Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Arpana Tyagi and Sachin Tyagi v. Gardenia India Limited
Complaint No. NCR144/02/90178/2022
- Decision date
- 2026-03-05
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न््यायनिर्णायक अधिकारी, 8-शिकायत PAT—NCR44/02/90 78/2022 अर्पणा त्यागी एवं सचिन त्यागी बनाम गार्डेनिया इंडिया लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 05.03.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता अनुपस्थित। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री अनुप तिवारी उपस्थित हुए। सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया Tar प्रश्नगत शिकायत में माननीय पीठ-03 (पूर्व पीठ-02) द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 30.04.2024 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता से अवशेष देय धनराशि प्राप्त कर शिकायतकर्ता को आवंटित यूनिट ages के अनुसार समस्त सुविधाओं को पूर्ण कराकर 30 जून 2024 तक ओ.सी/सी.सी सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त नियमानुसार रजिस्ट्री Herd | कर
> विपक्षी शिकायतकर्ता को दिनांक 0t.07.20i4 से दिनांक 30.04.20:7 तक फ्लैट wait एग्रीमेंट में अंकित विलम्ब ब्याज दर देय होगा उसके उपरांत दिनांक 04.05.2047 से ओ.सी/सी.सी अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि जो भी बाद में हो तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि vo 35,89,749/ (wo पैतीस लाख नवासी हजार सात सौ उनन््चास) पर MCLRH प्रतिशत व्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की जाने वाली धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25. 09. 2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही यदि शिकायतकर्ता का कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। “Ss 3. विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि परियोजना के परिवर्तित क्षेत्रफल व उस परिवर्तन का कारण बताते हुए एवं दोनो स्थितियों में शिकायतकर्ता की यूनिट के बढ़े क्षेत्रल की गणना का आधार Sanctioning Authority or Architech or Structural Engineers से प्रमाणित कराकर प्रमाण पत्र, बढ़े हुए कारपेट एरिया का विवरण तथा शिकायतकर्ता से सहमति प्राप्त हो जाने का पत्र रेरा पोर्टल पर डालने के बाद ही विपक्षी को कारपेट एरिया के बढ़े हुए क्षेत्रफल के सम्बंध में शिकायतकर्ता से यह धनराशि देय होगी |
4. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 2046 की धारा 2(४)6) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLRH प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी। 5. इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 6. विपक्षी द्वारा यदि इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्ता रेरा प्राधिकरण के माध्यम से आदेश का कियान्वयन करा सकेगें। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 30.04.2024 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,63 के अन्तर्गत waar आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-03 द्वारा दिनांक 44.0. 2025 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- उपरोक्त विश्लेषण व तथ्यों से स्पष्ट है कि विपक्षी ने पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 30.04.2024 के क्रम संख्या । व 2 का अनुपालन नहीं किया है। उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए पत्रावली ter नियमावली 20:6 के नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत आदेश दिनांक 30.04.2024 के क्रम संख्या 4 के अनुसार कब्जा व यूनिट की रजिस्ट्री कराये जाने की कार्यवाही हेतु न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई हेतु दिनांक 45.42.2025 के लिए संदर्भित की जाती है।
सचिव, उ.प्र.रेरा को निर्देशित किया जाता है कि पीठ द्वारा दिनांक 30.04.2004 को धारा-34, के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या 2 के अनुसार जमा धनराशि रु0 35,89,749// पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि 45.42.2025 से पूर्व न्यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन न किये जाने के कारण भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2006 की धारा 63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित —~ किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाए। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38/40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं यूनिट की रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण मा. पीठ-03 द्वारा पारित आदेश दिनांक 4.40.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष पेश हुई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी./ सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को दो माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें| शिकायतकर्ता द्वारा बकाया eal के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 29.05.2026 को पेश हो।
आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण