पी. होटल्स एंड रिसॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 22.04.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता श्री नितिन अहूजा स्वयं उपस्थित हुए एवं उनके विद्वान अधिवक्ता श्री कुश वत्स उपस्थित हुए। सह-आवंटी हितेशी एवं उनके अधिवक्ता अनुपस्थित। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री आशु चौधरी उपस्थित हुई । पक्षकारों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। विपक्षी द्वारा कहा गया कि नितिन अहूजा एवं हितेशी दोनों प्रस्तुत मामले में आवंटी है और विपक्षी दोनों के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री करने के लिए तैयार है, लेकिन पक्षकारों (नितिन अहूजा एवं हितेशी) के मध्य विवाह विच्छेद की कार्यवाही तथा व्यावहारिक विवाद के कारण दोनों पक्ष एक-साथ रजिस्ट्री कराने के लिए तैयार नहीं है। पत्रावली के अवलोकन से यह भी स्पष्ट है कि धारा-34 के अन्तर्गत माननीय पीठ-04ए द्वारा पारित आदेश दिनांकित 27.04.2022 में हितेशी को पक्षकार नहीं बनाया गया है और न ही उसे सुना गया। श्री नितिन अहूजा की ओर से ही asi के अन्तर्गत प्रश्नगत शिकायत को योजित किया गया, जिसमें माननीय dre—oiy द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 27.04.2022 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:-
4. faveft को आदेशित किया जाता है कि वह दिनांक 30.06.2022 तक शिकायतकर्ता से प्रश्ननत यूनिट के सापेक्ष अवशेष धनराशि प्राप्त कर, ओ. सी/सी.सी सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें। 2... विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 3.:0.20:9 से ओ.सी./सी.सी. प्राप्त किये जाने की तिथि अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो तक की अवधि के लिए शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर MCLR+ प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें| ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज —=— की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही इस अवधि में शिकायतकर्ता द्वारा यदि कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। 3. विपक्षी को यह भी निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 2046 की धारा 2(2४)6) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLRH प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी।
4... विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह आदेश पोर्टल पर अपलोड होने के 45 दिनों के अन्दर शिकायतकर्ता के पक्ष में उ०प्र० शासन आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग-3 की अधिसूचना संख्या-4740,//8-3-48-65 fafa /is के दिनांक 47.0.2048 को जारी किये गये Wikre टू सेल के प्रारूप पर अनुबन्ध निष्पादित कराना सुनिश्चित करें। 5. विपक्षी द्वारा ta अधिनियम की धारा-43 () के उल्लंघन के सम्बन्ध में सचिव, रेरा विपक्षी के ऊपर दण्डात्मक कार्यवाही करते हुए अर्थदंड अधिरोपित करना सुनिश्चित करें। 6. इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 7. यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्ता को यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का कियान्वयन करा सकेगें। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 27.04.2022 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. dro—oiv द्वारा दिनांक 02.03. 2023 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:-
वर्णित तथ्यों एवं समस्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए यदि विपक्षी द्वारा दिनांक 30.04.2023 तक यूनिट का कब्जा दिये जाने की सूचना, आदेश दिनांक 27.04. 2022 के अनुसार अंतिम अकाउन्टस् सैटेल कर रेरा पोर्टल पर अपलोड नहीं की जाती है, तो दिनांक 30.04.2023 के बाद सचिव, रेरा प्रकरण में आदेश दिनांक 27.04.2022 के अनुसार विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करायें, जिसके उपरान्त पत्रावली भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण के नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत यूनिट के कब्जे की कार्यवाही हेतु न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष संदर्भित की जाये। Q_ न््यायनिर्णायक अधिकारी के द्वारा कार्रवाई सम्पन्न करने के उपरान्त पत्रावली रेरा अधिनियम, 2046 की धारा 63 के अन्तर्गत विपक्षी के विरूद्र यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु प्राधिकरण के समक्ष पेश की जायेगी। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38/40 /63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण मा. पीठ-0१ए द्वारा पारित आदेश दिनांक 02.03.2023 के अनुसार नियम-24 की कार्यवाही हेतु पत्रावली इस पीठ को संदर्भित की गई। आज सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता श्री नितिन अहूजा द्वारा बताया गया कि वह एकमात्र अकेला आवंटी है, जबकि हितेशी भी अपने को प्रश्नगत मामले में सह-आवंटी बताते हुए आयी है, लेकिन किसी भी पक्ष द्वारा बी.बी.ए की प्रति पत्रावली पर दाखिल नहीं की गई है और न ही रेरा पोर्टल पर अपलोड की गई है। यद्यपि विपक्षी द्वारा दाखिल रसीदों से स्पष्ट है कि हितेशी द्वारा भी धनराशि का भुगतान किया गया है।
अतः उभयपफक्षों को निर्देशित किया जाता है कि वे बी.बी.ए की प्रति एक सप्ताह के अन्दर रेरा पोर्टल पर अपलोड एवं भौतिक रूप से रेरा कार्यालय में दाखिल करना सुनिश्चित करें, ताकि उसका अवलोकन करने के उपरान्त इय न्यायालय द्वारा अग्रिम आदेश पारित किया जा सके | हितेशी एवं उनके विद्वान अधिवक्ता आज सुनवाई के दौरान अनुपस्थित है। अतः हितेशी और उनके विद्वान अधिवक्ता की रजिस्टर्ड ई-मेल पर नोटिस जारी हो कि वे दिनांक 47.03.2026 को इस न्यायालय के समक्ष वीडियो amphi के माध्यम से उपस्थित होकर अपना vet प्रस्तुत करें| पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 47. 03.2026 को पेश हो। हा . सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण