Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Col. K. L. Jaspal v. Ansal Hi-Tech Townships Ltd
Complaint No. NCR144/06/120855/2024
- Decision date
- 2026-07-22
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Bench 3
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
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Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर सुनवाई पीठ-3 45 - शिकायत संख्या :-रटार44/06/20855/2024 कर्नल. के एल जसपाल बनाम अंसल हाई-टेक टाउनशिप्स लिमिटेड दिनांक :- 22/07/2026 शिकायतकर्ता का वाद mist के अन्तर्गत वीडियो aR के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता श्री शौर्य उपस्थित। विपक्षी अनुपस्थित | विपक्षी का लिखित जवाब दाखिल करने का अवसर पूर्व मे समाप्त किया जा चुका है। पत्रावली विपक्षी के विरूद्ध एकपक्षीय कार्यवाही हेतु अग्रसरित है। शिकायतकर्ता को विगत तिथि पर निर्देशित किया गया था कि वह रेरा पोर्टल पर अंकित विपक्षी को भुगतान की गयी धनराशि व पत्रावली पर दाखिल रसीदों के अनुसार धनराशि में fem होने के सम्बन्ध में स्पष्टीकरण तथा सह-आवंटी को पक्षकार बनाये जाने हेतु प्रार्थना पत्र दाखिल करें। शिकायतकर्ता द्वारा वर्तमान प्रकरण में कमलदीप जसपाल को सह-आवंटी बनाये जाने हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया है। पत्रावली पर उपलब्ध अनुबंध /आवंटन में कमलदीप जसपाल का नाम सह-आवंटी के तौर पर अंकित है, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा दाखिल प्रार्थना पत्र स्वीकार किया जाता है। उपरोक्तानुसार रेरा कार्यालय लिपिक को निर्देशित किया जाता है कि वह कम्पलेन्ट पेज पर फॉर्म-एम में शिकायतकर्ताको way Say HA A अनुमति प्रदान करे, तथा शिकायतकर्ता को निर्देशित ramon’ fogs संशोधन करने की अनुमति प्राप्त होने उपरान्त आगामी 2 सप्ताह के अन्दर Org पेजहुपुर फॉर्म-एम में यथारंथान संशोधन करना सुनिश्चित
इसके अतिरिक्त द्वारा पूर्व"आदेश*के*अनुपालन* में “विपक्षी को भुगतान की गयी धनराशि के सम्बन्ध में स्पष्टीकरण इस आशय का दाखिल किया गया है कि उनके द्वारा विपक्षी कम्पनी को एक मुश्त धनराशि रू 68,00,000/— का भुगतान किया गया है जिसके एवज में विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को प्लॉट न. 44 /006e7 व 4,/0459 आवंटित किये गये थे परन्तु उक्त प्लॉट का निर्धारित समयावधि में कब्जा न दिये जाने के कारण विपक्षी द्वारा उपरोक्त धनराशि का समायोजन करते हुए शिकायतकर्ता को 05 अलग प्लॉट आवंटित किये गये जिसमें से प्रश्नगत प्लॉट संख्या 02 A/2t6 जिसकी कीमत 29,06,280 /- है। विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को एक मुश्त धनराशि रू 68,00,000/- के एवज् में जो 05 प्लाट आवंटित किये गये है, उनकी कुल कीमत रू 4,29,38,680/— है। शिकायतकर्ता द्वारा पत्रावली पर प्रश्नगत प्लॉट के सापेक्ष विपक्षी द्वारा जारी नो डयूज प्रमाण पत्र अथवा पूर्व यूनिट से वर्तमान यूनिट में धनराशि स्थानान्तरण होने के सम्बन्ध में कोई साक्ष्य पत्रावली पर दाखिल नही किया गया है जिससे यह स्पष्ट हो सके कि शिकायतकर्ता द्वारा प्रश्नगत यूनिट के सापेक्ष अब विपक्षी को कोई धनराशि देय नही है अथवा यह स्पष्ट हो सके की विपक्षी द्वारा प्रश्नगत प्लॉट के सापेक्ष शिकायतकर्ता से सम्पूर्ण धनराशि प्राप्त कर ली गयी है। इसके अतिरिक्त शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी को 05 प्लॉट की एवज में रु0 4,29,38,680/— का भुगतान किये जाने का साक्ष्य भी दाखिल नहीं किया गया। यहाँ यह भी स्पष्ट किया जाता है कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा Re सी संख्या 828/2023 अर्चना त्यागी बनाम स्टेट ऑफ यूपी में पारित आदेश के अनुसार पक्षकारों द्वारा भुगतान की wie बैंक Rete / कस्टमर लाइजर की प्रति के आधार पर ही आदेश में मूल धनराशि अंकित की जा
सकती है। अतः माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार एवं उपरोक्त साक्ष्यों के अभाव में प्रश्नगत प्रकरण में धनराशि के बिन्दु पर wed व स्पष्ट साक्ष्य के बिना कोई भी आदेश पारित किया जाना न्यायोचित नहीं है। शिकायतकर्ता को निर्देशित किया जाता है कि नियत तिथि से पूर्व केवल उपरोक्त के सम्बन्ध में आवश्यक साक्ष्य/रसीदों की प्रति रेरा पोर्टल अपलोड करना सुनिश्चित करें। पत्रावली aed उपरोक्त /बहस हेतु दिनांक 26.0.2026 को पेश हो। डा0 दीपक स्वरूप सक्सेना (सदस्य) Bono भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण # GCE BRS: *