Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Jagdish Sandeep Agarwal v. ATS Realty Private Limited
Complaint No. NCR144/05/94650/2022
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2025-12-22
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar Status-Disposed
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 40 ,/63 सपठित नियम-24 47-शिकायत PEAN:—NCR44/05/94650/2022 जगदीश संदीप अग्रवाल बनाम एटीएस रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 22.42.2025 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो armpit के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री ललित सिंह उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता sit पुनीत जैन उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है और न ही sean विलेख निष्पादित एवं पंजीकृत कराया गया है। ped शिकायत में माननीय पीठ-03 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 04.40.2024 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. favaft को आदेशित किया जाता है कि वह आदेश पोर्टल पर अपलोड होने की तिथि से 45 दिन के भीतर शिकायतकर्ता से अवशेष धनराशि प्राप्त कर, शिकायतकर्ता की यूनिट आवंटन-पत्र,/ अनुबन्ध के अनुसार समस्त सुविधाओं को पूर्ण कराकर 34 मार्च, 2024 तक ओ.सी./ सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें।
2... विपक्षी शिकायतकर्ता को दिनांक 04.4.2047 से ओ.सी / सी.सी अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि जो भी बाद में हो तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि रू. 32,8,38/ (रु० बत्तीस लाख waa हजार एक सौ अडतिस) पर MCLRH प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की जाने वाली धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। निस्तारण प्रश्न संख्या 4 के अनुसार फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए (माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा सिविल अपील संख्या 43029 ,// 4985 के अनुसार) 68 दिन तथा दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25. 09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही 4 यदि शिकायतकर्ता का कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। 3. विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम 2046 के धारा 2 (४)6) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLRH प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी। 4... इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा।
5. विपक्षी द्वारा यदि इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्ता रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का कियान्वयन करा सकेगें | विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 04.0.2024 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत var आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-03 द्वारा दिनांक 45.40. 2025 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- उक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि विपक्षी ने पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 04.40.2024 के क्रम संख्या 4 व 2 का अनुपालन नहीं किया है। उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए पत्रावली रेरा नियमावली 2046 के नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत आदेश -दिनांक-04.0:2024-के क्रम संख्या 4 के अनुसार यूनिट के भौतिक कब्जे व रजिस्ट्री की कार्यवाही हेतु न््यायनिर्णायक अधिकारी, उ.प्र. रेरा के समक्ष सुनवाई हेतु दिनांक 22.42.2025 के लिए संदर्भित की जाती है। सचिव, SUR, पीठ द्वारा दिनांक 04.:0.2024 को धारा-34, के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या 2 के अनुसार जमा धनराशि पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि 22.42.2025 से पूर्व न्यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन न किये जाने की स्थिति में पत्रावली भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 20i6 की धारा 63 के अंतर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जानें हेतु प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाये
तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण मा. पीठ--03 द्वारा पारित आदेश दिनांक 45.40.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली नियम-24 की सुनवाई हेतु आज प्रथम बार इस पीठ के समक्ष पेश हुई। च्च्स्ष विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी. /सी.सी. सहित बकाया eal की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को एक माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें| शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 23.03.2026 को पेश हो। आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण