Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Ashutosh Kumar Singh v. ATS Realty Private Limited
Complaint No. NCR144/02/90667/2022
- Decision date
- 2026-08-10
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar Status-Disposed
- Counsel
- Puneet Jain (in this matter)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40/63 सपठित नियम-24 6-शिकायत WeA—NCR 44/02/90667/2022 आशुतोष कुमार Rig बनाम एटीएस रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 07.08.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री उत्कर्ष शुभम उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री मानेन्द्र कुमार उपस्थित हुए। ged शिकायत में माननीय पीठ-03 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 20.02.2025 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह आदेश पोर्टल पर अपलोड होने की तिथि से 45 दिन के भीतर शिकायतकर्ता से अवशेष धनराशि प्राप्त कर शिकायतकर्ता की यूनिट आवंटन पत्र/अनुबंध के अनुसार समस्त सुविधाओं को पूर्ण कराकर ओ.सी /सी.सी सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री कराएं | 2... विपक्षी शिकायतकर्ता को दिनांक 07.07.20i8 से ओ.सी / सी.सी अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि जो भी बाद में हो तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि रु. 34,92,59 / पर MCLR+ प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की जाने वाली धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। निस्तारण प्रश्न संख्या 4 के अनुसार फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए Sp (माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा सिविल अपील संख्या 3029,/4985 के अनुसार) 68
il तथा दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही यदि शिकायतकर्ता का कोई अतिदेय (Over Ew Aues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। a ah, 3. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 2046 की धारा 2(29)0) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी धटा॥रता प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी | 4. इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 5. विपक्षी द्वारा यदि इस आदेश का अनुपालन 45 दिन में नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्ता रेरा प्राधिकरण के माध्यम से आदेश का कियान्वयन करा सकेगें जिसके लिए शिकायतकर्ता ऑन लाइन प्रार्थना पत्र अपलोड करके उसकी प्रति रेरा कार्यालय में दाखिल करना सुनिश्चित करें। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 20.02.2025 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,/63 के अन्तर्गत var आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में ar. पीठ-03 द्वारा दिनांक 46.03. 2026 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है किः-
उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए पत्रावली रेरा नियमावली 206 के नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत आदेश दिनांक 20.02.2025 के क्रम संख्या 4 के अनुसार यूनिट के भौतिक कब्जे व रजिस्ट्री की कार्यवाही हेतु न््यायनिर्णायक अधिकारी, उ.प्र-रेरा के समक्ष सुनवाई हेतु दिनांक 28.05.2026 के लिए संदर्भित की जाती है। सचिव, उ.प्र.रेरा को निर्देशित किया जाता है कि पीठ द्वारा दिनांक 20.02.2025 को धारा-34, के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या 2 के अनुसार जमा धनराशि रू 34,92,59/— पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि 28.05.2026 से पूर्व न््यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन न किये जाने के कारण भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 20i6 की धारा-63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाए। अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की “Seas रजिस्ट्री कराई जा सकी। तदोपरान्त मा. पीठ-03 द्वारा पारित आदेश दिनांक 76.03.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई |
उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। विपक्षी द्वारा समझौतानामा दिनांकित t0.06.2026 दाखिल किया जा चुका है। आज सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता के विद्वान अधिवक्ता द्वारा बताया गया कि शिकायतकर्ता का विपक्षी के साथ समझौता हो चुका है और प्रश्नगत प्रकरण को समझौतानामा दिनांक 40.06.2026 के आधार पर fara कर दिया जाये। समझौतानामा दिनांकित 40.06.2026 से यह विदित है कि उभयपक्षों के मध्य पूर्ण रूप से समझौता हो चुका है। प्रश्नगत प्रकरण में अब कोई कार्यवाही शेष नहीं है। वर्णित स्थिति में प्रश्नगत पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही के अन्तर्गत समझौतानामा दिनांकित 0.06.2026 के आधार पर निस्तारित की जाती है। समझौतानामा दिनांकित 40.06.2026 इस निर्णय का भाग रहेगा। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। तदनुसार पत्रावली दाखिल दफ्तर हो | ath Rhee आर. पी. सिंह ie (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण