Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Rajiv Kumar Saxena v. UTC Softech Private Limited
Complaint No. NCR144/03/52884/2020
- Decision date
- 2026-01-02
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
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Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40/63 सपठित नियम-24 20-शिकायत WA—NCR 44/03/52884/2020 राजीव कुमार सक््सैना बनाम यूटीसी सॉफ्टेक प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 02.04.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री एन. बाबर उपस्थित हुए एवं विपक्षी अनुपस्थित हुए। ८ सुना गया एवं पत्रावलीश्का अवलोकन-किया- Tam प्रशनगत शिकायत में माननीय पीठ-0 द्वारा नियमानुसार Ge < suger 47.47.2020 को निम्नतत आदेश पारित किये गये हैं:- । 4. faueft को आदेशित किया-जैता.है- 4 ह.शिकायत्रकर्तागण के फ्लैट को आवंटन पत्र/अनुबन्ध के अनुसार समस्त सुविधाओं को पूर्ण कराकर एवं आदेश के प्रस्तर-2 के अनुसार समायोजन के उपरान्त माग पत्र जारी कर ओ.सी.सी.सी सहित दिनांक 34.04. 202 तक कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री कराएं।
2. विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 02.06.2047 से ओसी /सी.सी प्राप्त होने की तिथि अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो, की अवधि तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर MCLR+ प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से विलम्बित अवधि का ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी। व्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। अन्य शिकायतकर्तागण के प्रकरण में अनुबन्ध के अनुरूप उपरोक्तानुसार गणना की जायेगी। च्ड८ 3. यदि बायर्स की ओर से कोई धनराशि बिल्डर को देय रहती है तो धारा 2(a)(i) के प्राविधानों के अनुरूप बिल्डर MCLR+4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से ही ब्याज ले। 4. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बंधित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस आदेश में प्रतिपादित सिद्धान्तों के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी। 5. यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्ता को यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का क्रियान्वयन करा सकेगें। 6. इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दण्डनीय होगा I अतः समस्त तथ्यों एवं TARA किया जाता है कि प्रश्नगत प्रकरण में. पी RS aN दिनांक 44.44.2020 के wee संख्या-2. प्रमाण पत्र जारी करना सुनिश्चित Ey | Oe हुए सचिव, रेरा को निर्देशित 4 के अन्तर्गत पारित आदेश अवधि के ब्याज हेतु वसूली CLICHE
विपक्षी द्वारा आदेश दिनाक प्रा Sy अनुपालन न किये जाने के कारण रेरा अधिनियम, 2046 की धारा 63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाए। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38,/40 ,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण कार्यालय आदेश दिनांक 06.0.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली नियम-24 की सुनवाई हेतु आज प्रथम बार इस पीठ के समक्ष पेश हुई। करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री — करें| शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 23.03.2026 को पेश हो। (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण