Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Chanchal Dwivedi v. Nandi Infratech Pvt Ltd
Complaint No. NCR144/06/54350/2020
- Decision date
- 2026-06-04
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40,//63 सपठित नियम-24 25-शिकायत WAT—NCR44/06/54350/2020 चंचल द्विवेदी बनाम नंदी इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 04.06.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता स्वयं उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री सुरेश चन्द्र शर्मा उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावलीं का अवलोकन किया गया। विपक्षी द्वारा रेरा अधिकृत सी.ए की आख्या के विरुद्ध अपनी आपत्ति दाखिल की गई है, जिसमें कब्जे के समय अन्य चार्जेज़ के सम्बन्ध में 2 वर्ष का मेन्टेनेन्स &67,490/-, 4 वर्ष क्लब चार्ज रु. 40,000 /-, किसान प्रतिकर रु.50,480 />, किश्तों में विलम्ब ब्याज रु.3,।7,225 एवं होल्डिंग चार्ज रु2.79,850,/- eat गये हैं और विपक्षी द्वारा यह कहा गया कि शिकायतकर्ता से उक्त धनराशि दिलाई जाये। रेरा अधिकृत सी.ए की आख्या के अनुसार रु.5,33,357 /— शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी को अदा करने है। विपक्षी द्वारा स्वयं यूनिट का समय से कब्जा न दिये जाने के कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत माननीय रेरा पीठ-02 में शिकायत दर्ज कराइ गई, जिसमें माननीय रेरा पीठ द्वारा दिनांक 9.02.2024 को कब्जा उपलब्ध कराये जाने एवं शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराये जाने हेतु आदेश पारित किया गया, लेकिन विपक्षी द्वारा आज तक शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया है और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई गई है।
अतः क्योंकि विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को समय से यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया है और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई गई है, ऐसी स्थिति में उ.प्र. भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) (विक्रय/पट्टा के लिए करार) नियमावली-2048 के नियम-9.2 के अनुसार शिकायतकर्ता, विपक्षी को कोई होल्डिंग चार्ज अदा करने के लिए बाध्य नहीं है। “सु... क्योंकि शिकायतकर्ता को अभी तक यूनिट का कब्जा प्राप्त नहीं हुआ है, इसलिए शिकायतकर्ता पिछला कोई मेन््टेनेन्स विपक्षी को अदा करने के लिए बाध्य नहीं है। जहाँ तक विलम्ब ब्याज का प्रश्न है, तो माननीय रेरा पीठ-02 द्वारा पारित आदेश दिनांक 49.02.2024 के अनुसार यदि शिकायतकर्ता द्वारा धनराशि अदा करने में विलम्ब किया गया है, तो ऐसी स्थिति में शिकायतकर्ता, विपक्षी को विलम्ब ब्याज अदा करने के लिए उत्तरदायी होगा। जहाँ तक किसान प्रतिकर का प्रश्न है, तो विपक्षी इस सम्बन्ध में प्रमाण दाखिल करें कि उसके द्वारा किसान प्रतिकर के मद में धनराशि अदा की गई है। तद्पश्चात ही शिकायतकर्ता किंसान प्रतिकर अदा करने के लिए बाध्य होगा। विपक्षी द्वारा दाखिल आपत्ति तदनुसार निस्तारित की जाती है। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह इस आदेश के अनुपालन में नया मांग-पत्र बनाकर शिकायतकर्ता को एक सप्ताह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें। तद्पश्चात शिकायतकर्ता, विपक्षी को आवंटित यूनिट के मद में बकाया धनराशि का भुगतान करें। यदि विपक्षी द्वारा उक्त धनराशि प्राप्त नहीं की जाती है, तो शिकायतकर्ता उक्त बकाया धनराशि का डिमाण्ड ड्राफ्ट विपक्षी के नामा बनाकर रेरा कार्यालय में दाखिल करें| पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 22.06.2026 को पेश हो।
आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण