Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
H. Nageshwara Satyanarayana v. Sikka Infrastructure Pvt Ltd
Complaint No. NCR144/03/72438/2021
- Decision date
- 2026-03-05
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar Status-Disposed
- Counsel
- Puneet Jain (in this matter)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40/63 सपठित नियम-24 49-शिकायत PAT—NCR 44/03/72438/202 एच. नागेश्वर सत्यनारायण बनाम सिक्का इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 26.02.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो oki के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री किरण सिंह उपस्थित हुई। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री अंकितेश अग्रवाल उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं दाखिल जवाब का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया कि आज तक विपक्षी द्वारा यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया है और न ही रजिस्ट्री निष्पादित कराई गई है। शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी की परियोजना में बुक की गई यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण शिकायतकर्ता द्वारा कब्जा एवं रजिस्ट्री हेतु अपनी शिकायत योजित की गई, जिसमें माननीय पीठ-02 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 30.07.2024 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्तागण की grea के मस्त सुविधाओं को आवंटन-पत्र / अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 37.2.2024 ओ.सी. / सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर मानुसार रजिस्ट्री Here |
2. विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 05.04.2020 से ओ.सीसी.सी प्राप्त होने अथवा कब्जा ऑफर किये जाने, जो भी बाद में हो, की तिथि तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा घनराशि पर MCLR+ प्रतिशत की दर से विलम्बित अवधि का ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाता है कि ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी और यदि ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक है, तो नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की जाये। अन्य शिकायतकर्तागण के प्रकरण में अनुबन्ध,/ आवंटन के अनुरूप उपरोक्तानुसार गणना की जायेगी। ( 3. यह भी स्पष्ट किया जाता है कि रेरा अधिनियम 2046 के धारा 2 (zai) के अन्तर्गत ब्याज को परिभाषित किया गया है कि रेरा लागू होने के बाद यदि कोई ant दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से व्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। 4... विपक्षी को आदेशित किया जाता है शिकायतकर्ता द्वारा भुगतान की गयी प्री.ईएम आई की धनराशि को अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित करना सुनिश्चित करें। 5. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बंधित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस आदेश में प्रतिपादित सिद्धान्तों के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी। इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्रावधानों के अन्तर्गत dete होगा।
विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 30.07.2024 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-04 द्वारा दिनांक 42.07. 2023 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- अतः: समस्त तथ्यों एवं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए सचिव, रेरा को निर्देशित किया जाता है कि वह प्रश्नगत प्रकरण में पीठ द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश दिनांकित 30.07.202 के क्रम संख्या-2 के अनुसार विलम्बित अवधि के ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करना सुनिश्चित करें। पीठ द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश दिनांकित 30.07.2024 का विपक्षी द्वारा अनुपालन न किये जाने के कारण उक्त प्रकरण को विपक्षी/प्रमोटर के विरुद्ध रेरा Pa, 20i6 की mre के अन्तर्गत शास्ति अधिरोपित करने हेतु प्राधिकरण के cal प्रस्तुत किया जाए। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को Hie का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के श्रीमान सचिव, रेरा पारित आदेश दिनांक 08.07.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई | इस पीठ द्वारा विपक्षी को बार-बार आदेशित किये जाने के बावजूद भी ओ.सी. JOR. सहित शिकायतकर्ता को कब्जा प्रस्ताव-पत्र नहीं भेजा गया है और न ही शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराया गया और न ही यूनिट की रजिस्ट्री कराई गई है। यूनिट तैयार नहीं है और परियोजना का ओ.सी. / सी.सी. भी प्राप्त नहीं है, जैसा कि विपक्षी द्वारा आज सुनवाई के दौरान कहा गया है।
कार्यालय आदेश पत्रांक संख्या-3839 / यू पी. रेरा / प्रशा. / 2025-26 दिनांक 28.08. 2025 के अनुसार यूनिट /इकाई ol GH कर, रिसीवर नियुक्त कर, कब्जा दिलाये जाने हेतु अधिकृत किया गया है, लेकिन नियम-24 की कार्यवाही के अन्तर्गत आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों के अनुसार यूनिट को कुर्क कर शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा नहीं दिलाया जा सकता है, क्योंकि यूनिट /परियोजना तैयार नहीं है और विपक्षी के पास ओ.सी. /सी.सी. भी प्राप्त नहीं है।
ओ.सी. / सी.सी. के सम्बन्ध में कार्यवाही का क्षेत्राधिकार न््यायनिर्णायक अधिकारी को प्राप्त नहीं है, बल्कि रेरा प्राधिकरण /सम्बन्धित पीठ ही विपक्षी के विरुद्ध इस सम्बन्ध में दण्डात्मक कार्यवाही कर सकती है। आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए नियम-24 के अन्तर्गत यूनिट को ap कर, रिसीवर नियुक्त कर बिना ओ.सी /सी.सी. के शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा दिलाया जाना या विपक्षी के डायरेक्टर द्वारा आदेश का अनुपालन न करने के कारण विपक्षी के डायरेक्टर को सिविल कारागार में निरुद्ध कर आदेश का निष्पादन भी नहीं कराया जा सकता है, क्योंकि प्रस्तुत मामले में विपक्षी के पास ओ.सी. /सी.सी. प्राप्त नहीं है और बिना ओ.सी./सी.सी. के शिकायतकर्ता को वैधानिक कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सकता है और रजिस्ट्री नहीं कराई जा सकती है और न ही यूनिट at ae किया जा सकता है। आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों के अन्तर्गत विपक्षी को सिविल कारागार में निरुद्ध कर आदेश » डिक्री का निष्पादन कराये जाने का प्रावधान है, लेकिन इस सम्बन्ध में उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा सिविल अरेस्ट हेतु कोई अधिकारी / कर्मचारी / bailiff नियुक्त नहीं है, इसलिए विपक्षी को गिरफ्तार कर सिविल कारागार में भेजे जाने का आदेश भी पारित नहीं किया जा सकता है। अतः ऐसी स्थिति में इस पीठ द्वारा आदेश दिनांक 30.07.202 का निष्पादन कराया जाना संभव नहीं हो पा [त पत्रावली धारा-63 के अन्तर्गत विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन न करने के spor विपक्षी के विरुद्ध धारा-63 के अन्तर्गत पेनल्टी /अर्थदण्ड अधिरोपित करने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश हो।
सम्बन्धित पीठ यदि चाहे, तो नियम-24 के प्रावधानों के अन्तर्गत अपने आदेश दिनांक 30.07.2024 के क्रियान्वयन हेतु पत्रावली प्रधान दीवानी न्यायालय को संदर्भित कर सकती है, ताकि विपक्षी / डायरेक्टर को सिविल कारागार में निरुद्ध कराकर आदेश दिनांक 30.07.202 का क्रियान्वयन कराया जा सके। सम्बन्धित पीठ यदि ओ.सी./सी.सी. के सम्बन्ध में विपक्षी के विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही कर, ओ.सी./सी.सी. उपलब्ध करा देती है, तो सम्बन्धित पीठ पुनः यदि पत्रावली इस पीठ को नियम-24 के अन्तर्गत सन्दर्भित कक करती है, तो ऐसी दशा में इस पीठ द्वारा नियम-24 के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए रे य आदेश पत्रांक संख्या-8839 / यू पी. रेरा / प्रशा. / 2025-26 दिनांक 28.08.2025 गर शिकायतकर्ता /आवंटी को कब्जा उपलब्ध कराये जाने एवं रजिस्ट्री निष्पादित जाने तथा आदेश दिनांक 30.07.2024 के अनुपालन हेतु अग्रिम कार्यवाही की जा अतः: पत्रावली नियमानुसार सम्बन्धित पीठ को वापस भेजी जाये। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। आर पी. सिंह OBO ७ (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण