Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Kirti Seth v. La Residentia Developers Private Limited
Complaint No. NCR144/03/72895/2021
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2023-06-05
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ0 प्र0 भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ- 0ए आदेश अन्तर्गत धारा-38 / 40 / 63 श्री राजीव कुमार, माननीय अध्यक्ष शिकायत संख्या:-नटारा44/03/72895/202 कीर्ति सेठ बनाम ला रेसीडेन्सिया डेवलपर्स प्रा0 लि0 प्रश्नगत प्रकरण में पीठ द्वारा उभय पक्ष के तर्कों को सुनते हुए दिनांक 05.06.2023 को पत्रावली आदेश हेतु सुरक्षित की गयी। war तिथि को सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि मय ब्याज वापस दिलाये जाने का अनुरोध किया गया, जिस पर विपक्षी द्वारा कहा गया कि वह शिकायतकर्ता की जमा धनराशि मय ब्याज जून, 2024 के उपरान्त वापिस करने हेतु तैयार हैं और विपक्षी को दिनांक 40.06.2023 तक पीठ द्वारा पूर्व में धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश का पूर्ण रूप से अनुपालन करते हुए, अपनी अनुपालन आख्या/जवाब रेरा कम्पलेन्ट ta पर अपलोड करने हेतु आदेशित किया गया, जिसके क्रम में विपक्षी द्वारा अपना लिखित जवाब दाखिल किया गया है। भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास). अधिनियम, 2046 का मुख्य उद्देश्य यह है कि भू-सम्पदा सेक्टर में उपभोक्ताओं के हितों का संरक्षण किया जाए तथा विवादों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। इस उददेश्य की पूर्ति हेतु प्राधिकरण को रेरा अधिनियम के अन्तर्गत दायित्व तथा शक्तियाँ प्रदान की गयी हैं। धारा-34(8) भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 20%6 में प्राधिकरण के कृत्यों का उल्लेख किया गया है। धारा- 34(g) में निम्नलिखित प्राविधान हैः- "34(g). to ensure compliance of its regulations or orders or directions made in exercise of its powers under this Act;" o
धारा-38 भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2046 के प्राविधान के अनुसार प्राधिकरण को यह अधिकार दिया गया है कि प्रोमोटर द्वारा उस पर डाली गयी बाध्यताओं का उल्लंघन किया जाता है, तो प्राधिकरण इस अधिनियम और उसके अधीन बनाए गए नियमों एवं विनियमों के अधीन पैनाल्टी या ब्याज अधिरोपित कर सकता है। धारा-38 रेरा अधिनियम निम्नवत हैः- "38. (7) The Authority shall have powers to impose penalty or interest, in regard to any contravention of obligations cast upon the promoters, the allottees and the real estate agents, under this Act or the rules and the regulations made thereunder. (2) The Authority shall be guided by the principles of natural justice and, subject to the other provisions of this Act and the rules made thereunder, the Authority shall have powers to regulate its own procedure. (3) Where an issue is raised relating to agreement, action, omission, practice or procedure that— (a) has an appreciable prevention, restriction or distortion of competition in connection with the development of a real estate project; or (b) has effect of market power of monopoly situation being abused for affecting interest of allottees adversely, then the Authority, may suo motu, make reference in respect of such issue to the Competition Commission of India." रेरा अधिनियम की धारा-40 निम्नवत है:-
40. (7) If a promoter or an allottee or a real estate agent, as the case may be, fails to pay any interest or penalty or compensation imposed on him, by the adjudicating officer or the Regulatory Authority or the Appellate Authority, as the case may be, under this Act or the rules and regualtions made thereunder, it shall be recoverable from such promoter or ‘S allottee or real estate agent, in such manner as may be prescribed as an arrears of land revenue. (2) If any adjudicating officer or the Regulatory Authority or the Appellate Tribunal, as the case may be, issues any order or directs any person to do any act, or refrain from doing any act, which it is empowered to do under this Act or the rules or regulations made thereunder, then in case of failure by any person to comply with such order or direction, the same shall be enforced, in such manner as may be prescribed. धारा-63 भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 20i6 F प्राधिकरण को यह अधिकार दिया गया है कि अगर प्रोमोटर प्राधिकरण के आदेश का अनुपालन करने में असमर्थ रहता है, तो प्राधिकरण प्रोमोटर के विरूद्ध प्रोमोटर की भू-सम्पदा परियोजना की अनुमानित लागत का 5 प्रतिशत तक dared लगा सकता है। धारा-63 निम्नवत हैः-
“63. If any promoter, who fails to comply with, or contravenes any of the orders or directions of the Authority, he shall be liable to a penalty for every day during which such default continues, which may cumulatively extend up to five per cent., of the estimated cost of the real estate project as determined by the Authority.” यहाँ यह उल्लेखनीय है कि धारा-40 भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 20i6 के अध्याय-5 के अन्तर्गत आता है, जो कि भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण से सम्बन्धित है तथा धारा-63 भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2046 के अध्याय-8 के अन्तर्गत आता है जोकि अपराध, शास्तियाँ और नन््यायनिर्णयन से सम्बन्धित है। उपरोक्त प्राविधानों से यह स्पष्ट है कि रेरा अधिनियम के अन्तर्गत प्राधिकरण को यह अधिकार दिया गया है कि प्राधिकरण प्रोमोटर द्वारा आदेशों का अनुपालन न करने पर धारा-40 के अन्तर्गत अपने आदेशों का कियान्वयन कराए तथा धारा-63 के अन्तर्गत प्रोमोटर पर अर्थदण्ड लगाए। प्राधिकरण दोनों कार्यवाही एक साथ कर सकता है। कोविड--49 (Corona Virus Disease) की प्रथम वेव के प्रभाव के कारण परियोजनाओं के निर्माण कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा, जिसके क्रम में केन्द्र सरकार द्वारा जारी निर्देशानुसार उ0प्र0 भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण द्वारा सुसंगत तथ्यों पर है 4
विचारोपरान्त दिनांक 06.06.2020 को आदेश पारित करते हुए कोविड-49 (Corona Virus Disease) के प्रभाव के कारण परियोजनाओं को पूर्ण करने हेतु दिनाक 25.03.2020 से 6 माह की अतिरिक्त अवधि अर्थात् दिनांक 25.09.2020 तक की अवधि प्रदान की गयी, जिसके उपरान्त कोविड--49 (Corona Virus Disease) की द्वितीय da अप्रैल 2024 से प्रभावी होने के कारण भी परियोजनाओं के निर्माण कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। इसके अतिरिक्त कोविड--49 (Corona Virus Disease) की तृतीय वेव वर्तमान में प्रभावी है, जिससे भी परियोजनाओं को पूर्ण करने में बाधा उत्पन्न हो रही है, जो कि फोर्स मैज्योर की परिस्थितियों की परिभाषा में आती है। उभय पक्ष के cet को सुना गया व पत्रावली को अवलोकन किया गया। प्रश्नगत प्रकरण में शिकायतकर्ता द्वारा रेरा पोर्टल के माध्यम से आदेश कियान्वयन कराये जाने हेतु आवदेन किया गया, जिस पर प्राधिकरण द्वारा विपक्षी का नोटिस जारी करते हुए दिनांक 75.02.2023 तक उक्त आदेश का अनुपालन कर, अनुपालन ART Wed करने हेतु निर्देश दिये गये, परन्तु विपक्षी द्वारा अनुपालन आख्या उपलब्ध नहीं करायी गयी। प्राधिकरण द्वारा कारण दर्शाओ नोटिस दिनांक 47.02.2023 को जारी करते हुए विपक्षी को निर्देशित किया गया है कि वह दिनांक 40.03.2023 तक उक्त आदेश का अनुपालन कर, अनुपालन ART Wega करने हेतु निर्देश दिये गये, परन्तु विपक्षी द्वारा कोई अनुपालन आख्या,/जवाब दाखिल नहीं किया गया है।
प्राधिकरण द्वारा धारा-63 के अन्तर्गत नोटिस जारी की गयी, जिसके क्रम में पीठ द्वारा सुनवाई दिनांक 04.05.2023 एवं दिनांक 05.06.2023 को की गयी। विपक्षी द्वारा अपना लिखित जवाब दाखिल करते हुए कहा गया है कि परियोजना के Gor में कुल 8 टॉवर्स (टॉवर-4 से 48 तक) हैं, जिसमें 4,408 यूनिटस् हैं। उक्त टॉवर्स में से 42 टॉवर्स का ओ.सी. प्राप्त किया जा चुका है और अवशेष टॉवर्स का ओ.सी. प्राप्त किये जाने हेतु ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के समक्ष आवेदन किया जा चुका है। जिन टॉवरों का ओ.सी. प्राप्त किया जा चुका है, उसमें यूनिटों का कब्जा दिया जा रहा है और वर्तमान में 4260 यूनिटों का कब्जा दिया जा चुका है। परियोजना के फेज-2 में कुल 44 टॉवर्स (fae-t9 से 29 तक) हैं, जिसमें फिनिशिंग कार्य चल रहा है और जून, 2024 + 6 माह ग्रेस पीरियड में यूनिट का कब्जा दे दिया जायेगा। परियोजना के फेज़-3 में कुल to टॉवर्स (टॉवर-30 से 39 तक) हैं, जिसमें फिनिशिंग कार्य चल रहा है और जून, 2025 + 6 We ग्रेस पीरियड में यूनिट का कब्जा और सभी सुविधाओं सहित दिसम्बर, 2025 तक कब्जा दे दिया जायेगा। इन आधारों पर विपक्षी रे 5 द्वारा शिकायतकर्ता को अपनी अवशेष धनराशि का भुगतान करते हुए प्रश्नगत यूनिट का कब्जा प्राप्त करने हेतु निर्देशित किये जाने का अनुरोध किया गया है, परन्तु पीठ द्वारा पूर्व में पारित आदेश दिनांक 24.05.2022 का विपक्षी द्वारा पूर्ण रूप से अनुपालन करते हुए कोई अनुपालन आख्या उपलब्ध नहीं 'करायी गयी है, जिससे यह विदित है कि समुचित अवसर देने के बावजूद भी विपक्षी द्वारा पूर्व में धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश दिनांक 24.05.2022 का अनुपालन नहीं किया गया है।
समस्त वर्णित तथ्यों एवं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए सचिव, रेरा प्रकरण में आदेश दिनांक 24.05.2022 के पृष्ठ संख्या-45 के आदेश के बिन्दु संख्या-4 के अनुसार जमा धनराशि मय ब्याज की धनराशि हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करायें एवं विपक्षी / प्रोमोटर के विरूद्ध रेरा अधिनियम, 2046 की धारा-63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाये। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। दिनांक :-+>2/66 /2023 F + ; प्व्टः जय: 7. (राजीव कुमार) (अध्यक्ष) उ0प्र0 भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण