Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Rakesh Gupta v. Mahagun (India) Pvt. Ltd
Complaint No. NCR144/02/88225/2022
- Decision date
- 2026-03-10
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, 7-शिकायत WAM—NCR44/02/88225/2022 राकेश गुप्ता बनाम महागुन (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 40.03.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो aes के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता स्वयं उपस्थित हुए एवं उनके विद्वान अधिवक्ता श्री दिव्यांशु सराश्वत उपस्थित gyi विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री संजना उपस्थित Be | उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है और न ही हस्तान्तरण विलेख निष्पादित एवं पंजीकृत कराया गया है। yeaa शिकायत में माननीय पीठ-04ए द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 03.08.2022 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4... विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह उपरोक्त सारणी के क्रमांक संख्या-4 से 2 तक के शिकायतकर्तागण के फ्लैटस् की समस्त सुविधाओं को अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 34.42.2022 तक और उपरोक्त सारणी के क्रमांक से 3 से 9 तक के शिकायतकर्तागण के फ्लैटस् की समस्त सुविधाओं को अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 34.03.2023 तक तथा उपरोक्त सारणी के क्रमांक से 40 से 42 तक के शिकायतकर्तागण के फ्लैटस् की समस्त सुविधाओं को अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 30.09.2022 तक ओ.सी/सी.सी सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और शिकायतकर्तागण से देय vera शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार, शिकायतकर्तागण के पक्ष में रजिस्ट्री निष्पादित कराना सुनिश्चित करें।
2... विपक्षी, शिकायतकर्ता (Site गुप्ता) को दिनांक 07.09.2024 से ओ.सी. / सी.सी. प्राप्त किये जाने की तिथि अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो, तक की अवधि पर शिकायतकर्ता द्वारा स्वयं जमा धनराशि पर विलम्ब व्याज के रूप में MCLRH प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम t’: भुगतान की देय धनराशि में समायोजित की जायेगी। व्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही इस अवधि में शिकायतकर्ता द्वारा यदि अनुबन्धानुसार अथवा कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। अन्य शिकायतकर्तागण के प्रकरण में आवंटन पत्र/अनुबन्ध के अनुरूप उपरोक्तानुसार विलम्ब ब्याज की गणना की जायेगी। 3. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 2046 की धारा 2(za)(i) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई aot दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLR+ प्रतिशत की व्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी।
4... विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह प्रश्नगत प्रकरणों में त्रिपक्षीय अनुबन्ध,/ एम.ओ.यू. के अनुसार प्री-ई.एम.आई. का भुगतान करें तथा यदि पूर्व में किसी किश्त का भुगतान नहीं किया गया है अथवा विपक्षी का विधिक उत्तरदायित्व होने के बाद भी शिकायतकर्तागण द्वारा वित्तीय संस्था को किया गया हो, तो उसका समायोजन कब्जा ऑफर करते समय करना सुनिश्चित करें। 5. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बन्धित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस आदेश में प्रतिपादित सिद्धान्त के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी। 6. इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 7 यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्तागण को यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का कियान्वयन करा सकेगें। ह विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 03.08.2022 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-04 (पूर्व में पीठ-0ए) द्वारा दिनांक 04.06.2024 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:-
अतः उपर्युक्त वर्णित तथ्यों एवं समस्त परिस्थितियों के दृष्टिगत पत्रावली नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत यूनिट के भौतिक कब्जे की कार्यवाही हेतु मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई हेतु, दिनांक 30-07-2024 को संदर्भित की जाती है। सचिव, उ.प्र. रेरा प्रकरण में आदेश, दिनांक 03-08--2022 के प्रस्तर-02 के अनुसार सुनवाई तिथि दिनांक 30--07-2024 से पूर्व विपक्षी द्वारा देय विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि हेतु Q— वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि से पूर्व मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। यदि मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी नियम 24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते हैं कि विपक्षी / प्रोमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत धारा-34, दिनांक 03--08--2022 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है, तो ऐसी दशा में मा. न्यायनिर्णायक अधिकारी प्रकरण को रेरा अधिनियम की धारा 63 के अनुसार wha अधिरोपित किये जाने के सम्बन्ध में निर्णय ले सकते हैं। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38/40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण मा. fre—or (पूर्व में पीठ--0ए) द्वारा पारित आदेश दिनांक 04.06.2024 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। आदेश दिनांकित 08.0.2025 के अनुसार प्रश्नगत प्रकरण को abeyance में रखा गया था। शिकायतकर्ता द्वारा प्रार्थना-पत्र दिनांकित 42.42.2025 दाखिल कर प्रकरण को पुनः सुनवाई किये जाने का अनुरोध किया गया। आदेश दिनांक 49.42.2025 के अनुसार पत्रावली में सुनवाई हेतु आज दिनांक 40.03. 2026 नियत की गई।
विपक्षी द्वारा आज तक माननीय रेरा पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 03.08.2022 का अनुपालन नहीं किया गया है और न ही शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराया गया है और न ही रजिस्ट्री कराई गई है। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी.// सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को is दिनों के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें| शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में आवंटित यूनिट की रजिस्ट्री निष्पादित करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 22.04.2026 को पेश हो। 7 +-छ65% Bot आर. पी. ee 7 (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण