Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Pramila Rani and Gaurav Arora v. Capital Infratechomes Private Limited
Complaint No. NCR144/06/1188/2019
- Decision date
- 2026-08-24
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40/63 सपठित नियम-24 22-शिकायत WEA—NCR 44/06/88/209 प्रमिला रानी एवं गौरव अरोड़ा बनाम कैपिटल इंफ्राटेकहोम्स प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 24.08.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री असित कुमार उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री राज सिंह उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। प्रश्नगत प्रकरण में आज सुनवाई के दौरान श्री इन्द्रेश विक्रम सिंह विद्वान अधिवक्ता उपस्थित हुए, जबकि विपक्षी के विद्वान अधिवक्ता श्री राज सिंह द्वारा प्रश्नगत प्रकरण में अपना वकालतनामा दाखिल किया गया है। श्री इन्द्रेश विक्रम विद्वान अधिवक्ता द्वारा यह कहा गया कि वह इस प्रकरण में आज से उपस्थित नहीं हो रहे हैं और उन्होंने कोई एन.ओ.सी. जारी नहीं की है। अतः यदि एन.ओ.सी. जारी करने की व्यवस्था रेरा प्राधिकरण में है, तो इस सम्बन्ध में श्री इन्द्रेश विक्रम सिंह अधिवक्ता नियमानुसार कार्यवाही करें। यदि कोई बात कहनी है, तो वह लिखित में अपना प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करें। प्रश्नगत प्रकरण में विपक्षी द्वारा अपने विद्वान अधिवक्ता श्री राज सिंह को नियुक्त किया गया है और उनके द्वारा अपना वकालतनामा भी दाखिल किया गया है और आज से श्री राज सिंह विद्वान अधिवक्ता उपस्थित होंगे।
उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। फार्मर कम्पनसेशन की बढ़ी हुई धनराशि के सम्बन्ध में विपक्षी द्वारा अपना विवरण दाखिल किया गया है। शिकायतकर्ता उसके अनुसार फार्मर कम्पनसेशन की बढ़ी हुई धनराशि का भुगतान करने के लिए तैयार है। शिकायतकर्ता द्वारा प्रश्नगत प्रकरण में 42 लाख रुपये का डिमाण्ड ड्राफ्ट बनाकर दाखिल किया जा चुका है। विपक्षी उक्त डिमाण्ड ड्राफ्ट को प्राप्त कर, शिकायतकर्ता को —= यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराने के लिए तैयार है। लेकिन आज सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता के विद्वान अधिवक्ता द्वारा बताया गया कि उसके द्वारा अधिक धनराशि का डिमाण्ड ड्राफ्ट दाखिल कर दिया गया है और वह नया डिमाण्ड ड्राफ्ट दाखिल करना चाहता है। अतः शिकायतकर्ता अपने जोखिम पर डिमाण्ड ड्राफ्ट वापस प्राप्त कर, 45 दिनों के अन्दर नया डिमाण्ड ड्राफ्ट दाखिल कर सकता है | पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक t4. 09.2026 को पेश हो। — ee आर. पी. Rig (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण