Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Krishan Gopal Suri and Rajni Suri v. Sikka Infrastructure Pvt Ltd
Complaint No. NCR144/06/55075/2020
- Decision date
- 2026-08-21
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40/63 सपठित नियम-24 20-शिकायत WM:—NCR44/06/55075/2020 कृष्ण गोपाल सूरी एवं रजनी सूरी बनाम सिक्का इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 24.08.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो week के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री अमित यादव उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री विकास पाण्डेय उपस्थित हुए। gama werd में माननीय पीठ-02 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 09.02.2024 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्तागण के यूनिट्स की समस्त सुविधाओं को आवंटन / अनुबन्ध पत्र के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 30.04.2024 तक ओ.सी./ सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प Yow प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री कराएं।
> विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 42.06.20I6 से ओ.सी./ सी.सी. प्राप्त होने अथवा कब्जा ऑफर किये जाने, जो भी बाद में हो, की तिथि तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर MCLRH प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर से विलम्बित अवधि का ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाता है कि ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी और यदि ब्यांज की धनराशि देय धनराशि से अधिक है, तो नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की जाये। अन्य शिकायतकर्तागण के प्रकरण में अनुबन्ध के अनुरूप उपरोक्तानुसार गणना की जायेगी। कोविड-49 की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु देश में हुए लॉकडाउन एवं फोर्स मैज्योर को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जाएगी। —— 3. विपक्षी, उपरोक्तानुसार कब्जा ऑफर पत्र ओ.सी. मिलने के उपरान्त जारी करना सुनिश्चित करें। ह 4... विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम 20:6 की धारा 2 (zaj(i) के अन्तर्गत रेरा लागू होने के बाद यदि कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। राज्य सरकार -द्वारा अधिसूचित ब्याज दर MCLRH प्रतिशत है। 5. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बंधित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस आदेश में प्रतिपादित fer के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी | इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 20i6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा।
विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 09.02.2024 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-02 द्वारा दिनांक 22.40. 2024 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- शिकायतकर्ता अपनी जमा धनराशि ब्याज सहित वापस पाने के सम्बंध में श्रेराए पोर्टल पर वाद दर्ज कराये जाने हेतु स्वतंत्र होंगे। यह स्पष्ट है कि विपक्षी द्वारा आदेश का उल्लंघन किया गया है। ऐसे में इस पत्रावली को धारा-63 के अन्तर्गत कार्यवाही किये जाने हेतु प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत की जाए। अग्रिम कार्यवाही हेतु पत्रावली क्रियान्वयन प्रकोष्ठ में भेज दी जाए। शिकायतकर्ता द्वारा पुनः प्रार्थना-पत्र धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत आदेश के निष्पादन हेतु प्रस्तुत किया गया, जिस पर मा. पीठ-2 (पूर्व पीठ-04) द्वारा दिनांक 25.06.2026 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- अतः उपर्युक्त वर्णित तथ्यों एवं समस्त परिस्थितियों के दृष्टिगत पत्रावली नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत यूनिट के भौतिक कब्जे की कार्यवाही हेतु मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई हेतु, दिनांक 2i-08-2026 को संदर्भित की जाती है। सचिव, उ.प्र. रेरा प्रश्नगत प्रकरण में पारित आदेश दिनांक 09.02.2024 के प्रस्तर-02 के अनुसार दिनांक 05-08-2026 से पूर्व विपक्षी द्वारा देय विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि हेतु वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि से पूर्व मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। ह he”
यदि मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी नियम-24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते हैं कि विपक्षी / प्रोमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत धारा-34, दिनांक 09.02.202 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है, तो ऐसी दशा में मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी प्रकरण को रेरा अधिनियम की धारा-63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पीठ को वापस सन्दर्भित कर सकते हैं। अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सकी। तदोपरान्त मा. पीठ-02 (पूर्व पीठ-04) द्वारा पारित आदेश दिनांक 25.06.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई | उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। विपक्षी द्वारा माननीय भू-सम्पदा अपीलीय अधिकरण द्वारा पारित आदेश दिनांक 08.04.2026 दाखिल किया गया है। विपक्षी द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद, लखनऊ पीठ में लम्बित अपील संख्या-65 / 2026 दाखिल की गई है, जिसमें माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद, लखनऊ पीठ द्वारा दिनांक 29.05.2026 को यह आदेश पारित किया गया कि उक्त अपील की सुनवाई तक माननीय भू-सम्पदा अपीलीय अधिकरण a आदेश दिनांक 08.04.2026 के अनुपालन में कार्यवाही न की जाये। लेकिन माननीय रेरा पीठ संख्या-02 द्वारा दिनांक 25.06.2026 को धारा-38 /40,/63 के अन्तर्गत आदेश पारित करते हुए प्रश्नगत पत्रावली नियम-24 के अन्तर्गत इस पीठ को संदर्भित की गई है।
विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 09.02.2024 का अनुपालन कब्जे एवं रजिस्ट्री के सम्बन्ध में करते हुए अपनी अनुपालन आख्या 3 माह के अन्दर रेरा पोर्टल पर अपलोड एवं भौतिक रूप से रेरा कार्यालय में दाखिल करना सुनिश्चित करें। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 25.4.2026 को पेश हो। जा आर. पी. सिंह ॥ (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण