Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
seema singhal v. La Residentia Developers Private Limited
Complaint No. NCR144/03/90805/2022
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2026-07-03
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
English translation. Machine translation from the Hindi by AI (Claude Haiku), not reviewed. The original order below is the authoritative text.
Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority Regional Office, Gautam Buddh Nagar Hearing Bench - Adjudicating Officer Proceedings under Sections 38/40/63 read with Rule 24 4- Complaint No.: 080944/03/90805/2022 Seema Singhal Versus La Residencia Developers Private Limited Order Sheet Date: 03.07.2026 The complainant's case was presented through video conferencing. The file was presented [?]. When called, learned advocate Shri Manas Roy appeared for the complainant, and learned advocate Shri Puneet Jain appeared for the opposite party. Both parties were heard and the file was perused. In the complaint in question, after hearing as per rules by the Honourable [?] Bench, the following orders were passed on 03.04.2023:- 4. The opposite party is directed to ensure that, after completing all facilities of the complainant's unit as per the agreement, it gives possession along with O.C./C.C. by 34.05.2023, and that it ensures the registry is executed as per rules after receiving the payable stamp duty [?].
2. The opposite party shall ensure that it pays the complainant interest at MCLR+ percent as delayed-period interest on the amount deposited by the complainant, from 07.04.20I8 until the date of receipt of O.C./C.C. or the date of offer of possession, whichever is later. This interest amount shall be adjusted against the final payable amount, and if the interest amount exceeds the amount payable, it shall be returned to the complainant. Keeping in view the force majeure period, interest shall not be calculated for the project delay from 25.03.2020 to 25.09.2020. Also, if the complainant has any overdues (Over Dues), interest for this period shall not be payable on them. 3. The opposite party is directed that, as per Section 2(29)0) of the RERA Act, 2046, if after RERA became applicable any interest rate is charged by the promoter from the allottee on default, the same rate shall be paid to the allottee when the promoter defaults. Accordingly, the complainant shall also pay interest on delayed payment at the rate of MCLR+H percent. If any amount has been taken from the allottee for delay after RERA became applicable at a higher rate, the delayed-period interest amount shall also be calculated at that same rate. 4. Violation of this order shall be punishable under Section 63 of the Real Estate (Regulation and Development) Act, 2076 and other relevant provisions.
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 //63 सपठित नियम-24 4-शिकायत संख्या:-"0८0९44/03/90805/2022 सीमा सिंघल बनाम ला रेजिडेंसिया डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 03.07.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश efi पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री मानस रॉय उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री पुनीत जैन उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। प्रश्नगत शकायत में माननीय ve-ow द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 03.04.2023 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता की यूनिट की अनुबन्ध के अनुसार समस्त सुविधाओं को पूर्ण कराकर दिनांक 34.05.2023 तक ओ.सी / सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय rT शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री निष्पादित कराना सुनिश्चित करें।
2... विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 07.04.20I8 से ओ.सी./ सी.सी. प्राप्त किये जाने की तिथि अथवा- कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर विलम्ब ब्याज के रूप में MCLR+ प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की देय धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25. 09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही यदि शिकायतकर्ता का कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। 3. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 2046 की धारा 2(29)0) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर — द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी anda को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLR+H प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी। 4... इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2076 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 5. यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्ता को यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का कियान्वयन करा सकेगें।
विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 03.04.2023 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत vad आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-04 (पूर्व पीठ-0॥ए) द्वारा दिनांक 27.04.2026 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- अतः उपर्युक्त वर्णित तथ्यों एवं समस्त परिस्थितियों के दृष्टिगत पत्रावली नियम-24 में निहित शक्तियों के अधीन पीठ द्वारा ans के अन्तर्गत पारित आदेश, दिनांक 03-04-2023 के प्रस्तर-04 के अनुसार प्रश्नगत यूनिट के भौतिक कब्जे एवं रजिस्ट्री की कार्यवाही हेतु मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई के लिए, दिनांक 40-04-2026 को संदर्भित की जाती है। सचिव, उ.प्र. रेरा प्रकरण में आदेश, दिनांक 03-04-2023 के प्रस्तर-02 के अनुसार दिनांक 3:-03-2026 @ yd विपक्षी द्वारा देय विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि की वसूली हेतु, वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि से पूर्व मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। यदि मा. नन््यायनिर्णायक अधिकारी नियम-24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते हैं कि विपक्षी / प्रोमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत धारा-34, दिनांक 03-04--2023 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है, तो ऐसी दशा में मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी प्रकरण को रेरा अधिनियम की धारा-63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पीठ को वापस सन्दर्भित कर सकते हैं।
अन्तर्गत धारा-38 /40,/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सकी। तदोपरान्त मा. पीठ-0॥ (पूर्व पीठ-0ए) द्वारा पारित आदेश दिनांक 27.04.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई | AK विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी./ सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को दो माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 23.09.2026 को पेश हो। आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण