Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Priyanka Shukla and Amit Shukla v. APV Realty Limited
Complaint No. NCR144/03/90961/2022
- Decision date
- 2026-07-14
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-नन््यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 ,/63 सपठित नियम-24 4-शिकायत PeT—NCR44/03/9096/2022 प्रियंका शुक्ला एवं अमित शुक्ला बनाम एपीवी रियल््टी लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 44.07.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता स्वयं उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री बिपिन कुमार उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। रेरा अधिकृत रिसीवर द्वारा अपनी Hat आख्या दिनांकित 48.07.2025 दाखिल की जा चुकी है, जिसके अनुसार शिकायतकर्ता की यूनिट GH होकर न्यायालय के कब्जे में और यूनिट की चाबी दाखिल कर रखी है।
शिकायतकर्ता द्वारा wr अधिकृत सी.ए की आख्या दिनांकित 42.44.2025 के अनुसार यूनिट के सम्बन्ध में रु.974,470,/- डिमाण्ड ड्राफ्ट विपक्षी के नाम बनाकर रेरा कार्यालय में जमा किया गया है, जो पत्रावली पर दाखिल है। क्योंकि विपक्षी को पर्याप्त अवसर दिये जाने के बावजूद भी समय से रेरा अधिकृत सी.ए की vat आख्या के विरुद्ध आपत्ति दाखिल नहीं की गई। विपक्षी द्वारा रेश अधिकृत सी.ए की sat आख्या के विरुद्ध आपत्ति दाखिल की गई है। विपक्षी की आपत्ति भुगतान के सम्बन्ध में संधारणीय है, क्योंकि विपक्षी द्वारा समय से आपत्ति दाखिल नहीं की गई है। अतः विपक्षी द्वारा दाखिल आपत्ति निरस्त की जाती है। शिकायतकर्ता द्वारा रेश अधिकृत सी.ए की उक्त आख्या के अनुसार जो fears ड्राफ्ट बनाकर दाखिल किया गया है, उसको विपक्षी रेरा कार्यालय से प्राप्त कर सकता है। शिकायतकर्ता द्वारा जो fears ड्राफ्ट दाखिल किया गया है, वह आवंटित यूनिट की बेसिक कीमत के सम्बन्ध में है। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि बी.बी.ए के अनुसार जो अन्य चार्जेज़ है, उनके सम्बन्ध में शिकायतकर्ता को मांग-पत्र भेजे तथा शिकायतकर्ता को रजिस्ट्री की ब्लू सूचना भेजकर शिकायतकर्ता के पक्ष में एक माह के अन्दर यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। रजिस्ट्री से सम्बन्धित स्टाम्प शुल्क, रजिस्ट्री शुल्क एवं लीगल चार्ज रजिस्ट्री के समय शिकायतकर्ता को वहन करने होंगे। विपक्षी द्वारा यदि एक माह के अन्दर शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री नहीं कराता है, तो शिंकायतकर्ता आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत प्रार्थना-पत्र दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 05.40.2026 को पेश हो।
a | आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण