Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Prafull Parimoo v. Saya Cementation Limited
Complaint No. NCR144/03/127521/2025
- Decision date
- 2026-09-09
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Bench 2
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर सुनवाई पीठ-2 कार्यवाही अन्तर्गत धारा-34 23-शिकायत UA—NCR 44/03/2752/2025 प्रफुल्ल परिमू बनाम साया सीमेंटेशन लिमिटेड दिनांक :--09 /09 / 2026 आदेश-पत्र शिकायतकर्ताका वाद वीडियो opin के माध्यम से सुनवाई हेतु प्रस्तुत किया गया। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री रजनी यादव एवं विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री प्रणय गुप्ता उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से दाखिल लिखित कथन कम्पनी के अधिकृत प्रतिनिधि द्वारा हस्ताक्षरित नहीं है कोई बोर्ड रेजोल्यूशन दाखिल नहीं किया गया है। जो वकालतनामा दाखिल किया गया है, उस पर भी विपक्षी कम्पनी साया सीमेंटेशन की मात्र alee लगी है। वकालतनामा किसी अधिकृत प्रतिनिधि द्वारा हस्ताक्षरित नहीं है
विपक्षी कम्पनी के विरूद्ध आज नियत 05 शिकायतों में लिखित कथन दाखिल किया गया। सभी शिकायतों में दाखिल लिखित कथन हस्ताक्षरित नहीं है, वकालतनामा भी अधिकृत प्रतिनिधि द्वारा भी हस्ताक्षरित नहीं है और बोर्ड रेजोल्यूशन भी संलग्न नहीं है। विपक्षी मैसर्स साया सीमेंटशन के विरूद्ध संस्थित शिकायतें लिए प्रस्तुत हो रही हैं। सुनवाई के दौरान अधिकांश शिकायतों हैं। पीठ द्वारा बार-बार मौखिक रूप से निर्देशित किये के बावजूद बिना बोर्ड रेजोल्यूशन एवं उचित वकालतनामा केहस्ताक्षर रहित लिखित कथन प्रस्तुत किये जा रहे है। उपरोक्त कमिंयां किसी एक शिकायत में कभी-कभार होने वाली कमियां नहीं हैं। सुनवाई के दौरान नियमित रूप से उपरोक्त कमियां न्यायालय के समक्ष उपस्थित होती हैं। विपक्षी की ओर से लिखित कथन दाखिल करने हेतु पीठ से 4 से 5 अवसर लिया जाता है इसके पश्चात् उपरोक्त कमियों के साथ लिखित कथन प्रस्तुत कर दिया जाता है, जिसे लिखित कथन के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। विपक्षी के आचरण की इस निरंतरता से ऐसा प्रतीत होता है कि विपक्षी द्वारा जानबूझकर कार्यवाही को विलम्बित करने के उद्देश्य से ऐसा किया जा रहा है। पीठ के मौखिक निर्देशों का कोई प्रभाव नहीं हो रहा है। उपरोक्त परिस्थितियों में कार्यवाही sot पर स्थगित किया जाना न्यायोचित होगा। न्यायहित में आज की कार्यवाही 5,000 /— रूपये हर्जे पर स्थगित की जाती है विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि eof Cost) की धनराशिरू, 5,000/— रूपये 07 दिन के अन्दर रेरा प्राधिकरण के खाता WSN-005069860, आई.एफ.एस.सी. PIS—IDFBO02I25 में आर.टी.जी. एस. अथवा मांग ड्राफ्ट के माध्यम से जमा करते हुए साक्ष्य कम्प्लेन्ट पेज पर दाखिल करना सुनिश्चित करें Bo OT धनराशि जमा न करने पर सचिव, उ.प्र. रेरा द्वारा भू-राजस्व के बकाये के रूप में वसूल किये जाने हेतु रू.5,000,//-का वसूली प्रमाण पत्र जारी किये जाने हेतु नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। विपक्षी को अंतिम अवसर प्रदान करते हुए निर्देशित किया जाता है कि वह 04 सप्ताह के अन्दर बोर्ड रेजोल्यूशन एवं उचित वकालतनामा के साथ अधिकृत प्रतिनिधि द्वारा हस्ताक्षरित लिखित कथन दाखिल करना सुनिश्चित करें। लिखित कथन के साथ sof की धनराशि जमा करने का प्रमाण भी प्रस्तुत किया जाये। यदि sat जमा करने का प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया जाता है, तो लिखित कथन पढ़ा नहीं जायेगा। पत्रावली सुनवाई हेतु दिनांक 22.42.2026 को पेश हो।
i पीठ के समक्ष नियमित रूप से सुनवाई के | में उपर्युक्त उल्लिखित कमियां विद्यमान रहती जाने a जा A 4 call Digitally signed HARISH by HarisH THI TRIPA TRIPATHI vate: 2026.09.0 73:2:03 +05'30' हरीश त्रिपाठी (न्यायनिर्णायक अधिकारी / प्रत्यायोजित अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण