Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Pramila Rani and Gaurav Arora v. Capital Infratechomes Private Limited
Complaint No. NCR144/06/1188/2019
- Decision date
- 2026-08-04
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
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Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-नन््यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40/63 सपठित नियम-24 22-शिकायत PAT—NCR 44/06/88/209 प्रमिला रानी एवं गौरव अरोड़ा बनाम कैपिटल इंफ्राटेकोम्स प्राइवेट लिमिटेड दिनांक: 04.08.2026 आदेश-पत्र शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री असित कुमार उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर विपक्षी / कम्पनी के डायरेक्टर उभयपक्षों को सुना गया श्री नवीन कुमार उपस्थित हुए। र से विद्वान अधिवक्ता श्री gate सिंह उपस्थित हुए एवं एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। प्रश्नगत प्रकरण में यूनिट कुर्क होकर न्यायालय के कब्जे में है। विपक्षी द्वारा अपनी आपत्ति दिनांकित 07.07. 2026 दाखिल की गई है और यह कहा गया है कि यदि शिकायतकर्ता धनराशि का भुगंतान कर दिया रजिस्ट्री करा देंगे। उभयपक्षों ad या जाता है, तो वह शिकायतकर्ता के पक्ष द्वारा बकाया में यूनिट की द्वारा अपनी-अपनी गणना शीट दाखिल की जिससे स्पष्ट है कि उभयपक्षों के मध्य बकाया देयों के सम्बन्ध में विवाद द्वारा सुनवाई के दौरान रेरा अधिकृत किया गया है, लेकिन oo pat सी.ए द्वारा बकाया देयों की गणना कराने भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण द्वारा कार्यालय जा चुकी हैं, है। उभयपक्षों ने हेतु अनुरोध यालय आदेश दिनांकित 25.07.2026 जारी किया गया है, जिसके अनुसार इस पीठ को निर्देशित किया गया है कि सी.ए के माध्यम से बकाया देयों की गणना न कराई जाये और यदि किसी मामले में गणना अनिवार्य है, उपरान्त ही सी.ए को पत्रावली दोनों पक्षों की गणना
ब्याज एवं फार्मर कम्पनसेशन के सम्बन्ध में उभयपक्षों के मध्य विवाद है। विपक्षी द्वारा क्योंकि माननीय wr पीठ-02 तो माननीय अध्यक्ष महोदय, उ.प्र. WIG अनुमोदन के संदर्भित की जाये। शीट के अवलोकन से स्पष्ट है कि होल्डिंग चार्ज, विलम्ब द्वारा पारित आदेश दिनांकित 44.44.209 का अनुपालन नहीं किया गया है, ऐसी स्थिति में उ.प्र. भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) (विक्रय /पढट्टा के लिए करार) नियमावली-2048 के नियम-9.2 के अनुसार शिकायतकर्ता, विपक्षी को कोई होल्डिंग चार्ज अदा करने के लिए बाध्य नहीं है। एज जहाँ तक विलम्ब ब्याज का प्रश्न है, तो यदि शिकायतकर्ता द्वारा किश्तों में विलम्ब किया गया है, तो वह माननीय रेरा पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 4.44.2049 के प्रस्तर-05 के अनुसार विपक्षी को विलम्ब ब्याज की धनराशि अदा करने के लिए उत्तरदायी होगा। ह जहाँ तक फार्मर कम्पनसेशन का प्रश्न है, तो माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय के अनुसार ork कम्पनसेशन की बढ़ी हुई धनराशि भी शिकायतकर्ता, विपक्षी को अदा करने के लिए उत्तरदायी होगा। अतः ऐसी स्थिति में उभयपक्षों की गणना शीट का इस आदेश के परिपेक्ष्य में किसी लेखा अधिकारी /लेखा विशेषज्ञ से गणना कराकर यह स्पष्ट करना आवश्यक होगा कि कितनी धनराशि शिकायतकर्ता की ओर बकाया है, जो विपक्षी को अदा करनी है, लेकिन न््यायनिर्णायक अधिकारी की पीठ में कोई लेखा अधिकारी / लेखा विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं है।
अतः उ.प्र भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण द्वारा कार्यालय आदेश दिनांकित 25.07. 2026 के अनुसार पत्रावली इस पीठ द्वारा सी.ए को नहीं भेजी जा रही है। इस आदेश की प्रति माननीय अध्यक्ष महोदय, उ.प्र. WI or इस आशय से भेजी जाये कि वह या तो गणना का कार्य करने हेतु सी.ए को संदर्भित करने का आदेश कर सकते हैं या किसी लेखा अधिकारी / लेखा विशेषज्ञ से गणना करा सकते हैं। यह स्पष्ट किया जाता है कि प्रस्तुत मामले में माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा Re संख्या-44283 / 2026 में पारित आदेश दिनांकित 6.04.2026 के अनुसार 4 माह के अन्दर निस्तारण किया जाना है। अतः प्राथमिकता के आधार पर 3 दिनों के अन्दर गणना का कार्य कराना उचित होगा। इस आदेश की प्रति अविलम्ब माननीय अध्यक्ष महोदय, उ.प्र. WI को आवश्यक कार्यवाही हेतु भेजी जाये। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक t0.08.2026 को पेश हो। आर. पी. कह चरण (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण 2ERA-FIN/3/2026-FIN-UPRERA उत्तर प्रदेश भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, H-769, गामा-2, ग्रेटर नोएडा, गौतम बुद्ध AR-20i308 कार्यालय आदेश | wager सूचित किया जाता है कि भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण के साथ stag सीए फर्म Gent प्रवीण के. श्रीवास्तव एंड कंपनी, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स) को केवल निम्नलिखित निर्दिष्ट सेवाओं के संपादन हेतु मा. अध्यक्ष के अनुमोदनोपरांत अधिकृत किया गया है:
4. लेखांकन (Accounting), कराधान (Taxation) एवं बैंक समाधान (Bank Reconciliation) संबंधी मामलों में पर्यवेक्षण (Supervision) एवं सहायता। 2. माननीय पीठों द्वारा पारित emer—3i सपठित धारा-38-40-63 आदेशों के अनुपालन में वसूली प्रमाण- पत्र निर्गमन हेतु गणना। 3 क्षेत्रीय कार्यालय, ग्रेटर नोएडा में सुलह ((०००॥०४०/) कार्यों में सहायता। उक्त स्वीकृत/अनुबंधित सेवाओं के अतिरिक्त सीए फर्म को कोई अन्य कार्य (जैसे- जटिल न्यायिक/अर्ध-न्यायिक व्याख्या, विवादित अनुबंधों के मूल्यांकन संबंधी कार्य अथवा समायोजन संबंधी कार्य जो धारा-3।/धारा-38/40/63 के आदेश के क्रम में अपेक्षित न हों) प्रेषित नहीं किया जाएगा। यदि किसी विशेष परिस्थिति में अनुबंधित दायरा (Scope of Work) के अतिरिक्त कोई अन्य कार्य कराया जाना अपरिहार्य हो, तो ऐसे मामले अनिवार्य रूप से अधोहस्ताक्षरी के माध्यम से मा. अध्यक्ष महोदय के अनुमोदनोंपरांत ही अग्रेषित/प्रेषित किए जाएंगे। पूर्वानुमोदन के बिना सी.ए. फर्म को सीधे संदर्भित किए गए अन्य प्रकरणों पर भी कार्यवाही नहीं की जाएगी। यह आदेश मा. अध्यक्ष महोदय के अनुमोदनोपरांत निर्गत किया जा रहा है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। सीए फर्म के स्तर पर पूर्व से लंबित प्रकरणों में भी यही आदेश प्रभावी होंगे। Digitally signed by /70043/20z MAHENDRA VERMA Date: 25-07-2026 सचिव प्रतिलिपि: निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित: . समस्त माननीय पीठ, यूपी रेरा (लखनऊ एवं ग्रेटर नोएडा)। 4. समस्त माननीय न्यायनिर्णायक अधिकारी पीठ व कंसिलिएशन फोरम, यूपी रेरा (लखनऊ एवं ग्रेटर नोएडा)। संयुक्त सचिव/उप सचिव, यूपी रेरा।
राजस्व (रिकवरी) अधिकारी, यूपी रेरा (लखनऊ एवं ग्रेटर नोएडा)। मैसर्स प्रवीण के. श्रीवास्तव एंड कंपनी, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स। समस्त कार्मिक, क्रियान्वयन शाखा, यूपी रेरा, (लखनऊ एवं ग्रेटर नोएडा)। गार्ड फाइल। * * जा को का ७ ७०