Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Amit Sharma v. MMR Saha Infrastructure Private Limited
Complaint No. NCR144/03/72761/2021
- Decision date
- 2026-06-19
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 ,//63 सपठित नियम-24 47-शिकायत PAT—NCR 44/03/7276/202 अमित शर्मा बनाम एमएमआर साहा इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 49.06.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता स्वयं उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री शशांक उपस्थित हुए। सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। yea शकायत में माननीय पीठ-03 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 48.05.2022 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- (क) प्रतिवादी परिवादिगण को आवंटित इकाई का कब्जा (फ्लैट aad एग्रीमेंट में अंकित सुविधाओं. के साथ) ओ.सी,/सी.सी के साथ आदेश अपलोड होने की तिथि से 45 दिनों के अंदर अधिपत्य उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। (ख) प्रतिवादी विलम्ब के सम्बंध में ब्याज दिनांक 05,/05,/2048 से ओ. सी/सी.सी प्राप्त होने या ऑफर ऑफ पोजेशन जो बाद में होने की तिथि तक MCLRH% की दर से दण्ड ब्याज / penal interest Wieraral द्वारा परिवादी को भुगतान किया जाएगा। इस धनराशि को कब्जा दिये जाने के समय अंतिम देय धनराशि में समायोजित करते हुये अवशेष बची धनराशि प्रतिवादी द्वारा परिवादिगण को भुगतान की जाएगी।
(ग) परिवादिगण द्वारा यदि कोई धनराशि का भुगतान करना शेष है तो परिवादिगण बकाया धनराशि प्रतिवादी को भुगतान करें। परिवादिगण द्वारा जो धनराशि विलम्ब से भुगतान की गयी है तो उस स्थिति में ker अधिनियम की धारा 2(zayi) के अधीन प्रतिवादी विलम्बित अवधि का ब्याज प्राप्त करने का अधिकारी है परन्तु परिवादिगण द्वारा ब्याज MCLRH% की दर से अधिक देय नहीं होगा। (a) कोविड-49 की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु देश में हुये लॉकडाउन को दृष्टिगत रखते हुये दिनांक 24.03.2020 से दिनांक 30.09. 2020 तक वादी की ओर से समय से जड़ भुगतान न किये जाने तथा प्रतिवादी द्वारा परियोजना पूर्ण करने में किये गये विलम्ब के सम्बंध में विलम्ब ब्याज की गणना उक्त अवधि में नहीं की जाएगी। इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 8.05.2022 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-03 द्वारा दिनांक 2.06. 2024 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- उपरोक्त विश्लेषण व तथ्यों से स्पष्ट है कि विपक्षी ने पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 8.05.2022 के क्रम संख्या क व ख का अनुपालन नहीं किया है। अतः सचिव रेरा को निर्देशित किया जाता है कि भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत पीठ द्वारा दिनांक 48.05. 2022 को धारा-34, के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या ख के अनुसार जमा धनराशि पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करना सुनिश्चित wr |
विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन न किये जाने के कारण भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाए। अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सकी। तदोपरान्त श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित आदेश दिनांक 49.42. 2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई | विपक्षी को यह भी निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी.//सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को 45 दिनों के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया cal के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में आवंटित यूनिट की रजिस्ट्री निष्पादित करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 44.09.2026 को पेश हो। (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण