Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Shailendra Tomar v. Intellect Projects Pvt. Ltd
Complaint No. NCR144/04/73557/2021
- Decision date
- 2026-01-22
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Bench 3
Source: UP RERA order
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Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर सुनवाई पीठ-3 शिकायत संख्या :—NCRI44/04/73557/202 शैलेन्द्र तोमर एवं बीना सिंह बनाम इंटेललेक्ट प्रोजेक्ट्स प्रा. लि. पत्रावली उभयपक्षों की बहस अनुतोष संशोधन प्रार्थना पत्र पर सुनकर आदेशार्थ सुरक्षित की गयी थी। शिकायतकर्ता द्वारा प्रकरण में अनुतोष संशोधन प्रार्था पत्र इस आशय का दाखिल किया गया है कि उनके द्वारा पूर्व में वर्तमान शिकायत जमा धनराशि मय ब्याज के अनुतोष हेतु योजित की गयी थी परन्तु कोविड-49 व मार्किट की अध्यतन स्थिति में परिवर्तन होने के कारण अब शिकायतकर्ता यूनिट का कब्जा लेने में इच्छुक है। शिकायतकर्ता द्वारा उल्लेखित किया गया है कि विपक्षी की परियोजना अभी निर्माणाधीन है तथा विपक्षी द्वारा अभी अधिभोग प्रमाण पत्र प्राप्त नही किया गया है।
विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता की अनुतोष संशोधन प्रार्थना पत्र पर आपत्ति दाखिल की गयी है। जिसमें यह उल्लेखित है कि शिकायतकर्ता द्वारा पीठ को गुमराह करते हुए तथा तथ्य छिपाते हुए वर्तमान शिकायत योजित की गयी है क्योकि शिकायतकर्ता द्वारा पूर्ण सहमति के साथ 07.02.2024 को यूनिट का कब्जा प्राप्त किया जा चुका है तथा शिकायतकर्ता को जब यह जानकारी हुई कि उपरोक्त कारण से उनका जमा धनराशि वापस दिलाये जाने का अनुतोष निरस्त हो सकता है तब शिकायतकर्ता grr t04t दिन के पश्चात् विचार करके प्रकरण में अनुतोष संशोधित किये जाने हेतु प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया है। विपक्षी द्वारा अपने कथन के समर्थन में लाइफ इंशोरेशन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया बनाम संजीव बिल्डर mo feo और अन्य का उल्लेख किया गया है। अतः विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता द्वारा दाखिल अनुतोष संशोधन प्रार्थना पत्र निरस्त किये जाने का अनुरोध किया गया है। पत्रावली के अवलोकन से विदित होता है कि शिकायतकर्ता द्वारा दिनांक 07.02.2024 को विपक्षी के साथ एकाउट सेटल करते हुए यूनिट का कब्जा प्राप्त किया जा चुका है। शिकायतकर्ता द्वारा यूनिट का कब्जा प्राप्त किये जाने के सम्बन्ध में विपक्षी द्वारा कब्जा प्रमाण पत्र दिनांकित 07.02.2024 की प्रति संलग्न की गयी है जो उभयपक्ष द्वारा हस्ताक्षरित है जिससे विदित होता है कि शिकायतकर्ता दिनांक 07.02.2024 से प्रश्नगत यूनिट के कब्जे में है और शिकायतकर्ता द्वारा यूनिट का कब्जा प्राप्त किये जाने पश्चात् वर्तमान शिकायत जमा धनराशि वापस दिलाए जाने हेतु दिनांक 22.04.2024 को योजित की गयी है। ऐसी स्थिति में जब शिकायतकर्ता द्वारा एकाउट सैटल करते हुए दिनांक 07.02.2024 को यूनिट का कब्जा प्राप्त किया Ss
जा चुका है तब शिकायतकर्ता द्वारा कब्जा एवं विलम्बित अवधि के ब्याज हेतु दाखिल संशोधन प्रार्थना पत्र स्वीकार किये जाने योग्य नही है। उपरोक्त तथ्यों के आधार पर शिकायतकर्ता द्वारा दाखिल अनुतोष संशोधन प्रार्थना पत्र दिनांकित 49.02.2024 निरस्त किया जाता है। पत्रावली वाद की सुनवाई हेतु दिनांक 20.07.2026 को पेश हो। eS किक oe 22.0%7-%0 2c डा0 दीपक स्वरूप सक्सेना (सदस्य) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण