Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Mrs. Sarika v. SJP Infracon Limited
Complaint No. NCR144/040349/2019
- Decision date
- 2026-07-01
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 //63 सपठित नियम-24 42-शिकायत WT—NCR 44/040349/209 श्रीमती सारिका बनाम एसजेपी इंफ्राकॉन लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 04.07.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री समर्थ उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री ऋषेन्द्र उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। प्रश्नगत शकायत में माननीय पीठ-03 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 25.:.20:9 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि शिकायतकर्ता को आवंटित यूनिट का कब्जा (physical possession) आओ. सी /सी.सी के साथ फरवरी 2020 तक उपलब्ध करायें। 2. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि विलम्बित अवधि का ब्याज दिनांक 49.03. 208 से ओससी प्राप्त होने की तिथि या ऑफर ऑफ पजेशन जो बाद में हो, तक MCLRH% की ब्याज दर से भुगतान करेगा। इस धनराशि को कब्जा दिये जाने के समय अंतिम देय धनराशि में समायोजित (adjust) किया जायेगा। 4... शिकायतकर्ता द्वारा यदि कोई धनराशि का भुगतान करना शेष है तो रेरा अधिनियम की धारा 2 (vay) के अधीन उस विलम्बित अवधि का ब्याज विपक्षी प्राप्त करने का अधिकारी है परन्तु ब्याज MCLRH% की दर से अधिक देय नहीं होगा। इस आदेश का उल्लघंन उठप्र०भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 20i6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा।
विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 25.44.2049 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,63 के अन्तर्गत उक्त आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया war) उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-03 द्वारा दिनांक 47.04. 2022 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है किः- सचिव, रेरा को निर्देशित किया जाता है कि परिवादी की शिकायत के सम्बन्ध में विलम्बित अवधि का ब्याज धनराशि वसूली हेतु वसूली प्रमाण-पत्र जारी करना सुनिश्चित करें। चूंकि प्रतिवादी द्वारा आदेश का अनुपालन नहीं किया गया है, ऐसी स्थिति में पत्रावली को धारा 63 की अग्रिम कार्यवाही हेतु प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। अन्तर्गत धारा-38 /40 /63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका। तदोपरान्त श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित कार्याला आदेश दिनांक 08.04.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। प्रकरण में नियम-24 के अन्तर्गत सर्वप्रथम सुनवाई दिनांक 30.04.2026 को हुई। शिकायतकर्ता द्वारा पिछली तिथि 30.04.2026 को धारा-37 के अन्तर्गत प्रार्थना-पत्र दिनांकित 48.03.2026 दाखिल किया गया था, जिस पर विपक्षी द्वारा अपनी आपत्ति दाखिल करने हेतु समय चाहा गया।
अतः विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश दिनांक 25.44.2049 के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी./ सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को i5 दिनों के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति गणना शीट सहित दाखिल GY Wear | शिकायतकर्ता द्वारा दाखिल धारा-37 के अन्तर्गत प्रार्थना-पत्र दिनांकित 48.03.2026 के विरुद्ध यदि विपक्षी को कोई आपत्ति दाखिल करनी है, तो कर सकता है, आगे विपक्षी को अवसर प्रदान नहीं किया जायेगा और शिकायतकर्ता द्वारा दाखिल धारा-37 के अन्तर्गत प्रार्थना-पत्र दिनांकित 48.03.2026 पर सुनकर अग्रिम कार्यवाही की जायेगी। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 30.07.2026 को पेश हो। आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण