Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Meenu Goel and Arvind Goel v. Wave Megacity Centre Pvt. Ltd
Complaint No. NCR144/04/93324/2022
- Decision date
- 2026-06-09
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 // 40 //63 सपठित नियम-24 26-शिकायत WAM—NCR44/04/93324/2022 मीनू गोयल और अरविंद गोयल बनाम वेव मेगासिटी सेंटर प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 09.06.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री Set शर्मा उपस्थित हुई | विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री असित उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गय। शिकातयकर्ता द्वारा बताया गया कि उसको विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया है और न ही उसके पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई गई है। ped शकायत में माननीय पीठ-04ए द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 47.04.2023 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4... विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्तागण के फ्लैटस् की समस्त सुविधाओं को अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 28.02.2023 तक ओ.सी /सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और शिकायतकर्तागण से देय rT शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार, शिकायतकर्तागण के vet में रजिस्ट्री निष्पादित कराना सुनिश्चित करें।
2. विपक्षी, शिकायतकर्ता (पारूल गोयल एवं अमित गोयल) को दिनांक 02.44.2049 से ओ.सी./ सी.सी. प्राप्त किये जाने की तिथि अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो. तक की अवधि पर शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर विलम्ब ब्याज के रूप में MCLRH प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की देय धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। कोविड-49 के कारण फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनाक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही इस अवधि में शिकायतकर्ता द्वारा यदि अनुबन्धानुसार अथवा कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। अन्य शिकायतकर्तागण के प्रकरणों में अनुबन्ध के अनुरूप उपरोक्तानुसार विलम्ब ब्याज की गणना की जायेगी। 3. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 2046 की धारा 2(za)(i) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLR+H प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी। 4... विपक्षी को यह भी आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्तागण को यूनिटस् का कब्जा देते समय सभी चार्जेज अनुबन्ध के अनुरूप प्राप्त करने के अधिकारी होगें।
5. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बन्धित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस आदेश में प्रतिपादित सिद्धान्त के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी | 6... इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 20:6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय 7. यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्तागण को यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का कियान्वयन करा सकेगें। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 47.04.2023 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,/63 के अन्तर्गत var आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-03 द्वारा दिनांक 03.05. 2024 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- उपरोक्त विश्लेषण व तथ्यों से स्पष्ट है कि विपक्षी ने पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 47.04.2023 के क्रम संख्या 4 व 2 का अनुपालन नहीं किया है। अतः सचिव रेरा को निर्देशित किया जाता है कि भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 20:6 की धारा-38/40,//63 के अन्तर्गत पीठ द्वारा दिनांक 47.04. 2023 को aRI—3t, के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या 2 के अनुसार ष्जमा धनराशि पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्रष्जारी करना सुनिश्चित करें। विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन न किये जाने के कारण भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 20i6 की धारा 63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाए। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। हा
अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सकी। तदोपरान्त श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित कार्यालय आदेश दिनांक 08.4.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली आज नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष प्रथम बार पेश हुई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी./ सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को एक माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में आवंटित यूनिट की रजिस्ट्री निष्पादित करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 08.09.2026 को पेश हो। आर. पी. सिंह है (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पंदा विनियामक प्राधिकरण