Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Saroj Nagar v. Bptp Limited
Complaint No. NCR144/040554/2019
- Decision date
- 2026-03-05
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar Status-Disposed
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, 24-शिकायत PAT:—NCR44/040554/209 सरोज नगर बनाम बीपीटीपी लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 05.03.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री आरुषि शर्मा उपस्थित हुई। विपक्षी अनुपस्थित | सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है और न ही हस्तान्तरण विलेख निष्पादित एवं पंजीकृत कराया गया है। gent शिकायत में माननीय पीठ-0 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 09.07.2020 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्तागण को ओ.सी. / सी.सी. सहित दिनांक 34.42.2020 तक, यदि कोई देय धनराशि बकाया है, तो उसे प्राप्त कर कब्जा देना सुनिश्चित करें और नियमानुसार स्टाम्पशुल्क प्राप्त कर रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। > विपक्षी, शिकायतकर्तागण at te पीरियड के साथ धनराशि का ब्याज रेरा के पूर्व अनुबन्ध के अनुसार देय होगा एवं रेरा आने के उपरान्त स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा निर्धारित MCLRH प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर पर देय होगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाता है कि ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी। यदि ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक है, तो नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की जाये।
3. यह भी स्पष्ट किया जाता है कि रेरा अधिनियम 20I6 के धारा 2 (ali) के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है कि यदि कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर जज द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। 4. फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09. 2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। 5. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बंधित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस ओदश में प्रतिपादित सिद्धान्तों के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी। 6. इस आदेश का उल्लंघन उ.प्र. भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 206 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 7. यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्ता को यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का क्रियान्वयन करा सकेंगे। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 09.07.2020 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया war) उपरोक्त शिकायत में मा. te-or द्वारा दिनांक 25.05. 2022 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- सचिव, रेरा को निर्देशित किया जाता है कि वह प्रश्नगत प्रकरण में धारा-40 के अन्तर्गत पीठ द्वारा पूर्व में पारित आदेश दिनांक 09.07.2020 के अनुसार विलम्बित अवधि के ब्याज हेतु वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने की कार्यवाही करना सुनिश्चित wr
वसूली प्रमाण-पत्र में पारित आदेश पर जिलाधिकारी कार्यालय से आख्था प्राप्त होने के पश्चात धारा-63 के अन्तर्गत अग्रिम कार्यवाही की जायेगी, तब तक के लिए पत्रावली स्थगन (पद) पर रखी जाती है। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38/40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं यूनिट की रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित कार्यालय आदेश दिनांक 02.42.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष पेश हुई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन करते हुए अपनी अनुपालन आख्या 5 दिनों के अन्दर रेरा पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 24.03.2026 को पेश हो। WE ee” आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण