Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Piyush Jhamb and Anwer Beg v. Wave One Private Limited
Complaint No. NCR144/04/74264/2021
- Decision date
- 2026-08-10
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-नन््यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /“40 / 63 सपठित नियम-24 45-शिकायत संख्या:-]0८744/04/74264/202 पीयूष झाम्ब एवं अनवर बेग बनाम वेव वन प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 40.08.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो oi के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री ae उपस्थित हुई। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता*श्री अनुपम कुमार उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गयाँ*एवं Vase का- अवलोकैन्र किया गया। प्रश्नगत शकायत में माननीय पीठ-02 द्वारा *नियमानुसार«वसुनवाई/के उपरान्त दिनांक 27.07.2024 को निम्नवत आदेश पारित किये Tas . विपक्षी को आदेशित कियाँ*जाता 'है. कि वह शिकायतकर्तागण की यूनिट्स के समस्त सुविधाओं को आवंटन-पत्र/अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 34.42.2024 तक ओ.सी./ सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें।
2. विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 44.:0.20:5 से ओ.सी. / सी.सी. प्राप्त होने अथवा कब्जा ऑफर किये जाने, जो भी बाद में हो, की तिथि तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर धटा॥२+-१ प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर से विलम्बित अवधि का ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाता है कि ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी और यदि ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक है, तो नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की जाए। अन्य शिकायतकर्तागण के प्रकरण में अनुबन्ध के अनुरूप उपरोक्तानुसार गणना की जायेगी। alfas—9 की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु देश में हुए लॉकडाउन एवं फोर्स मैज्योर को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जाएगी। न 3. विपक्षी उपरोक्तानुसार कब्जा ऑफर पत्र ओ.सी. मिलने के उपरान्त जारी करना सुनिश्चित करे। 4. विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम 2046 के धारा 2 (29)0) के अन्तर्गत ब्याज को परिभाषित किया गया है कि रेरा लागू होने के बाद यदि कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित ब्याज दर MCLR+ प्रतिशत 0है। 5. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बंधित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस ओदश में प्रतिपादित ard के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा।
विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 27.07.2024 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-04 (पूर्व में पीठ-0ए) द्वारा दिनांक 28.03.2026 को धारा-63 के अन्तर्गत«निम्न आदेश पारित किया गया है किः- अतः उपर्युक्त वर्णित तथ्यों एवं समस्त GRR Ss दृष्टिगत पत्रावली नियम-24 सपठित सिविल प्रक्रिया संहिता*के sree a fea शक्तियों के अधीन पीठ द्वारा धारा-3 के अन्तर्गत पारित ones, fei 27-07-202i के प्रस्तर-04 के अनुसार wea यूनिट के भौतिक कब्जे, एवं रजिस्ट्री की कार्यवाही हेतु मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई &-fery, दिनांक-45--05--2026-को संदर्भित की जाती है। साथ ही सचिव, उ.प्र. रेरा प्रकरण में आदेश, दिनांक 27-07-2024 के प्रस्तर-02 के अनुसार दिनांक 05-05-2026 से पूर्व विपक्षी द्वारा कब्जा देने में हुए विलम्ब के आधार पर, दिनांक 02-.08-2022 से प्रश्नगत परियोजना के सम्बन्ध में कम्प्लीशन सर्टिफिकेट, दिनांक 43--02-2025 के उपरान्त प्रेषित कब्जा ऑफर पत्र, दिनांक 03-03-2025 तक की अवधि के लिए विलम्ब ब्याज की धनराशि की वसूली हेतु, वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि से पूर्व मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
यदि मा. न्यायनिर्णायक अधिकारी नियम 24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते हैं कि विपक्षी / प्रोमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत amer—3i, दिनांक 27-07-2024 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है, तो ऐसी दशा में मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी प्रकरण को रेरा अधिनियम की धारा 63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पीठ को वापस सन्दर्भित कर सकते हैं। अन्तर्गत धारा-38,//40,/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सकी। तदोपरान्त मा. पीठ-04 (पूर्व में पीठ-04ए) द्वारा पारित आदेश दिनांक 28.03.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ-02 द्वारा पारित आदेश दिनांक 27.07.202 के अनुपालन में 3 माह के अन्दर शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। यदि विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्ता आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत कर सकता है, ताकि यूनिट of ap कर, रिसीवर नियुक्त कर शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा दिलाया जा सके और शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सके। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 06.44.2026 को पेश हो। आर. थी. सिंह EH (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामंक, प्राधिकरण