Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Yasho Vardhan Verma and Sandhya Verma v. Wave Megacity Centre Pvt. Ltd
Complaint No. NCR144/04/92322/2022
- Decision date
- 2026-02-25
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Counsel
- Puneet Jain (in this matter)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
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Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, एच-469, गामा-2, ग्रेटर नोएडा, गौतमबुद्धनगर-204308. सुनवाई Ve—0 (पूर्व में पीठ--04-ए) निर्णय एवं आदेश अन्तर्गत धारा-39 पीठासीन अधिकारी: श्री संजय आर. भूसरेड्डी, मा. अध्यक्ष शिकायत संख्या: $८०-३9//0८0२।44/04/92322/2022 aa मेगासिटी सेन्टर प्रा. लि. बनाम यशो वर्धन वर्मा एवं सन्ध्या वर्मा प्रार्थी / बिल्डर के प्रार्थना-पत्र अन्तर्गत धारा-39 पर उभय पक्षों द्वारा अन्तिम | | बहस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिनांक 28-7-2025 को की गई। पुकार पर |प्रार्थ / बिल्डर की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री अमित कुमार उपस्थित gy विपक्षी | (आवंटी) की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री are कुमार के प्रॉक्सी अधिवक्ता श्री पुनीत | जैन उपस्थित हुए। इस पर पीठ द्वारा उभय पक्षों के विद्वान अधिवक्तागण के तर्कों को विस्तार से सुनने के उपरान्त, पत्रावली आदेश हेतु, दिनांक 28-7:-2025 को ही सुरक्षित की गयी। |
प्रस्तुत प्रार्थना-पत्र weit // बिल्डर द्वारा दिनांक 04—:-2023 को रेरा पोर्टल के माध्यम से प्रस्तुत करने के साथ-साथ विस्तृत लिखित प्रार्थना-पत्र, दिनांक 48-40-2024 अन्तर्गत धारा-39 प्रस्तुत किया गया। प्रार्थी / बिल्डर द्वारा उपर्युक्त प्रार्थना-पत्रों में कहा गया है कि प्रश्नगत शिकायत के सम्बन्ध में पीठ द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत दिनांक | 2i-09-2022 को अंतिम आदेश पारित किया गया, जिसके अनुपालन में | सचिव, उ.प्र. रेरा द्वारा रेश अधिनियम, 20i6 की धारा-40 के अन्तर्गत प्रार्थी / बिल्डर के | | विरूद्ध रू.99,8,322.52,“- की धनराशि हेतु वसूली प्रमाण-पत्र, दिनांक 20-04--2023 | | को जारी किया गया है, परन्तु उक्त वसूली प्रमाण-पत्र में विपक्षी /आवंटी द्वारा अदा की | गयी मूल धनराशि G.5,48,.36/- को मानते हुए विलम्ब ब्याज की गणना में गलती / gfe हो गयी है, क्योंकि स्टेटमेन्ट ऑफ spree के अनुसार विपक्षी /आवंटी | द्वारा प्रश्नगत यूनिट के सापेक्ष कुल w.3,54,448/— की धनराशि का भुगतान किया | Page | of 4 E-Court
गया है। अतः बुक की गयी यूनिट के सापेक्ष विपक्षी /आवंटी से प्राप्त धनराशि रू.34,54,448 //- को ध्यान में रखते हुए, विलम्ब ब्याज &.28,29,544/— बनता है। विपक्षी / आवंटी ने झूठे एवं निराधार सम्पूर्ण तथ्यों को प्रस्तुत करते हुए, अपने लिखित जवाब में रू.20,00,000,/- की भुगतान रसीद संलग्न की है, जो कि विपक्षी /आवंटी द्वारा प्रस्तुत चेक में अंकित धनराशि प्रार्थी “बिल्डर के खाते में स्थानांतरित होने पर | आधारित थी, परन्तु wei ,, बिल्डर के बैंक खाते में चेक संख्या: 0:7796, दिनांक | 23-04-202 से रू.20,00,000,/- की धनराशि कभी भी प्राप्त नहीं हुई है। इसके अतिरिक्त यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि उक्त चेक संख्या: 047796, दिनांक 23-04--2042 के माध्यम से रू.20,00,000,/- की धनराशि का भुगतान, आवंटी अन्जू ada द्वारा यूनिट संख्या: 30465, 6+2, Block-3F at HSSC के सापेक्ष प्रार्थी / बिल्डर को किया गया है, जिसका विपक्षी / आवंटी की प्रश्नगत यूनिट से कोई सम्बन्ध नहीं है। इन आधारों पर प्रार्थी / बिल्डर द्वारा वसूली प्रमाण-पत्र में अंकित वर्णित वसूली योग्य मूल | धनराशि के स्थान पर उपर्युक्त मूल धनराशि .37,54,448/— पर विलम्ब ब्याज की | पुनर्गणना कराकर, उक्त वसूली प्रमाण-पत्र को संशोधित किये जाने का अनुरोध किया | गया है। | प्रार्थी / बिल्डर द्वारा अपने कथन के समर्थन में सचिव, उ.प्र. रेरा द्वारा जारी वसूली | | प्रमाण-पत्र, दिनांक 20-04--2023 की प्रति, कैल्कुलेशन शीट, कस्टमर स्टेटमेन्ट ऑफ sere, प्रश्नगत शिकायत में धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश, दिनांक 24-09-2022 | की प्रति, जमा धनराशि की रसीदें, आदि अभिलेखों छायाप्रतियाँ दाखिल की गयी हैं।
प्रार्थी / बिल्डर के उक्त प्रार्थना-पत्र अन्तर्गत धारा-39 पर विपक्षी (आवंटी) द्वारा अपने लिखित जवाब, दिनांक 09-07-2024, दिनांक 02-42-2024, दिनांक | 40-09-2025 एवं दिनांक 25-44-2025 रेरा कम्प्लेन्ट पेज पर अपलोड एवं प्रस्तुत किये | गये हैं और प्रार्थी / बिल्डर द्वारा प्रस्तुत उक्त प्रार्थना-पत्र में उल्लिखित तथ्यों को विपक्षी / आवंटी द्वारा विधिवत् स्वीकार किया गया है तथा विपक्षी (आवंटी) को कोई | आपत्ति नहीं है कि यदि पीठ द्वारा प्रार्थी / बिल्डर के प्रार्थना-पत्र अन्तर्गत धारा-39 को | इस सीमा तक स्वीकार कर लिया जाये कि विपक्षी »आवंटी द्वारा रसीद संख्या: | IR20I200278 के माध्यम से रू.20,00,000,/- का कोई भुगतान प्रार्थी / बिल्डर को नहीं : गया है और यह स्वीकार है कि विपक्षी /आवंटी द्वारा प्रश्नगत यूनिट के सापेक्ष | कुल 354,448 //- की धनराशि का भुगतान प्रार्थी / बिल्डर को किया गया है तथा उक्त भुगतान की पुष्टि स्टेटमेन्ट ऑफ saree तथा पोर्टल पर अपलोड की गयी रसीदों से विधिवत् स्पष्ट हो रही है। अतः उपर्युक्त तथ्यों के आलोक में विपक्षी (आवंटी) द्वारा प्रश्नगत प्रार्थना-पत्र अन्तर्गत धारा-39 का निस्तारण किये जाने का अनुरोध किया. गया है Page 2 of 4 bg प्रस्तुत पत्रावली भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-39 | के अन्तर्गत प्रस्तुत की गयी है, जो कि निम्नवत् प्राविधान्वित है:- | | *प्राधिकरण अभिलेख से प्रकट किसी यत्रती को छुघारने की दृष्टि से इस | अधिनियम के अधीन किये गये आदेश की तारीख से दो वर्ष की अवधि के भीतर किसी समय उसके द्वारा पारित किसी आदेश को संशोधित कर सकेगा और यदि पक्षकारों | द्वार उम्रके ध्यान में गलती लायी जाती है तो ऐसा संशोधन करेया :
ay ऐसा als संशोधन ऐसे किसी आदेश के सम्बंध में जिसके विरुद्ध इस अधिनियम के अधीन ater mega की गयी & नहीं किया जायेगा परन्तु यह और fe प्राधिकरण आगिलेख से प्रकट किसी गलती का सुधार करते समय इस अधिनियम को उपबन्धों के अधीन पारित उसके आदेश के MRA भाग का संथोधन नहीं PT |” मैंने उभय पक्षों के विद्वान अधिवक्तागण के oat को विस्तार से सुना गया एवं | पत्रावली पर दाखिल किये गये समस्त साक्ष्यों का परिशीलन किया गया, जिनके परिशीलन से यह विदित है कि पीठ द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश, दिनांक 24-09-2022 | के पृष्ठ संख्या: 04 पर वर्णित सारणी के क्रम संख्या: 05 की पंक्ति संख्या: 04 पर विपक्षी | | आवंटी) द्वारा प्रार्थी,बिल्डर को भुगतान की गयी धनराशि रू.58,48,546 /- अंकित / वर्णित है, जो कि विपक्षी /आवंटी द्वारा रेरा कम्प्लेन्ट पेज के फार्म-एम पर | अंकित धनराशि के आधार पर वर्णित अंकित है।
चूंकि प्रार्थी / बिल्डर द्वारा वसूली प्रमाण-पत्र में अंकित, वर्णित वसूली योग्य मूल | धनराशि .5,48,36/— के स्थान पर कस्टमर स्टेटमेन्ट ऑफ sree तथा जारी | जमा धनराशि की रसीदों के आधार पर वास्तव में विपक्षी / आवंटी द्वारा प्रश्नगत यूनिट | के सम्बन्ध में well ,/ बिल्डर को अदा की गयी मूल धनराशि W.37,54,448 /— पर विलम्ब ब्याज की पुनर्गणना कराकर, सचिव, उ.प्र. रेरा द्वारा जारी वसूली प्रमाण-पत्र को संशोधित किये जाने का अनुरोध किया गया है, जिस पर विपक्षी (आवंटी) द्वारा अपने लिखित जवाब, दिनांक 25-44-2025 में उपर्युक्तानुसार पूर्णता सहमति प्रदान की गयी है, क्योंकि विपक्षी / आवंटी द्वारा स्वयं त्रुटिवश रेरा कप्प्लेन्ट पेज पर प्रार्थी / बिल्डर को अदा की गयी अंकित मूल धनराशि रू.58,48,546,/- के आधार पर, पीठ द्वारा धारा-34 के | अन्तर्गत पारित आदेश, दिनाक 2I-09-2022 & ys संख्या: o पर वर्णित सारणी के | क्रम संख्या: 05 की पंक्ति संख्या: 04 पर विपक्षी (आवंटी) द्वारा प्रार्थी // बिल्डर को भुगतान | | की गयी धनराशि रू.58,48,546 /— अंकित / वर्णित की गयी है। अतः समस्त तथ्यों एवं वर्णित परिस्थितियों के आलोक में प्रार्थी / बिल्डर द्वारा | प्रस्तुत प्रश्नगत रेक्टीफिकेशन प्रार्थना-पत्र उपरोकतानुसार स्वीकार किया जाता है aa Page 3 of 4 पीठ द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश, दिनोक 2+-09-2022 d पृष्ठ संख्या: 07 | पर वर्णित सारणी के क्रम संख्या: 05 की पंक्ति संख्या: 04 पर विपक्षी /आवंटी द्वारा प्रार्थी, बिल्डर को भुगतान की गयी धनराशि रू.58,48,546,/- के स्थान पर W.3,54,448 /- शुद्ध / संशोधित किया जाता है, उक्तानुसार सम्बन्धी आदेश पढ़ा जाये।
उक्त आदेश अन्तर्गत धारा-34, दिनांक 2t-09-2022 का अवशेष भाग यथावत् बना रहेगा। | आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। TERR पत्रावली दाखिल-दफ्तर हो। दिनांक: 25-02-2026. oon air. j अध्यक्ष/ रेरा | Page 4 of 4