Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Mohammad Moazzam Ali Ahmad v. Granite Hill Properties Private Limited
Complaint No. NCR144/05/94853/2022
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2025-02-04
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40 //63 सपठित नियम-24 47-शिकायत संख्या/ए८टार]44/05/94853/2022 मोहम्मद मोअज्जम अली अहमद बनाम ग्रेनाइट हिल प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 04.02.2025 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री अतुल कुमार उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री पुनीत जैन उपस्थित हुए। शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है और न ही SAR विलेख निष्पादित एवं पंजीकृत कराया गया है। प्रश्नगत शिकायत में माननीय पीठ-04, द्वारा नियमानुसार सुनवाई उपरान्त दिनांक 27.04.2023 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4... विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि जून 2023 तक शिकायतकर्ता को आवंटित यूनिट का कब्जा मूलभूत सुविधाओं तथा ओ.सी.,/ सी.सी. के साथ उपलब्ध करायें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री कराएं।
2. विपक्षी परियोजना विलम्ब होने के सम्बंध में शिकायतकर्ता को दिनांक 04.42.2049 से ओ.सी.,/ सी.सी. प्राप्त होने अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो, तक की अवधि पर शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर MCLR+ प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से विलम्बित अवधि का ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09. 2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब की अवधि एवं विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जाएगी एवं न ही शिकायतकर्ता से किसी अतिदेय (overdues) धनराशि के लिए इस अवधि का ब्याज लिया जाएगा 3. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 20:6 की धारा 2(za)(i) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा भी डिफॉल्ट किये जाने पर आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी sort प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा —wv लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी। 4. यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्ता को यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का क्रियान्वयन करा सकेंगे। 5. इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2076 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाए। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-02, द्वारा दिनांक 27.44.2024 को धारा-38 / 40 / 63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:-
अतः उपर्युक्त वर्णित तथ्यों एवं समस्त परिस्थितियों के दृष्टिगत पत्रावली नियम--24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत फ्लैट के भौतिक कब्जे की कार्यवाही हेतु मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई हेतु, दिनांक 27.42.2024 को संदर्भित की जाती है। सचिव, उ.प्र. रेरा प्रकरण में आदेश, दिनांक 27.04.2023 के प्रस्तर-02 के अनुसार सुनवाई की तिथि दिनाक 27.2.2024 से पूर्व विपक्षी द्वारा देय विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि हेतु वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि से पूर्व मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। यदि मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी नियम-24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते हैं कि विपक्षी » प्रोमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत oei—3i, दिनांक 27.04.2023 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है, तो ऐसी दशा में मा. न्यायनिर्णायक अधिकारी प्रकरण को रेरा अधिनियम की धारा-63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पीठ को वापस सन्दर्भित कर सकते हैं। अन्तर्गत धारा-38 /40,//63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा न दिलाये जाने पर तथा रजिस्ट्री निष्पादित न होने के कारण माननीय पीठ-02 द्वारा पारित आदेश दिनांक 24.44.2004 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही tg इस te क्रो भेजी wh प्रत्रातली आज़ प्रथम सुनवाई हेतु इस पीठ को पेश हुई |
विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव पत्र वैध ओसी.,सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता wis दिनों के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें| तद्पश्चात शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर बिपक्षी शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट का कब्जा उपलब्ध करते हुए रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। उभयपक्षों को यदि कोई आपत्ति हो तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकते हैं। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु नियत तिथि 22.04.2025 को पेश हो। (न्यायनिर्णायक +धिक।री) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण