Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Jagmohan lal sharma v. Hebe Infrastructure Private Limited
Complaint No. NCR144/03/106875/2023
- Decision date
- 2026-06-15
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40/63 सपठित नियम-24 सपठित नियम-24 22-शिकायत संख्या:-00₹44/03/06875/2023 जगमोहन लाल शर्मा बनाम हेबे इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (महागुन ग्रुप) आदेश-पत्र दिनांक: 45.06.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री अजय उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री संजना उपस्थित हुई | उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। प्रश्नगत शकायत में माननीय treo (पूर्व में पीठ-04ए) द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 20. 03.2025 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्तागण की यूनिटस् की समस्त सुविधाओं को आवंटन-पत्र / अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर ओ.सी. / सी.सी. सहित भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए, शिकायतकर्तागण से देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर, शिकायतकर्तागण के पक्ष में नियमानुसार रजिस्ट्री निष्पादित कराना सुनिश्चित करें।
2. विपक्षी, अग्रणी शिकायतकर्ता (गुरप्रीतम सिंह) को दिनांक 30-06-20:8 में 68 दिन (निस्तारण बिन्दु संख्या: 04 के अनुसार) जोडने के उपरान्त, अर्थात् दिनांक o8—09—208 से (निस्तारण बिन्दु संख्या: 02) के अनुसार ओ.सी. / सी.सी. प्राप्त किये जाने की तिथि अथवा ओ.सी./ सी.सी. सहित पुनः विधिक कब्जा ऑफर पत्र जारी किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो तक, अग्रणी शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर धटा॥रता प्रतिशत व्याज की धनराशि अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी। व्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर अग्रणी शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। इसी प्रकार अन्य शिकायतकर्तागण के प्रकरणों में विलम्ब ब्याज की गणना उपर्युक्तानुसार आवंटन-पत्र / अनुबन्ध के अनुसार कब्जा दिये जाने की तिथि तथा उनके द्वारा जमा की गयी धनराशि के अनुसार की जाएगी। s 3 कोविड-49 के कारण फोर्स मैज्योर पीरियड के दृष्टिगत, दिनांक 25-03--2020 से दिनांक 25-09-2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज प्रोमोटर द्वारा शिकायतकर्तागण को नहीं दिया जाएगा और न ही शिकायतकर्तागण से कोई विलम्ब ब्याज लिया जायेगा।
4... विपक्षी को यह भी निर्देशित किया जाता है कि भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-2(७०)0) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई व्याज दर आवंटीगण के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटीगण को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्तागण द्वारा भी MCLR+H प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आबंटीगण से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी। 5... विपक्षी को यह भी आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्तागण को ओ.सी. #सी.सी. सहित प्रश्नगत यूनिटस् का भौतिक कब्जा दिये जाते समय सभी चार्जेज आवंटन-पत्र / अनुबन्ध के अनुसार प्राप्त करने के अधिकारी हैं। 6... विपक्षी आदेश अपलोड होने की तिथि से 45 दिन के अन्दर आदेश का अनुपालन करना सुनिश्चित करें। 7. यदि प्रश्नगत शिकायतों में इस पीठ द्वारा यथास्थिति बनाये रखने का कोई आदेश या कोई ee आदेश पारित किया गया है, तो उसे तद्नुसार समाप्त किया जाता है। 8... सचिव, रेरा को आदेश की प्रति इस निर्देश से प्रेषित की जाये कि इस प्रकरण को यथाशीघ्र धारा-63, रेरा अधिनियम 2046 के अन्तर्गत कार्यवाही हेतु विपक्षी / सम्प्रवर्तक के इस प्रकार के कुकृत्यों के लिए इस शिकायत को रेरा प्राधिकरण के समक्ष नियमानुसार निर्णय हेतु प्रस्तुत करें। 9... विपक्षी आदेश अपलोड होने की तिथि से 45 दिन के अन्दर आदेश का अनुपालन करना सुनिश्चित करें।
40. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बन्धित पत्रावलियों पर संलग्न की जायें एवं इस आदेश में प्रतिपादित सिद्धान्त के अनुरूप धनराशि व विलम्ब ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी। 4. इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। ait 42. शिकायतकर्तागण को यह भी निर्देशित किया जाता है कि यदि 45 दिनों के अन्दर विपक्षी द्वारा उपर्युक्त आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो ऐसी स्थिति में शिकायतकर्तागण रेरा पोर्टल के माध्यम से आदेश का क्रियान्वयन कराये जाने हेतु अनुरोध अपलोड कर, भौतिक प्रति रेरा क्षेत्रीय कार्यालय, ग्रेटर नोएडा में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेगें | विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 20.03.2025 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38 / 40/63 के अन्तर्गत var आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-04 (पूर्व पीठ-040) द्वारा दिनांक 27.04.2026 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- अत: उपर्युक्त वर्णित तथ्यों एवं समस्त परिस्थितियों के दृष्टिगत पत्रावली नियम-24 सपठित सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश-2 में निहित शक्तियों के अधीन पीठ द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश, दिनांक 20-03-2025 के प्रस्तर-04 के अनुसार gerd यूनिट के भौतिक कब्जे तथा रजिस्ट्री की कार्यवाही हेतु मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई के लिए, दिनांक 45—06—2026 को संदर्भित की जाती है।
सचिव, उ.प्र. रेरा प्रकरण में आदेश, दिनांक 20-03-2025 के प्रस्तर-02 के अनुसार दिनांक 05-06-2026 से पूर्व विपक्षी द्वारा देय विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि की वसूली हेतु, वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि से पूर्व मा. न््यायनिर्णायंक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। यदि मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी नियम 24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते हैं कि विपक्षी / प्रोमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत oRi-3t, दिनांक 20-03-2025 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है, तो ऐसी दशा में मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी प्रकरण को रेरा अधिनियम की धारा 63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पीठ को वापस सन्दर्भित कर सकते हैं। अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सकी। तदोपरान्त मा. पीठ-04 (पूर्व पीठ-040) द्वारा पारित आदेश दिनांक 27.04.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली आज नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष प्रथम बार पेश हुई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओसी. / सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को i5 दिनों के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा mt
करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में आवंटित यूनिट की रजिस्ट्री निष्पादित करना सुनिश्चित करें | शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 03.07.2026 को पेश हो। (न््यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण