Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Sushil Aggarwal v. SJP Infracon Limited
Complaint No. NCR144/05/53992/2020
- Decision date
- 2026-06-19
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | . सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 ,/63 सपठित नियम-24 22-शिकायत संख्या:-"0८7]44/05/53992/2020 सुशील अग्रवाल बनाम एसजेपी इंफ्राकॉन लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 49.06.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता स्वयं उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री ऋषेन्द्र उपस्थित हुए। सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। प्रश्नगत शकायत में माननीय पीठ-03 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 40.42.2020 को निम्नतत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. प्रतिवादी को आदेशित किया जाता है कि वादी को आवंटित यूनिट का कब्जा (physical possession) ओ.सी // सी.सी के साथ जनवरी 2024 तक उपलब्ध करायें। >» प्रतिवादी विलम्बित अवधि के सम्बंध में ब्याज दिनांक 04.09. 20i6 से ओ.सी/सी. सी प्राप्त होने की तिथि या ऑफर ऑफ पजेशन जो बाद में हो, तक MCLRH% की ब्याज दर से भुगतान करेगा। प्रतिवादी इस धनराशि को कब्जा दिये जाने के समय अंतिम देय धनराशि में समायोजित (adjust) करे तथा अवशेष बची धनराशि प्रतिवादी द्वारा वादी को भुगतान की जाएगी। 3 ad er यदि कोई धनराशि का भुगतान करना शेष है तो वादी प्रतिवादी को भुगतान करें। रेरा अधिनियम की धारा 2(za)(i) के अधीन वादी द्वारा धनराशि भुगतान करने में किये गये विलम्ब के लिए प्रतिवादी उस विलम्बित अवधि का ब्याज प्राप्त करने का अधिकारी है परन्तु वादी द्वारा ब्याज MCLRH% की दर से अधिक देय नहीं होगा।
4. कोविड-49 की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु देश में हुये लॉकडाउन को दृष्टिगत रखते हुये दिनांक 24.03.2020 से दिनांक 30.09.2020 तक वादी की ओर से समय से भुगतान न किये जाने तथा प्रतिवादी द्वारा परियोजना पूर्ण करने में किये गये विलम्ब के सम्बंध में विलम्ब ब्याज की गणना उक्त अवधि में नहीं की जाएगी। SS इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 20:6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 40.42.2020 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-03 द्वारा दिनांक 24.06. 2024 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- विपक्षी को निर्देशित किया जाता है वह जनवरी 2022 तक शिकायतकर्ता की यूनिट को पूर्ण कराकर कब्जा दें। सचिव रेरा, सम्बन्धित शिकायत में विलम्बित अवधि के ब्याज के सम्बन्ध में वसूली प्रमाण पत्र जारी करना सुनिश्चित करें एवं विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन न किये जाने के कारण धारा-63 के अंतर्गत कार्यवाही हेतु पत्रावली को प्राधिकरण के समक्ष पेश किया जाये। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका। तदोपरान्त श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित आदेश दिनांक 49.42.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई |
विपक्षी को यह भी निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी.,/ सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को is दिनों के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 48.09.2026 को पेश हो। आर. पी सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण