Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Brig. Kamal Deep Jaspal v. Ansal Hi-Tech Townships Ltd
Complaint No. NCR144/06/121067/2024
- Decision date
- 2026-07-22
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Bench 3
Source: UP RERA order
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Judgment text
उप्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर सुनवाई पीठ-3 i7 - शिकायत संख्या -— NCRI44/06/2067/2024 ब्रिग. कमल दीप जसपाल बनाम अंसल हाई-टेक टाउनशिप्स लिमिटेड दिनांक :- 22,/07,/2026 शिकायतकर्ता का वाद ast} अन्तर्गत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता श्री शौर्य उपस्थित | विपक्षी अनुपस्थित | विपक्षी का लिखित जवाब दाखिल करने का अवसर पूर्व मे समाप्त किया जा चुका है। पत्रावली विपक्षी के विरूद्ध एकपक्षीय कार्यवाही हेतु अग्रसरित है। शिकायतकर्ता द्वारा वर्तमान प्रकरण में मीना जसपाल को सह-आवंटी बनाये जाने हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया है। पत्रावली पर उपलब्ध अनुबंध,/ आवंटन में मीना जसपाल का नाम सह-आवंटी के तौर पर अंकित है, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा दाखिल प्रार्थना पत्र स्वीकार किया जाता है।
उपरोकतानुसार रेरा कार्यालय लिपिक को निर्देशित किया जाता है कि वह कम्पलेन्ट पेज पर फॉर्म-एम में शिकायतकर्ता को उक्त संशोधन करने ,कीं अन्नुमति प्रदान करे, तथा शिकायतकर्ता को निर्देशित किया जाता है कि वह संशोधन Fea अनुमति प्रॉप्त, होने उपरान्त आगामी 2 सप्ताह के अन्दर कम्पलेन्ट पेज पर फॉर्म-एम शो meres siete, करना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त शिकायतकर्ता द्वारा पूर्व आदेश के अनुपालन में विपक्षी को भुगतान की गई धनराशि के सम्बन्ध में स्पष्टीकरण मय शपथ पत्र दाखिल किया गया है, जिसमें शिकायतक़र्ता द्वारा उल्लेखित किया गया है कि उनके द्वारा विपक्षी को रुप्रये..407,294,2$ ५ का ad जाने का तथ्य अंकित किया गया है, तथा शिकायतकर्ता द्वारा 2 whet का भी वर्णन अपने स्पष्टीकरण में किया गया है, परन्तु उक्त के सापेक्ष शिकायतकर्ता द्वारा रसीद की प्रति vara पर दाखिल नहीं की गई है। यहाँ यह भी स्पष्ट किया जाता है कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा Re सी संख्या 8428 // 2023 अर्चना त्यागी बनाम स्टेट ऑफ यूपी में पारित आदेश के अनुसार पक्षकारों द्वारा भुगतान की Wie / बैंक स्टेटमेंट / कस्टमर लाइजर की प्रति के आधार पर ही आदेश में मूल धनराशि अंकित की जा सकती है। अतः माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार एवं wad weal के अभाव में प्रश्नगत प्रकरण में धनराशि के बिन्दु पर स्पष्टतः व स्पष्ट साक्ष्य के बिना कोई भी आदेश पारित किया जाना न्यायोचित नहीं है। अतः शिकायतकर्ता को निर्देशित किया जाता है कि स्पष्टीकरण में वर्णित रसीद संख्या- 40979 व 44544 की प्रति नियत तिथि से पूर्व रेरा पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। पत्रावली वास्ते उपरोक्त / बहस हेतु दिनांक 26.0.2026 को पोश हो। Se ee
डा0 दीपक स्वरूप सक्सेना (सदस्य) उ0प्र0 भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण