Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Rahul Verma v. Project Category-Un-Register Imperia Structures Ltd
Complaint No. NCR144/05/108883/2023
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- Puneet Jain (for the complainant)
Source: UP RERA order
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Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण राज्य नियोजन संस्थान, नवीन भवन, कालाकांकर हाउस, पुराना हैदराबाद, लखनऊ-226007 सुनवाई पीठ-अपंजीकृत परियोजना पीठासीन अधिकारी-श्री हरीश त्रिपाठी, न््यायनिर्णायक अधिकारी क्र. शिकायत संख्या. | शिकायतकर्ता | संदर्भित सं. आदेश —_—-} __ = _ + | NCRI44/05/0854/2023 | उमंग कुमार | 48.09.2023 | 2 | NCRI44/03/06365/2023 [aes | 6.0.2023 | अर्देशीर पारख _ j— | 3 |क्टारा44/03/9294/2022 | नीरज गर्ग | 45.42.2022 a _ Es | _ { 4 | NCRI44/05/I08865/2023 | मो. अब्दुल 45.42.2023 | रहमान एण्ड नसरीन का हे रहमान _ 5 टारा44/05708883/2023 | राहुल वर्मा | 45.42.2023 । बिटार44/03/06765/2023 | राखी दास 6.0.2023 गुप्ता 7 NCRI44/04/08070/2023 | श्याम सुन्दर छिसज्का | ॥ gor लाटी _ | | 8 | NCR44/05/0953/2023 | wa. अवस्थी | 48.09.2023 9 | NCRI44/05/I0960/2023 | Us. अवस्थी | 48.09.2023 0 | NCRI44/05/I096/2023 | जी.डी. अवस्थी | 48.09.2023 | | - i —— | — + 44 | र८२44/05/0968/2023 | जी.डी. अवस्थी | 48.09.2023 Page 4 of 33 परियोजना । (MOU) 25-0-204 ONYX 06-02-204 ONYX 48-09-203 IMPERIA H20 OFFICE SUITS 4-05-204 ONYX 6-0-204 ONYX | 30-0i-20i2 IMPERIA H20 OFFICE SUITS 7-05-204 ONYX 30-06-200 IMPERIA | BUSINESS PARK 07-07-200 | IMPERIA BUSINESS PARK । 06-07-20i0 IMPERIA BUSINESS PARK 02-07-200 IMPERIA BUSINESS | E-Court परियोजना (Other Documents) | H20 IT PARK H20 IT IMPERIA H20 IT SPACE IMPERIA H20 IT SPACE | IMPERIA H20 IT SPACE H20 IT IMPERIA H20 RESIDEDNCY IMPERIA RESIDEDNCY IMPERIA H20 RESIDEDNCY IMPERIA H20 RESIDEDNCY E-Court mi जी.डी. 2)
3 | NCR44/03/I07097/2023 _4 _ NCRI44/03/0704/2023 | NCR44/08/22695/2023 |. प्रेमलता सिंह एण्ड जितेन्द्र सिंह | परमिन्दर कौर ! aye शर्मा | aL 48.09.202 02-07-200 IMPERIA BUSINESS PARK 46.40.2023 —_—__—+- 76.0.2023 AG . TO SUBLEASE DEED 9-0-2022 IMPERIA _ H20_ = | H20 OFFICE SUITS 2-2-20I2 IMPERIA H20 OFFICE SUITS 40.0.2023 | 6-03-20I3 — IMPERIA H20 OFFICE SUITS जा रहा है। बनाम इम्पीरिया स्ट्रक््चर्स लि. तथ्य तालिका में वर्णित शिकायतें एक ही प्रमोटर एवं ही परियोजना के विरूद्ध है। अत: पुनरावृत्ति से बचने एवं सुविधा की दृष्टि से इनका निस्तारण एक साथ किया ॥ छ20 IT PARK IMPERIA H20 IT SPACE धारा-3 /59 रेरा अधिनियम वर्तमान मा. पीठ--2 एन.सी.आर. (पूर्व में मा. पीठ--4 एन.सी.आर.) के समक्ष शिकायतों की सुनवाई के दौरान विपक्षी की परियोजना को रेरा में पंजीकरण होने के सम्बंध में प्रश्न उत्पन्न हुआ। अतः मा. पीठ ने अपने आदेश द्वारा पत्रावली को इस पीठ को यह विनिश्चिय करने के लिए संदर्भित किया गया कि क्या sat परियोजना रेरा में पंजीकृत / पंजीकरण होने योग्य है अथवा नहीं? वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई की गयी। बहस की तिथि पर शिकायतकर्ता कमांक--4 की ओर से उनके विद्वान अधिवक्ता श्री सुनील कुमार उपस्थित हुए, शिकायतकर्ता कमांक--3 की ओर से उनके प्रतिनिधि सी.ए. श्री आनन्द उपस्थित हुए तथा अन्य शिकायतकर्तागण अनुपस्थित रहे। विपक्षी की ओर से BE वैभव साही उपस्थित हुए, जिनकी बहस सुनी गयी। Page 2 of 43 अधिवक्ता श्री E-Court शिकायतकर्तागण का तर्क / पक्ष कथन
शिकायतकर्तागण द्वारा लिखित बहस दिनांकित 09.05.2024, जो पोर्टल पर दिनांक 40.05.2024 को अपलोड की गयी है, में यह अभिकथन किया गया है कि विपक्षी की परियोजना ONYX IT TOWER IMPERIA H2O OFFICE SUITES, GREATER NOIDA WEST GAUTAM BUADDH NAGAR में नॉलेज पार्क--5, के we संख्या--44 एवं 45 पर विकसित की जा रही है, जिसका रेरा में पंजीकरण नहीं कराया गया है। शिकायत संख्या ncri44/o9/ei269/2020 अभियांक सिन्हा बनाम इम्पीरिया were लि. में मा. पीठ-4, एन.सी.आर. द्वारा दिनांक 45.07.2022 को परियोजना को पंजीकरण योग्य पाते हुए विपक्षी को आदेशित किया था कि विपक्षी 03 माह के अन्दर परियोजना का रेरा में पंजीकरण कराये। मा. पीठ के आदेश के बावजूद पंजीकरण नहीं कराया गया है।
रेरा नियमावली दिनांक 27.40.2046 को लागू हुई, तब परियोजना चल रही (Ongoing) परियोजना की श्रेणी में आती थी। विपक्षी द्वारा जो आंशिक अधिभोग प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया है, वह Part IT 806७१ & Part Residency Block-2 परियोजना से सम्बंधित है, जिसका onyx iT ToweR परियोजना से कोई सम्बंध नहीं है। शिकायतकर्तागण की परियोजना का मानचित्र विकास प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत नहीं किया गया है। शिकायतकर्तागण द्वारा जनसूचना अधिकार अधिनियम के अधीन विकास प्राधिकरण से दिनांक 04.09.2049 को सूचना मांगी गयी थी, प्राप्त सूचना के अनुसार परियोजना का मानचित्र स्वीकृत नहीं हुआ है, क्योंकि विपक्षी ने विकास प्राधिकरण द्वारा लगायी गयी आपत्तियों का निराकरण नहीं किया है आंशिक पूर्णता प्रमाण पत्र दिनांक 06.03.20I7 दोषपूर्ण व भ्रमात्मक है। Mis Times Shopee Centre P.Ltd. द्वारा कोई बिल्डर बायर एग्रीमेंट निष्पादित नहीं किया गया है। आंशिक पूर्णता प्रमाण पत्र में परियोजना IWMPERIA #20 OFFICE SUITES का उल्लेख नहीं किया गया है। इस आंशिक पूर्णता प्रमाण पत्र में विनिर्दिष्ट रूप से किसी परियोजना का नाम अंकित नहीं किया गया है। शिकायतकर्तागण से यूनिट्स के सम्बंध में एम.ओ.यू. मेसर्स इम्पीरिया wear लि. द्वारा किया गया है। मानचित्र स्वीकृति हेतु विकास प्राधिकरण को आवेदन M/s Times Shopee Centre P.Ltd. EIR आवेदन वर्ष 20:7 में दिया गया है। एम.ओ.यू में मेसर्स टाइम शापी सेन्टर प्रा.लि. का कोई उल्लेख नहीं है। IMPERIA H20 IT SPACE ONYX TOWER रेरा अधिनियम की धारा-3 के अधीन पंजीकरण योग्य है। विपक्षी आंशिक अधिभोग प्रमाण पत्र के आधार पर रेरा प्राधिकरण को भ्रमित करते हुए यह दावा प्रस्तुत कर रहा है कि परियोजना पंजीकरण योग्य नहीं है। विपक्षी ने आज तक परियोजना IMPERIA H20 IT SPACE ONYX TOWER का कोई भी पूर्णता /अधिभोग प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं किया है। आंशिक ओसी M/s Times Shopee Centre P.Ltd. के पक्ष में जारी किया गया है। मेसर्स इम्पीरिया स्ट्रक््चर लि. व Mis Times Shopee Centre
९.४०. दोनों भिन्न--भिन्न कम्पनी है, जिनका सी.आई.एन. दर लगु--अलग है | Page 3 of 3 E-Court अपने कथन के समर्थन में शिकायतकर्ता ने उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 45.07.2022 की प्रति, विकास प्राधिकरण के पत्र दिनांकित 06.03.2047,. 23.08.2044,._ 4.07.2048,. 04.08.2020,. 07.09.2020, 44.05.2048, 07.08.2020, 27.07.20i8, जनसूचना अधिकार के अधीन प्राप्त सूचना दिनांकित 04.09.20:9 दाखिल किया है। विपक्षी की ओर से लिखित कथन दिनांकित 04.04.2024, लिखित बहस दिनांकित 06.06.2024, जो पोर्टल पर दिनांक 30.07.2024 को अपलोड किया गया है, जो अत्यन्त धूमिल होने के कारण स्पष्ट रूप से पढ़ने योग्य नहीं है। विपक्षी का कथन है कि परियोजना “इम्पीरिया एच.2ओ. आई.टी. स्पेस” है। M/s Times Shopee Centre P.Ltd. जिस भूमि पर परियोजना विकसित की जा रही है, उसका स्वामी है। विपक्षी केवल विकासकर्ता है। अधिभोग प्रमाण पत्र भूमि के स्वामी के पक्ष में जारी किया गया है। परियोजना में चरणबद्ध तरीके (phased manner) में विकास कार्य किया जा रहा है।
रेरा अधिनियम की धारा-2 के स्पष्टीकरण के अनुसार चरणबद्ध तरीके (phased manner) से परियोजना विकसित एवं रेरा में पंजीकृत करायी जा सकती है। चरणबद्ध तरीके (phased manner) से निर्माण के कारण कुछ भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि कुछ भवनों का निर्माण कार्य लम्बित है। इसलिए विपक्षी ने अलग बिल्डिंग के लिए पूर्णता प्रमाण पत्र हेतु आवेदन प्रस्तुत किया है। विपक्षी के अनुसार रेरा अधिनियम की धारा--3(2)(0) के प्राविधानों के अनुसार यदि अधिनियम के लागू होने से पूर्व पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त किया जा चुका हो, तो ऐसी परियोजना का रेरा में पंजीयन कराया जाना आवश्यक नहीं है। परियोजना “इम्पीरिया एच.2ओ. आई.टी. स्पेस” का पूर्णता प्रमाण पत्र एवं अधिभोग प्रमाण पत्र दिनांक 06.03.2077 को जारी किया जा चुका है। विपक्षी के लिखित कथन के प्रस्तर-8 के अनुसार परियोजना “इम्पीरिया एच.2>ओ. आई.टी. स्पेस” UMBRELLA PROJECTS IMPERIA H20 के अंतर्गत आती है, जिसका पूर्णता प्रमाण पत्र अधिनियम के लागू होने के पहले ही जारी हो चुका है। विपक्षी का यह भी कथन है कि रेरा प्राधिकरण की मा. पीठ द्वारा शिकायत संख्या ॥३८३44/03/724723/2024 सुखमल चन्द्र जैन बनाम इम्पीरिया स्ट्रक््चर प्रा. लि. एवं NCRI44/02/8872/2022 पंकज कुमार बनाम इस्पीरिया स्ट्रक््चर प्रा.लि. के मामले में यह सम्प्रेक्षण किया जा चुका है कि 24 i-3 के अधीन पंजीकरण योग्य नहीं है। 222 Page 4 of 43 E-Court शिकायतकर्तागण ने केवल wasiy, दाखिल किया है, भुगतान से सम्बंधित कोई रसीद दाखिल नहीं किया है।
अपने तर्क के समर्थन में विपक्षी की ओर से मा. सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय मेसर्स न्यूटेक प्रमोटर एण्ड डेवलपर्स लि. बनाम उ.प्र. राज्य सिविल अपील संख्या 6745-6749 / 2024 एवं मा. पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्णय इक्सपीरियन डेवलपर्स प्रा.लि. बनाम स्टेट आफ हरियाणा (४४०7/7852/2022 का आश्रय लिया गया है। विधिक स्थिति सर्वप्रथम इस सम्बंध में विधिक स्थिति का sere करना समीचीन होगा। रेरा अधिनियम की धारा--3 में रियल gee प्रोजेक्ट के पंजीकरण के सम्बंध मे प्राविधान किया गया है। धारा-3 के प्राविधानों के अनुसार ऐसी परियोजना जो अधिनियम लागू होने की तिथि पर चल रही (Ongoing) परियोजना की श्रेणी में आती थी। वह परियोजना रेरा में पंजीकृत / पंजीकरण योग्य है। रेरा अधिनियम की a3) के प्राविधानों के अनुसार योजना क्षेत्र के अंतर्गत कोई भी प्रमोटर किसी भी भवन, अपार्टमेंट या भूखण्ड को किसी भी प्रकार से विज्ञापित, विपणित, बुक, विकय अथवा विकय के लिए करार नहीं करेगा। धारा-3(4) के प्राविधान निम्नवत है-- Section 3-Prior registration of real estate project with Real Estate Regulatory Authority. (2) No promoter shail advertise, market, book, sell or offer for sale, or invite persons to purchase in any manner any plot, apartment or building, as the case may be, in any real estate project or part of it, in any planning area, without registering the real estate project with the Real Estate Regulatory Authority established under this Act:
Provided that projects that are ongoing on the date of commencement of this Act and for which the completion certificate has not been issued, the promoter shall make an application to the Authority for registration of the said project within a period of three months from the date of commencement of this Act. रेरा अधिनियम की धारा-3३(१) के प्रथम परन्तुक के अवलोकन से यह प्रतीत होता है कि ऐसी परियोजनाएं जो अधिनियम लागू होने की तिथि पर चल रही (Ongoing) परियोजना की श्रेणी में आती थी और जिनका पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी नहीं हुआ था, उन परियोजनाओं का रेरा में पंजीकरण कराया "Be अनिवार्य था। Page 5 of 43 E-Court अधिनियम के प्रारम्भ होने की तिथि 07.0520:6 है अर्थात जिस परियोजना का पूर्णता प्रमाण पत्र दिनांक 04.05.2046 से पूर्व जारी हो चुका था। उस परियोजना को चल रही (Ongoing) परियोजना नहीं माना जाएगा और उसका पंजीकरण अनिवार्य नहीं होगा। मा. उ.प्र. रेश अपीलीय अधिकरण ने अंशुल अग्रवाल बनाम मेसर्स उप्पल चढ्ढा हाईटेक डेवलपर्स प्रालि. अपील संख्या 575/2024 निर्णीत दिनांक 3.05.2023 के मामले में निर्णय के प्रस्तर--7.26 में यह अवधारित किया है कि यदि परियोजना का पूर्णता /अधिभोग प्रमाण पत्र अधिनियम के प्रभावी होने की तिथि अर्थात 0.05.206 को जारी नहीं हुआ था तो परियोजना चल रही (Ongoing) परियोजना मानी जाएगी और उसका रेरा में पंजीकरण कराया जाना अनिवार्य होगा।
इस निर्णय में मा. अपीलीय अधिकरण ने अर्बन प्लानिंग एण्ड डेवलपमेंट एक्ट 4973 उ.प्र. अपार्टमेंट (प्रमोशन आफ कस्ट्रसन, ओनरशिप एण्ड मेंटीनेंस) एक्ट, 2040, रेरा एक्ट एवं Wee, 20:6 S प्राविधानों पर सम्यक विचार करने के उपरांत अपार्टमेंट एक्ट, 2040 की धारा--4(5) के स्पष्टीकरण पर विचार करने के उपरांत यह अवधारित किया है कि “पूर्णता” का अभिप्राय सम्पूर्ण निर्माण अथवा एक स्वतंत्र ब्लाक के निर्माण से है। परियोजना के एक ब्लाक के निर्माण का पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त करना कंवल कब्जा प्रदान करने के उद्देश्य से होता है। एक ब्लाक का पूर्णता / अधिभोग प्रमाण पत्र जारी होने के बावजूद जब तक परियोजना का सम्पूर्ण निर्माण,/ विकास कार्य पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक परियोजना चल रही (Ongoing) परियोजना हीं मानी जाएगी। चल रही (Ongoing) परियोजना को रेरा अधिनियम, 2046 के अंतर्गत परिभाषित नहीं किया गया है।
रेरा नियमावली, 2006 के नियम-2(4)) में चल रही (ONGOING) परियोजना को परिभाषित करते हुए यह प्राविधानित किया गया है कि किन परियोजनाओं का रेरा में पंजीकरण आवश्यक है और किन परियोजनाओं का रेरा में पंजीकरण आवश्यक नहीं है। रेरा नियमावली, 2046 के frea-2(4)(h) निम्नवत a (h) “ongoing project" means a project where development is going on and for which completion certificate has not been issued but excludes such projects which fulfill any of the following criteria on the date of notification of these rules: {i) where services have been handed over to the Local Authority for maintenance. (ii) where common areas and facilities have been handed over to the Association for the Residents' Welfare Association for maintenance. (iii) where all development work have been completed and sale/lease deeds of sixty percent of the apartment/houses/plots have been executed. (iv) where all development works have been completed and application has been filed with the competent Be forjssue of completion certificate. Page 6 of 43 E-Court Rr नियमावली, 2006 के नियम-4(2) के प्राविधानों के अनुसार नियमावली राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होगी। नियमावली का प्रकाशन राजपत्र में NOTIFICATION NO. 438/Vill-3-I6-65 VIVIDH-6, DATED- 27-0-206, PUBLISHED IN U.P. GAZETTE, EXTRA PART-4, SECTON (ka), DATED- 27-40-206 को किया गया।
इस प्रकार रेरा नियमावली, 20i6 & प्रभावी होने की तिथि 27.40.2046 है। रेरा नियमावली, 2046 के नियम--2(4)(#) के प्राविधानों के अनुसार नियमावली के अधिसूचित होने की तिथि 2740.20I6 को जिस परियोजना का पूर्णता प्रमाण पत्र जारी नहीं हुआ था वह परियोजना चल रही (Ongoing) परियोजना की श्रेणी में आएगी और उसका रेरा में पंजीकरण कराया जाना अनिवार्य होगा। नियम--2(3)(0)॥),0),(0) & (५) में 04 मापदण्ड बताये गये हैं। इन चारों मापदण्डों में से किसी भी मापदण्ड को पूरा करने वाली परियोजना, पूर्णता प्रमाण पत्र जारी न होने के बावजूद चल रही (Ongoing) परियोजना की श्रेणी से बाहर मानी जाएगी और ऐसी परियोजना का रेरा में पंजीकरण कराया जाना अनिवार्य नहीं होगा। रेरा अधिनियम की धारा-3 के प्राविधानों का प्रमोटर द्वारा उल्लंघन किए जाने पर धारा-59 में शास्ति एवं दण्ड का प्राविधान किया गया है। यदि प्रमोटर द्वारा परियोजना का रेरा में पंजीकरण नहीं कराया जाता तो उस पर शास्ति, जो परियोजना के लागत का io प्रतिशत हो सकती है, अधिरोपित किए जाने का प्राविधान है। यदि प्रमोटर द्वारा अधिरोपित शास्ति जमा नहीं की जाती तो प्रमोटर का दाण्डिक अभियोजन कर 03 वर्ष के कारावास तक दण्ड का प्राविधान है। धारा--59 के प्राविधान निम्नवत है:- Section 59- Punishment for non registration under section 3. () If any promoter contravenes the provisions of section 3, he shall be liable to a penalty which may extend up to ten per cent. of the estimated cost of the real estate project as determined by the Authority.
(2) If any promoter does not comply with the orders, decisions or directions issued under sub-section (3) or continues to violate the provisions of section 3, he shall be punishable with imprisonment fora term which may extend up to three years or with fine which may extend up to a further ten per cent. of the estimated cost of the real estate project, or with both. निष्कर्ष उभयपक्षों के अभिकथनों, प्रस्तुत किए गए साक्ष्य एवं मौखिक बहस में प्रस्तुत तर्कों के आधार पर निम्नलिखित अवधार्य बिन्दु उत्पन्न होता है:- 4. क्या परियोजना रेरा में पंजीकृत, पंजीकरण योग्य है? अवधार्य fa-q—t शिकायतकर्तागण का कथन है कि विपक्षी ने परियोजना का रेरा में पंजीकरण नहीं कराया है। बिना पंजीकरण कराये परियोजना में युनिटे कय- "Ge जा रहीं हैं। Page 7 of 43 Sa E-Court निर्धारित समय में कब्जा नहीं दिया जा रहा है। विकय अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन किया जा रहा है। विपक्षी द्वारा रेश अधिनियम की धारा-3 के प्राविधानों का उल्लंघन किया गया है। अतः: उसके विरूद्ध विधिक कार्यवाही की जाये। विपक्षी का कथन है कि उसकी परियोजना का रेरा में पंजीकरण कराया जाना अनिवार्य नहीं है। अधिनियम लागू होने की तिथि पर विपक्षी की परियोजना चल रही (Ongoing) परियोजना की श्रेणी में नहीं आती थी। क्योंकि अधिनियम लागू होने से पूर्व ही दिनांक 06.03.20:7 को विकास प्राधिकरण द्वारा परियोजना का अधिभोग प्रमाण पत्र जारी किया जा चुका था। अब इस तथ्य का परीक्षण करना है कि gar विपक्षी की परियोजना धारा-3(2)७) सपठित नियम-2()॥) रेरा नियमावली के अधीन रेरा में पंजीकरण से मुक्त है।
विपक्षी की ओर से पंजीकरण से छूट का मुख्य आधार यह बताया गया है कि परियोजना का अधिभोग ,पूर्णता प्रमाण पत्र दिनोक 06.03.20I7 को जारी किया जा चुका था। इस अधिभोग/पूर्णता प्रमाण पत्र के आधार पर मा. प्राधिकरण की पीठ द्वारा शिकायत संख्या NCRI44/03/72723/202. सुखमल चन्द्र जैन बनाम इम्पीरिया स्ट्रक्चर oie. एवं ॥॥८२44/04/88742/2022 पंकज कुमार बनाम seiRar wer uf. के मामले में यह माना जा चुका है कि परियोजना धारा--3 के अपवाद के अधीन आती है क्योंकि प्रमोटर द्वारा अधिभोग /पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त किया जा चुका था। विपक्षी के उपरोक्त तर्क का खण्डन करने हेतु शिकायतकर्तागण की ओर से कहा गया कि उपरोक्त शिकायतों में मा. पीठ द्वारा ऐसा कोई मत व्यक्त नहीं किया गया है कि परियोजना रेरा में पंजीकरण योग्य नहीं है। इसके विपरीत शिकायत संख्या ८१३44/09/64269/2020 अभियांक सिन्हा बनाम इम्पीरिया स्ट्रक््चर लि. में मा. ler, एन.सी.आर. द्वारा अपने आदेश दिनांक 45.07.2022 में परियोजना को पंजीकरण योग्य पाते हुए विपक्षी को आदेशित किया था कि विपक्षी 03 माह के अन्दर परियोजना का रेरा में पंजीकरण कराये, इसके बावजूद पंजीकरण नहीं कराया गया है। उभयपक्षों के तर्क के आधार पर अभिलेख के अवलोकन से प्रकट होता है कि विपक्षी ने अपने लिखित कथन में उल्लिखित निर्णयों की प्रति प्रस्तुत नहीं किया है। शिकायतकर्ता ने अपने कथन के समर्थन में उल्लिखित शिकायत में पारित निर्णय की प्रति दाखिल की गयी है।
विपक्षी द्वारा उद्धृत दोनों निर्णयों को रेरा पोर्टल पर अवलोकन से प्रकट होता है कि सुखमल चन्द्र जैन की उपरोक्त शिकायत के मामले में मा. पीठ द्वारा ऐसा कुछ भी अपवधारित नहीं किया गया है कि परियोजना रेरा में पंजीकरण योग्य नहीं है। मा. पीठ ने अपने निर्णय दिनांक 27.04.2022 में मात्र मेसर्स Bea प्रमोटर we डेवलपर्स Wi के मामले में मा. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय के प्रस्तर-54 को उद्धृत किया है। विपक्षी ने मा. पीठ के आदेश का भ्रमित अर्थ निकालते हुए अपने लिखित कथन के प्रस्तर-40 में मेसर्स न्यूटेक प्रमोटर एण्ड डेवलपर्स प्रा.लि. के मामले में मा. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय के प्रस्तर-54 को मा. पीठ का अवधारण मानते हुए अभिकथित किया है। लिखित कथन के प्रस्तर-0 में विपक्षी ने यह उल्लेख किया है कि मा. पीठ ने अवधारित किया है कि परियोजना पंजीकरण योग्य नहीं है ZA में Page 8 of 43 E-Court उल्लेखनीय है कि यह मा. पीठ का कोई मत नहीं है बल्कि मा. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय के प्रस्तर-54 का उद्धरण मात्र है। जहाँ तक दूसरे निर्णय NcRi44/02/8872/2022 पंकज कुमार बनाम इम्पीरिया wer प्रा.लि. का सम्बंध है तो पोर्टल पर उपलब्ध इस शिकायत में पारित निर्णय एवं आदेश दिनांक 02.44.2022 को अवलोकन से प्रकट होता है कि मा. पीठ ने अपने आदेश में ऐसा कोई मत व्यक्त नहीं किया है कि परियोजना रेरा में पंजीकरण योग्य नहीं है। मा. पीठ ने शिकायत को ABEYANCE में रखते हुए 03 माह के अन्दर परियोजना के पंजीकरण के सम्बंध में जांच एवं कार्यवाही किए जाने का आदेश पारित किया गया है। मा. पीठ ने सचिव रेरा को यह सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया है कि परियोजना रेरा में पंजीकरण योग्य है अथवा नहीं?
इस प्रकार विपक्षी द्वारा अपने तर्क के समर्थन में जिन शिकायतों में पारित आदेशों का उल्लेख किया गया है, उन दोनों ही शिकायतों में मा. पीठ द्वारा ऐसा कोई आदेश पारित नहीं किया गया है कि परियोजना रेरा में पंजीकरण योग्य नहीं है। इस प्रकार विपक्षी ने अपने तर्क के समर्थन में जिन 02 शिकायतों का उल्लेख किया है, उन शिकायतों में पारित आदेश से विपक्षी के तर्क का किसी भी प्रकार से समर्थन नहीं होता। इसके विपरीत शिकायतकर्तागण ने अपने तर्क के समर्थन में शिकायत संख्या ९९१44/09/64469/2020 अभियांक सिन्हा बनाम इम्पीरिया स्ट्रकक््चर लि. में मा. पीठ-4, एन.सी.आर. द्वारा पारित आदेश दिनांक 45.07.2022 का आश्रय लिया है। मा. पीठ-4, एन.सी.आर. द्वारा पारित उपरोक्त आदेश दिनांक 45.07.2022 के अवलोकन से परिलक्षित होता है कि मा. पीठ ने 03 माह के अन्दर परियोजना का रेरा में पंजीकरण कराने हेतु विपक्षी को आदेशित किया गया। साथ-ही--साथ रेरा में पंजीकरण न कराये जाने के लिए विपक्षी के विरूद्ध विधिक कार्यवाही करने हेतु सचिव रेरा को निर्देशित भी किया गया। मा. पीठ के आदेश दिनांक 45.07.2022 के प्रवर्तनशील भाग के बिन्दु संख्या 2. 3 व 4 का उल्लेख किया जाना wikis होगा। बिन्दु 2, 3 व 4 निम्नवत a “2 विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि प्रश्नगत परियोजना का आगामी 3 माह के अंतर्गत अपनी परियोजना को RT में पंजीकृत कराना सुनिश्चित करें। 3. सचिव, रेरा, विपक्षी द्वारा परियोजना को रेरा में पंजीकृत न किए जाने हेतु रेरा अधिनियम के अनुसार विधिसंम्यक कार्यवाही करें। 4. इस आदेश की एक प्रति सचिव, रेरा को अग्रतर कार्यवाही हेतु प्रेषित की ore |"
इस प्रकार मा. पीठ के आदेश से स्पष्ट है कि मा. पीठ ने परियोजना के पंजीकरण योग्यता पर अपना विधिक मस्तिष्क प्रयोग करने के उपरांत परियोजना को रेरा में पंजीकरण योग्य पाया है। विपक्षी को 3 माह के अन्दर eZ To रेरा में पंजीकरण tn Page 9 of 3 E-Court कराये जाने का आदेश भी दिया गया है। परियोजना का रेरा में पंजीकरण न कराये जाने के कारण विपक्षी के विरूद्ध विधिक कार्यवाही करने हेतु सचिव रेरा को निर्देशित भी किया गया है। मा. पीठ के उपरोक्त आदेश के बावजूद विपक्षी ने परियोजना का आज तक रेरा में पंजीकरण नहीं कराया है। विपक्षी का कथन है कि उसकी परियोजना का पूर्णता प्रमाण पत्र /अधिभोग प्रमाण पत्र दिनांक 06.03.2047 को जारी किया जा चुका है। इस कारण परियोजना रेरा में पंजीकरण योग्य नहीं है। इस सम्बंध में विपक्षी की ओर से लिखित कथन के प्रस्तर-6 में रेरा अधिनियम की धारा-3(2)(9) के प्राविधानों पर विशेष बल दिया गया है। धारा-3(2)(9) के प्राविधानों के अवलोकन से प्रकट होता है कि जिन परियोजनाओं का पूर्णता प्रमाण पत्र अधिनियम के प्रारम्भ की तिथि से पूर्व प्राप्त हो चुका था, उन परियोजनाओं का रेरा में पंजीकरण कराया जाना अनिवार्य नहीं होगा। धारा-3(4) के प्रथम परन्तुक के प्राविधानों के अनुसार अधिनियम के प्रारम्भ होने की तिथि पर जिस परियोजना का पूर्णता प्रमाण पत्र जारी नहीं हुआ था, वह परियोजना चल रही (ONGOING) परियोजना मानी जाएगी, जिसका 03 माह के अन्दर रेरा में पंजीकरण कराया जाना अनिवार्य होगा।
धारा-3(2)(0) व धारा-3() के प्रथम परन्तुक दोनों A प्राविधानों में चल रही (ONGOING) परियोजना /रेरा में पंजीकरण योग्य परियोजना के निर्धारण तथा पूर्णता प्रमाण पत्र जारी होने के लिए सारवान तिथि अधिनियम के प्रारम्भ होने की तिथि अर्थात दिनांक 07.05.20i6 दी गयी है। मा. उ.प्र. रेश अपीलीय अधिकरण ने भी अंशुल अग्रवाल बनाम मेसर्स उप्पल ager हाईटेक डेवलपर्स wife. अपील संख्या 575,/2024 Avila दिनांक 34.05.2023 के मामले में निर्णय के प्रस्तर-7.26 में यह अवधारित किया है कि यदि परियोजना का पूर्णता /अधिभोग प्रमाण पत्र अधिनियम के प्रभावी होने की तिथि अर्थात 07.05.20i6 को जारी नहीं हुआ था तो परियोजना चल रही (Ongoing) परियोजना मानी जाएगी और उसका रेरा में पंजीकरण कराया जाना अनिवार्य होगा। विपक्षी के उपरोक्त तर्क के आधार पर अभिलेख के अवलोकन से परिलक्षित होता है कि विपक्षी की ओर से कोई पूर्णता प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया है। विपक्षी की ओर से जो प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया है वह अधिभोग प्रमाण पत्र है। यह अधिभोग प्रमाण पत्र भी आंशिक है जो कि पूरे ब्लाक का न होकर, पार्ट आई. टी. ब्लाक-4 व पार्ट रेजीडेंसी ब्लाक--4 के सम्बंध में जारी किया गया है।
इसका अभिप्राय यह है कि परियोजना में कई ब्लाक है। ब्लाक--4 में जो निर्माण कार्य किया गया है और जिसका आंशिक अधिभोग प्रमाण पत्र जारी किया गया है। आंशिक अधिभोग प्रमाण पत्र आई.टी, ब्लाक-4 व रेजीडेंसी ब्लाक-4 के एक अंश का है अर्थात आई.टी. ब्लाक-4 व रेजीडेंसी ब्लाक-4 के दूसरे अंश का निर्माण कार्य पूरा नहीं है। यदि एक परियोजना में 4 ब्लाक है और उसमें से एक ब्लाक के एक अंश का अधिभोग प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया जाता है तो भी मात्र एक ब्लाक के आंशिक अधिभोग प्रमाण पत्र के आधार पर परियोजना का शेष निर्माण कार्य पूर्ण नहीं माना जाएगा। जब तक चारों ब्लाक का Be कार्य पूर्ण Page 40 of 33 ह E-Court नहीं हो जाता और उसका पूर्णता प्रमाण पत्र /अधिभोग प्रमाण पत्र जारी नहीं हो जाता, तब तक परियोजना धारा-3 के अधीन चल रही (Ongoing) परियोजना मानी जाएगी और उसका रेरा में पंजीकरण कराया जाना अनिवार्य होगा।
यदि तर्क के लिए यह मान भी लिया जाये कि दिनांक 06.03.2047 को सम्पूर्ण परियोजना का पूर्णता प्रमाण पत्र /अधिमोग प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया गया है, तब भी परियोजना धारा-3 के अधीन चल रही (Ongoing) परियोजना ही मानी जाएगी, क्योंकि अधिनियम के प्रारम्भ होने की तिथि 04.05.2046 है अर्थात आंशिक अधिभोग प्रमाण पत्र अधिनियम के प्रारम्भ होने की तिथि के बाद का होगा। इसलिए इस आंशिक अधिभोग प्रमाण पत्र के आधार पर विपक्षी की परियोजना को चल रही (Ongoing) परियोजना की श्रेणी से बाहर नहीं माना जा सकता। विपक्षी की परियोजना अधिनियम के प्रारम्भ होने की तिथि 04.05.206 को चल रही (Ongoing) परियोजना मानी जाएगी और इसका रेरा में पंजीकरण कराया जाना अनिवार्य होगा। इसीलिए मा. पीठ ने भी अपने उपरोक्त आदेश दिनांक 45.07.2022 में परियोजना को पंजीकृत कराने हेतु विपक्षी को निर्देशित किया गया है। अन्यथा भी इस आंशिक अधिभोग प्रमाण पत्र दिनांकित 06.03.2047 के अवलोकन से परिलक्षित होता है कि यह आंशिक अधिभोग प्रमाण पत्र Mis Times Shopee Centre P.Ltd. पक्ष में निर्गत किया गया है। विपक्षी इम्पीरिया ware लि. के पक्ष में कोई आंशिक अधिभोग प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है।
विपक्षी का कथन है कि M/s Times Shopee Centre P.Ltd. परियोजना से सम्बंधित भूमि के स्वामी है और विपक्षी विकासकर्ता है। जब परियोजना से सम्बंधित भूमि का स्वामी कोई अन्य व्यक्ति होता है और परियोजना का विकास किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किया जाता है तो ऐसे मामले में दोनों पक्षों के मध्य ज्वाइंट वेंचर एग्रीमेंट या कोई अन्य अनुबंध अथवा कोई wig, निष्पादित किया जाता है। विपक्षी से जब सुनवाई के दौरान इस सम्बंध में पूछा गया तो उसके द्वारा स्वीकार किया गया कि उसने ऐसा कोई प्रपत्र दाखिल नहीं किया है। जबकि विपक्षी को अपना पक्ष प्रस्तुत करने तथा प्रपत्र प्रस्तुत करने का पर्याप्त एवं युक्तियुक्त अवसर दिया गया। इस बिन्दु पर मा. उ.प्र. रेश अपीलीय अधिकरण द्वारा अंशुल अग्रवाल बनाम ee उप्पल deat हाईटेक डेवलपर्स प्रा.लि. अपील संख्या 575,//2024 निर्णति दिनांक 34.05.2023 के मामले में निर्णय के weae-7.9 का उल्लेख किया जाना समीचीन होगा। मा. उ.प्र. tr अपीलीय अधिकरण ने निर्णय के प्रस्तर-7.49 में ada प्लानिंग एण्ड डेवलपमेंट एक्ट 4973 उ.प्र. अपार्टमेंट (प्रमोशन आफ कस्ट्रसन, ओनरशिप एण्ड मेंटीनेंस) एक्ट, 200, रेरा एक्ट एवं Bee, 2076 H प्राविधानों पर सम्यक विचार करने के उपरांत अपार्टमेंट एक्ट, 200 की धारा-4(5) के स्पष्टीकरण पर विचार करने के उपरांत यह अवधारित किया है कि “wie” का अभिप्राय सम्पूर्ण निर्माण अथवा एक स्वतंत्र ब्लाक के निर्माण से है। परियोजना के एक ब्लाक के निर्माण का पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त करना केवल कब्जा प्रदान करने के उद्देश्य से होता है। एक ब्लाक का पूर्णता /अधिभोग प्रमाण पत्र जारी होने के बावजूद जब तक परियोजना का सम्पूर्ण निर्माण/विकास कार्य पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक
परियोजना चल रही (Ongoing) परियोजना ही मानी WAZ Page 47 of 43 E-Court विपक्षी की ओर से अपने लिखित कथन के प्रस्तर-4, 5 एवं 6 में कथन किया गया है कि उसके द्वारा परियोजना का फेज वाइज विकास किया जा रहा है। विपक्षी के अनुसार रेरा अधिनियम की aie के स्पष्टीकरण के अनुसार प्रत्येक फेज का पृथक पंजीकरण कराया जा सकता है। विपक्षी क॑ इस तर्क के आधार पर विधिक स्थिति पर विचार किया गया। धारा-2 के अधीन विभिन्न परिभाषाएं दी गयी है। इस धारा में कोई स्पष्टीकरण नहीं है। अधिनियम की धारा-3 के स्पष्टीकरण में परियोजना के फेज वाइज विकास के सम्बंध में स्थिति स्पष्ट की गयी है, जिसके अनुसार प्रत्येक फेज अकेले अपने आप में एक परियोजना होगी। विपक्षी का कथन है उसके द्वारा परियोजना का फेज वाइज विकास किया जा रहा है, परन्तु विपक्षी द्वारा ऐसा कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिससे यह प्रकट हो कि परियोजना का कितने फेजेज में विकास किया जा रहा है। किस फेज में क्या-क्या निर्माण किया जा रहा है। कितने फेज का निर्माण हो चुका है कितने फेज का निर्माण बाकी है। शिकायतकर्तागण को आवंटित यूनिट किस फेज के अंतर्गत आती है। यूनिट आवंटन के सम्बंध में पत्रावली पर उपलब्ध अग्रणी शिकायत waty—7 के एम.ओ.यू. के अवलोकन से परिलक्षित होता है कि एम.ओ.यू. के पेज--2 पर परियोजना का नाम PROJECT OF IT/ITS OFFICE SPACE CALLED ‘ONYX’ अंकित a | विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता के पक्ष में जारी एक अन्य अभिलेख में परियोजना का नाम “H20 IT PARK” उल्लिखित है। इसी प्रकार अन्य शिकायतों मे भी भिन्न-भिन्न अभिलेखों में परियोजना का भिन्न-भिन्न नाम दिया गया है।
विपक्षी की ओर से अपने लिखित कथन में यह भी अभिकथन किया गया है कि शिकायतकर्तागण ने अपने पक्ष में रजिस्ट्री कराकर कब्जा भी ले लिया है इसके बावजूद शिकायत प्रस्तुत की गयी है। इसलिए शिकायतकर्तागण की शिकायत पश्चातवर्ती fae (afterthought) का परिणाम है, जिसमें कोई सार नहीं है । विपक्षी की ओर से परियोजना का अधिमोग प्रमाण पत्र जारी होने के आधार पर रेरा में पंजीकरण से छूट का दावा किया जा रहा है। विपक्षी के अनुसार परियोजना पूर्ण हो चुकी है, जिसका अधिभोग प्रमाण पत्र दिनांक 06.03.2047 को जारी हो चुका है इसलिए रेरा में पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है और इसीलिए रेरा में पंजीकरण नहीं कराया गया है। शिकायतकर्ता की ओर से ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा जारी पत्र दिनांक 23.03.2044, 44.07.2048, 27.07.2048, 07.08.2020, 07.09.2020, 04.08.2020 एवं 44.05.2048 प्रस्तुत किया है, जिसके अवलोकन से प्रकट होता है कि विकास प्राधिकरण द्वारा दिनांक 23.03.2044 को प्लाट--44--45, 5६८09४- KNOWLEDGE PARK-V, GREATER NOIDA पर परियोजना का मानचित्र स्वीकृत किया गया। अन्य विभिन्न पत्रों के अवलोकन से प्रकट होता है कि विपक्षी द्वारा प्राधिकरण के समक्ष पुनरीक्षित मानचित्र स्वीकृत कराये जाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किए गए हैं जो प्राधिकरण के समक्ष विचारार्थ लम्बित है। पत्र दिनांकित 44.05.2048 के अवलोकन से प्रकट होता है कि मानचित्र परिवर्तन हेतु प्रस्तुत Be गुए आवेदन पर Page 42 ०043 ब्रा E-Court
विचार करने के उपरांत विकास प्राधिकरण ने अपने पत्र दिनांक 44.05.2048 में कुल i5 आपत्तियां अंकित करते हुए विपक्षी से आपत्तियों को दूर करने की अपेक्षा की गयी है। शिकायतकर्तागण द्वारा जनसूचना अधिकार के अधीन नियोजन अनुभाग के सहायक जनसूचना अधिकारी के पत्रांकः नियो०/आर0०0टी0आई0 / 2049 / 5829 दिनांक 04.09.20i9 के माध्यम से प्राप्त जनसूचना के अनुसार भूखण्ड संख्या | 44-45, SECTOR- KNOWLEDGE PARK-V, GREATER NOIDA पर टाइम शापी सेन्टर प्रा. लि. द्वारा पुनरीक्षित मानचित्र स्वीकृति हेतु आवेदन किया गया है, जो वर्तमान तक मानचित्र स्वीकृत नहीं हुए हैं। | उपरोक्त विवेचना एवं विश्लेषण से स्पष्ट है कि विपक्षी की परियोजना अधिनियम लागू होने की तिथि पर चल रही (ongoing) परियोजना थी। आज भी परियोजना पूर्ण नहीं हुई है। पुनरीक्षित मानचित्र स्वीकृति हेतु विकास प्राधिकरण के समक्ष विचाराधीन है। मा. पीठ ने अपने आदेश दिनांक 45.07.2022 में पहले भी विपक्षी को 03 माह के अन्दर रेरा में परियोजना पंजीकरण कराने हेतु निर्देशित किया जा चुका है, इसके बावजूद विपक्षी द्वारा अभी तक परियोजना का पंजीकरण नहीं कराया गया है। अतः: घर खरीददारों /आवंटीगण के हितों की संरक्षा के लिए परियोजना का रेरा में पंजीकरण कराया जाना आवश्यक प्रतीत होता है। आदेश शिकायतकर्तागण की शिकायतें स्वीकार की जाती हैं। परियोजना एक चल रही (Ongoing) परियोजना है। अतः परियोजना का रेरा में पंजीकरण होना आवश्यक है। पत्रावली पंजीकरण के सम्बंध में अग्रिम कार्यवाही हेतु सचिव, उ.प्र. रेरा को प्रेषित की जाये। a kp. oe दिनांक: 24.08.2024 (हरीश त्रिपाठी) न्यायनिर्णायक अधिकारी Page 43 of 43