Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Mrs. Amita Chaudhary v. Gaursons Realtech Private Limited
Complaint No. NCR144/03/90926/2022
- Decision date
- 2026-05-11
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40 //63 सपठित नियम-24 9-शिकायत GAT:—NCR44/03/90926/2022 श्रीमती अमिता चौधरी बनाम गौरसंस रियलटेक प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 4.05.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से उनके विद्वान अधिवक्ता श्री नदीम अमान उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री आरिफ खान उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है और न ही हस्तान्तरण विलेख निष्पादित-एवं पंजीकृत कराया गया है। gerd शिकायत में माननीय teow द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 48.40.2022 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4... विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता की यूनिट की समस्त सुविधाओं को अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 34.:2.2022 तक ओ.सी / सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें।
2. विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 2406208 से डीम्ड कम्पलीशन डीम्ड कम्पलीशन की तिथि 28.07.2024 तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर विलम्ब ब्याज के रूप में MciRH प्रतिशत ब्याज की धनराशि अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की देय धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही इस अवधि में शिकायतकर्ता द्वारा यदि कोई होल्डिंग चार्जेज अनुबन्धानुसार देय न होगा तथा यदि कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। =a 3. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 2046 की धारा 2A(za)(i) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी धटा।रका प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी। 4... विपक्षी को यह भी आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा देते समय सभी चार्जेज अनुबन्ध के अनुरूप प्राप्त करने के अधिकारी होगें। 5. इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 20:6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा।
6. यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्ता को यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का कियान्वयन करा सकेंगें। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 48.40.2022 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,//40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-04 (पूर्व में पीठ-04ए) द्वारा दिनांक 46.42.2025 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- अतः उपर्युक्त वर्णित तथ्यों एवं समस्त परिस्थितियों के दृष्टिगत पत्रावली नियम-24 में निहित शक्तियों के अधीन पीठ द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश, दिनांक 48-40-2022 के प्रस्तर-04 के अनुसार प्रश्नगत यूनिट के भौतिक कब्जे एवं रजिस्ट्री की कार्यवाही हेतु मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई के लिए, दिनांक 20-02-2026 को संदर्भित की जाती है। सचिव, उ.प्र. रेरा प्रकरण में आदेश, दिनांक 48--0-2022 के प्रस्तर-02 के अनुसार दिनांक 40-02-2026 से पूर्व विपक्षी द्वारा देय विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि हेतु वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि से पूर्व मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। यदि मा. न्यायनिर्णायक अधिकारी नियम 24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते हैं कि विपक्षी / प्रोमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत धारा-34, दिनांक i8-:0-2022 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है, तो ऐसी दशा में मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी प्रकरण को रेरा अधिनियम की धारा-63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पीठ को वापस सन्दर्भित कर सकते हैं। Q
तदोपरान्त अन्तर्गत amiss /40/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण मा. पीठ-0 (पूर्व में पीठ-04ए) द्वारा दिनांक 46.42.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली पिछली तिथि 20.02.2026 को इस पीठ के समक्ष उपलब्ध नहीं थी, क्योंकि पत्रावली वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा तलब की गई थी। पत्रावली आज नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष प्रथम बार पेश हुई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी. JOR. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को दो माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 30.07.2026 को पेश हो। आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण