Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Chanchal Dwivedi v. Nandi Infratech Pvt Ltd
Complaint No. NCR144/06/54350/2020
- Decision date
- 2026-02-02
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40/63 सपठित नियम-24 5-शिकायत PeI:—NCR44/06/54350/2020 चंचल द्विवेदी बनाम नंदी इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 02.02.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉम्रैंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता स्वयं उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री सुरेश चन्द्र शर्मा उपस्थित हुए। प्रस्तुत शिकायत नियम-24 के अन्तर्गत दिनांक 6.03.2026 को नियत थी। शिकायतकर्ता द्वारा प्रार्थना-पत्र डाक के माध्यम से दिनांक 6.0:.2026 को माननीय उच्च zara के आदेश दिनांक 77.42.2025 सहित दाखिल करते हुए प्रश्नगनत शिकायत को शीघ्र सुनवाई हेतु नजदीक की तिथि नियत किये जाने का अनुरोध किया। याचिका संख्या-43547 / 2025 में माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार आज की सुनवाई नियत की गई और उभयपक्षों को लिंक प्रेषित किया गया। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है और न ही examen विलेख निष्पादित एवं पंजीकृत कराया गया है।
gen शिकायत में माननीय पीठ-02 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 9.02.2024 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता के यूनिट की समस्त सुविधाओं को आवंटन पत्र,/अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 3.03.2027 तक ओ. G/M. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प Yow प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें। 2... विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 26.47.20I8 से ओ.सी /सी.सी प्राप्त होने अथवा कब्जा ऑफर किये जाने, जो भी बाद में हो, की तिथि तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर MCLRH प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर से विलम्बित अवधि का ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाता है कि ब्याज की यह धनराशि ै- अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी और यदि ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक है, तो नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की vig! wifas—t9 की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु देश में हुए लॉकडाउन एवं फोर्स मैज्योर को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जाएगी। 3. विपक्षी, उपरोक्तानुसार संशोधित कब्जा ऑफर पत्र ओ.सी./सी.सी. सहित जारी करना सुनिश्चित करें | 4... विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि अनुबन्ध के समय सुपर एरिया के विभिन्न मदों का विवरण वर्तमान में उन्हीं मदों में परियोजना के परिवर्तित क्षेत्रफल व उस परिवर्तन का कारण बताते हुए एवं दोनों स्थितियों में शिकायतकर्ता के क्षेत्रफल की गणना का आधार आर्किटेक्ट से प्रमाणित कराकर शिकायतकर्ता को स्पष्ट करना सुनिश्चित करें एवं वेबसाईट पर डालने के बाद ही अतिरिक्त क्षेत्रफल की धनराशि प्राप्त करेगें।
5. विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम 2046 के धारा 2 (&४)6) के अन्तर्गत यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित ब्याज दर MCLR+ प्रतिशत है। इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 49.02.2024 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40/63 -के अन्तर्गत vad आदेश के fae हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-02 द्वारा दिनांक 04.05. 2023 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- अत: वर्णित तथ्यों एवं समस्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए सचिव रेरा को निर्देशित किया जाता है कि प्रश्नगत प्रकरण में पीठ द्वारा दिनांक 49.02.2024 को धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या 2 के अनुसार विलम्बित अवधि का ब्याज धनराशि वसूली हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करना सुनिश्चित करें| विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन न किये जाने के कारण रेरा अधिनियम, 2046 की धारा-63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाएगी। आदेश की प्रति सचिव रेरा को प्रेषित हो। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38 /40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण मा. पीठ-02 द्वारा पारित आदेश दिनांक 07.05.2023 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई।
विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी.,/सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (धदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को एक सप्ताह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में आवंटित यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई aoe हो, तो वह अपनी आपति गणना शीट सहित दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 05.03.2026 को पेश हो। (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण