Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Roopam Gupta Dr Deep Raj Gupta v. Granite Hill Properties Private Limited
Complaint No. NCR144/05/74342/2021
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2025-10-17
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 ,/63 सपठित नियम-24 44-शिकायत A—NCR I44/05/74342/202 रूपम गुप्ता डॉ. दीप राज गुप्ता बनाम ग्रेनाइट हिल प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 47.40.2025 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन््फेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली 'पेश gel पुकार पर शिकायतकर्ता अनुपस्थित। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री पुनीत जैन उपस्थित हुए। सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है और न ही हस्तान्तरण विलेख निष्पादित एवं पंजीकृत कराया गया है। genre शिकायत में माननीय पीठ-4 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 44.07.2022 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्तागण के aca की समस्त सुविधाओं को आवंटन-पत्र / अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 34.42.2022 तक ओ.सी. / सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय wera शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें। न
2... विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 44.42.2049 से ओ.सी/सी.सी अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि तक शिकायतकर्ता द्वारा स्वयं जमा धनराशि पर MCLRHH प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही यदि शिकायतकर्ता का कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। अन्य शिकायतकर्तागण के प्रकरणों में आवंटन पत्र / अनुबन्ध के अनुरूप उपरोक्तानुसार गणना की जायेगी। जा 3. _ विपक्षी का निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम 2046 के धारा zai) के अन्तर्गत व्याज को परिभाषित किया गया है कि रेरा लागू होने के बाद यदि कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित ब्याज दर MCLR+ प्रतिशत है। 4. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बंधित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस आदेश में प्रतिपादित werd के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी। ह इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा।
विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 44.07.2022 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत var आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-04 द्वारा दिनांक 42.09. 2023 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- अतः समस्त तथ्यों एवं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए सचिव, रेरा को निर्देशित किया जाता है कि प्रश्नगत प्रकरण में पीठ द्वारा पूर्व में धारा-3 के अन्तर्गत पारित आदेश दिनांक 44.07.2022 के प्रस्तर संख्या-2 के अनुसार विलम्बित अवधि के ब्याज का वसूली प्रमाण पत्र जारी करना सुनिश्चित करें। ५ विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 44.07.2022 का अनुपालन न किये जाने के कारण रेरा अधिनियम, 2046 की धारा 63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाए। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38 /40 // 63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा' उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के श्रीमान सचिव, रेरा पारित आदेश दिनांक 08.07.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली आज नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ को प्रथम बार पेश हुई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन. में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध. ओ.सी.,/सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को एक माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए रजिस्ट्री
कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को afe कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति Xe गणना शीट सहित दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 43.04.2026 को पेश हो | 58३. आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण