Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Abhishek v. Sikka Infrastructure Pvt Ltd
Complaint No. NCR144/04/53561/2020
- Decision date
- 2026-08-21
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40/63 सपठित नियम-24 49-शिकायत PeM—NCRI44/04/5356/2020 अभिषेक बनाम सिक्का इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 24.08.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता स्वयं उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री विकास पाण्डेय उपस्थित हुए ued शकायत में माननीय पीठ-02 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 46.02.2024 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4... विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता के यूनिट की समस्त सुविधाओं को आवंटन पत्र/अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 30.06.2024 तक ail. सी.// सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय Kero शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री कराएं। |
2... विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 4.03.20i5 से दिनांक 30.04.2046 तक अनुबंध के अनुसार एवं दिनांक 07.05.20I6 से ओ.सी./सी.सी. प्राप्त होने अथवा कब्जा ऑफर किये जाने, जो भी बाद में हो, की तिथि तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर MCLRH प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर से विलम्बित अवधि का ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाता है कि ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी और यदि ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक है, तो नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की जाये। कोविड-49 की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु देश में हुए लॉकडाउन एवं फोर्स मैज्योर को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जाएगी। शिकायतकर्ता का यह दायित्व होगा कि वह अपनी यूनिट के सापेक्ष ली गयी बैंक ऋण की धनराशि बैंक को वापस अदा करें। Res 3. विपक्षी, उपरोक्तानुसार कब्जा ऑफर पत्र ओ.सी. मिलने के उपरान्त जारी करना सुनिश्चित करें। 4. विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम 2046 की धारा 2 (४४)0) के अन्तर्गत रेरा लागू होने के बाद यदि कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित ब्याज दर MCLR+ प्रतिशत है। इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा।
विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 46.02.2024 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-04 द्वारा दिनांक 26.08. 2022 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- रेरा प्राधिकरण की पीठ द्वारा दिनांक 46.02.2024 को पारित आदेश के क्रम संख्या 4 व 2 का विपक्षी द्वारा अनुपालन नहीं किया गया है। अतः आदेश के क्रम संख्या 2 के अनुपालन हेतु वसूली प्रमाण-पत्र जारी किया जाए। सचिव, रेरा को निर्देशित किया जाता है कि ge vera प्रकरण में धारा-40 के अन्तर्गत वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने की कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। वसूली प्रमाण-पत्र में पारित आदेश पर जिलाधिकारी कार्यालय से sre प्राप्त होने के पश्चात् धारा-63 के अन्तर्गत अग्रिम कार्यवाही की जाएगी, तब तक के लिए पत्रावली wert (पद) पर रखी जाती है। अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सकी। तदोपरान्त श्रीमान सचिव, उ.प्र. रेरा द्वारा पारित कार्यालय आदेश दिनांक 24.4.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही - हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। विपक्षी द्वारा समझौतानामा दिनांकित t9.0:.2026 दाखिल किया गया है। शिकायतकर्ता द्वारा स्वयं बताया गया कि विपक्षी द्वारा उक्त समझौतानामा का अनुपालन नहीं किया गया है, इसलिए उसको VHT समझौतानामा स्वीकार नहीं है। (८
शिकायतकर्ता द्वारा यह कहा गया कि उसको माननीय रेरा पीठ द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराया जाये और यूनिट की रजिस्ट्री कराई जाये। विपक्षी को पुनः निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराने हेतु कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी. / सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को दो माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 04.40.2026 क़ो पेश हो। (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण