Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Poonam Sinha and Ashwini Kumar v. Sikka Infrastructure Pvt Ltd
Complaint No. NCR144/06/54269/2020
- Decision date
- 2026-04-30
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40 //63 सपठित नियम-24 22-शिकायत AAT:—NCR44/06/54269/2020 पूनम सिन्हा एवं अशि्विनी कुमार बनाम सिक्का इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 30.04.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो opi के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता अनुपस्थित। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री मुस्कान शर्मा उपस्थित हुई। सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। प्रश्नगत शिकायत में माननीय पीठ-02 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 49.44.2020 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4 विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह अपनी परियोजना के विकसित टावर्स में शिकायतकर्तागण की सहमति से, पूर्व में तय दरों पर, समकक्ष इकाई का वैकल्पिक यूनिट उपलब्ध कराकर दिनांक 34.03.2024 तक ओ.सी.,/सी.सी. सहित कब्जा दें अन्यथा मूल आवंटित यूनिट की समस्त सुविधाओं को आवंटन पत्र,/अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 34.08.2024 तक ओ.सी./ सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें।
2... विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 03.:220I6 से (क) ओ.सी /सी.सी. प्राप्त होने अथवा इलैक्ट्रिकल सर्टिफिकेट, फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट, स्ट्रक्चरल सर्टिफिकेट, लिफ्ट इन्स्टालेशन सर्टिफिकेट सहित ओ.सी./ सी. सी. के लिए आवेदन दिये जाने के तिथि के 8 दिन बाद की तिथि से, अथवा (ख) कब्जा ऑफर किये जाने, जो भी बाद में हो, तक की अवधि पर MCLRH प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर से विलम्बित अवधि का ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाता है. कि ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित. की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। अन्य शिकायतकर्तागण के प्रकरण में आवंटन पत्र/अनुबन्ध के अनुरूप उपरोक्तानुसार गणना की जायेगी। कोविड-49 की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु देश में हुए लॉकडाउन एवं फोर्स मैज्योर को दृष्टिगत रखते हुए 2 दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25. 09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जाएगी। 3. विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम 2046 के धारा 2 (zai) के अन्तर्गत ब्याज को परिभाषित किया गया है कि रेरा लागू होने के बाद यदि कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित ब्याज दर MCLR+ प्रतिशत है। 4. विपक्षी, उपरोक्तानुसार कब्जा ऑफर पत्र ओ.सी /सी.सी मिलने के उपरान्त जारी करना सुनिश्चित करें।
5. विपक्षी, शिकायतकर्तागण को दिनांक 34.08.2024 तक कब्जा देने में असफल रहता है, तो शिकायतकर्तागण को यह अधिकार होगा कि वह अपनी जमा धनराशि ब्याज सहित वापस पाने के सम्बंध में पुनः रेरा पोर्टल पर वाद दर्ज करा सकेंगे। इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63, तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 79.4.2020 cr अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 -के अन्तर्गत उक्त आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-0॥ द्वारा दिनांक 28.4. 2022 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है किः- अतः सचिव, रेरा को निर्देशित किया जाता है कि वह प्रश्नगत प्रकरण में धारा-40 के अन्तर्गत आदेश के बिन्दु संख्या 2 के अनुपालन हेतु वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने की कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। वसूली प्रमाण-पत्र में पारित आदेश पर जिलाधिकारी कार्यालय से आख्था प्राप्त होने के पश्चात् धारा-63 के अन्तर्गत अग्रिम कार्यवाही की जाएगी, तब तक के लिए पत्रावली (स्थगन पद) पर रखी जाती है। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित कार्यालय आदेश दिनांक 08.04.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष पेश हुई।
विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी./ सी.सी. सहित बकाया eat की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को दो माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा = करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के- पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें| शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 24.07.2026 को पेश हो। आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण