Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Mrs Vibha Tomar and Mrs Maheshwari v. Green Bay Infrastructure Private Limited
Complaint No. NCR144/04/73784/2021
- Decision date
- 2026-01-02
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40 /63 सपठित नियम-24 42-शिकायत WAM—NCR I44/04/73784/202 श्रीमती fear तोमर एवं श्रीमती माहेश्वरी बनाम ग्रीन बे इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 02.04.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री अंजली त्यागी उपस्थित Be | विपक्षी अनुपस्थित | सुना गया एवं प का प्रश्नगत शिकायत में माननीय पीठ-0(ए द्वारा नियमानुसार agai aces a“ 2.202 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- &; i. प्रस्तुत प्रकरणों में दी गयी € कै रिफण्ड का a तोष निरस्त किया जाता है। 2. शिकायतकर्तागण यदि कब्जा लेने का निर्णय लेते हैं, तो ऐसी स्थिति में (क) विपक्षी, शिकायंतकर्तागण को दिनांक 34.03.2022 तक प्लॉटस् का कब्जा दें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें।
(ख) विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 04.09.20i6 से दिनांक 30.042047 तक 45 /- रूपये प्रतिवर्ग गज प्रतिमाह (54,/- रूपये प्रति वर्ग मीटर प्रतिमाह) की दर से एवं दिनांक 07.05.207 से ओ.सी./सी.सी. प्राप्त किये जाने की तिथि अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो तक की अवधि पर शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर विलम्ब ब्याज के रूप में MCLRHA प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें| ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की देय धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही इरा अवधि में शिकायतकर्ता द्वारा यदि कोई अतिदेय (ver Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। इसी प्रकार अन्य शिकायतकर्ता (श्रीमती विभा तोमर एवं श्रीमती महेश्वरी) के प्रकरण में अनुबन्ध के अनुरूप उपरोक्तानुसार गणना की जायेगी।
(ग) विपक्षी, शिकायतकर्ता (प्रभात कुमार मिश्रा) को दिनांक 23.42.205 से दिनांक 30. 04.2047 तक 45/— रूपये प्रतिवर्ग wot प्रतिमाह (54,/- रूपये प्रति वर्ग मीटर प्रतिमाह) की दर से एवं दिनांक 04.05.2047 से ओ.सी. / सी.सी. प्राप्त किये जाने की तिथि अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो तक की अवधि पर शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर विलम्ब ब्याज के रूप में MCLR+H प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें| ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की देय धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25. 09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही इस अवधि में शिकायतकर्ता द्वारा यदि कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। 3. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 2046 की धारा 2(za)(i) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी, दर से appr uric के डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान -परू शिकायतकर्ता द्वारा भी धटा॥ए+। प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा बैलम्ब हे जलम्बित अंवधि हेतु ब्याज की 4. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बन्धित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस आदेश में प्रतिपादित सिद्धान्त के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी |
5. इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 20:6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 6. यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्तागण को यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का कियान्वयन करा सकेगें | विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 30.42.2024 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेंतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ--04ए, द्वारा दिनांक 42.42 2022 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है fe:— वर्णित तथ्यों एवं समस्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए यदि विपक्षी द्वारा दिनांक 34.04.2023 तक कब्जा दिये जाने की सूचना, आदेश दिनांक 30.42.2024 के — अनुसार अकाउन्टस् सैटेल कर “कम्पलेन्ट पेज” पर अपलोड नहीं की जाती है, तो दिनांक 34.04.2023 के बाद सचिव, रेरा प्रकरण में आदेश दिनांक 30.42.2024 के अनुसार विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करायें, जिसके उपरान्त पत्रावली भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण के नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत प्लॉट के कब्जे की कार्यवाही हेतु न्यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष संदर्भित की जाये। न्यायनिर्णायक अधिकारी की आख्या/रिपोर्ट के अनुसार पत्रावली रेरा अधिनियम, 206 की धारा 63 के अन्तर्गत विपक्षी के विरूद्ध यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु प्राधिकरण के समक्ष पेश की जायेगी। ॥॒
तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण कार्यालय आदेश दिनांक 78.0.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पंत्रावली नियम-24 की सुनवाई हेतु आज प्रथम बार इस पीठ के समक्ष पेश Be | विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी.,/सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को एक माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना fay | fern द्वारा बकाया eat के अदा करने पर विपक्षी शिकायतक्ता क PHT उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट कार ai जा | करें | शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी ग्रह है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 04.04.2026 को प्रेश Be (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण