Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Sheel Kumar Aggarwal v. Granite Hill Properties Private Limited
Complaint No. NCR144/02/69520/2021
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2025-11-04
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
English translation. Machine translation from the Hindi by AI (Gemini 3.8 Flash, Antigravity), not reviewed. The original order below is the authoritative text.
U.P. Real Estate Regulatory Authority Regional Office, Gautam Buddha Nagar. Hearing Bench - Adjudicating Officer, Proceedings under Section-38 / 40 // 63 read with Rule--24 49--Complaint UAT—NCR 44/02/69520/202! Sheel Kumar Agarwal versus Granite Hill Properties Private Limited Order-Sheet Date: 04.44.2025 The complainant's case was presented through video conferencing. The file was presented. Upon call, complainant absent. Learned advocate Mr. Puneet Jain appeared on behalf of the respondent. In the complaint in question, following hearing as per rules, the Hon'ble Bench-2 passed the following orders on date 26.0.2024:- 4. The respondent is ordered to ensure completing all amenities of the complainants' units as per the allotment letter / agreement and handover possession along with O.C./ C.C. by date 30.06.2022, and obtain payable stamp duty and execute registration as per rules.
2. The respondent shall ensure paying interest for the delayed period at the annual interest rate of MCLRH percent on the amount deposited by the complainant from date 27.03.2020 until the date of obtaining O.C.,/ C.C. or offer of possession, whichever is later, to the complainant. Along with this, it is also clarified that this amount of interest shall be adjusted against the amount of final payment, and if the interest amount is more than the payable amount, it shall be refunded to the complainant as per rules. In the cases of other complainants, calculation shall be made as stated above in accordance with the agreement. In view of the lockdown and force majeure in the country for prevention and control of covid-49, interest shall not be calculated for delay in the project from date 25.03.2020 to date 25.09.2020. 3. The respondent shall ensure issuing the offer of possession letter along with O.C./C.C. as aforesaid. 4. The respondent is directed that under Section 2 74(za)(i) of the RERA Act 2046, interest has been defined that after implementation of RERA, if any rate of interest is charged by the promoter upon allottee's default, interest at the same rate shall also be paid to the allottee upon default by the promoter. The interest rate notified by the State Government is MCLR+ percent.
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 // 63 सपठित नियम--24 49--शिकायत UAT—NCR 44/02/69520/202! शील कुमार अग्रवाल बनाम ग्रेनाइट हिल प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 04.44.2025 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश Bel पुकार पर शिकायतकर्ता अनुपस्थित। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री पुनीत जैन उपस्थित हुए। प्रश्नगत शिकायत में माननीय पीठ-2 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 26.0.2024 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्तागण के यूनिट्स की समस्त सुविधाओं को आवंटन पत्र/अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 30.06.2022 तक ओ.सी./ सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय ery शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें।
2... विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 27.03.2020 से ओ.सी.,/ सी.सी. प्राप्त होने अथवा कब्जा ऑफर किये जाने, जो भी बाद में हो, की तिथि तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर MCLRH प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर से विलम्बित अवधि का व्याज अदा करना सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाता है कि ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी और यदि ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक है, तो नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की जाए। अन्य शिकायतकर्ता के प्रकरण में अनुबन्ध के अनुरूप उपरोक्तानुसार गणना की जायेगी। कोविड-49 की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु देश में हुए लॉकडाउन एवं फोर्स मैज्योर को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक ;परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जाएगी। 3. विपक्षी, उपरोक्तानुसार कब्जा ऑफर पत्र ओ.सी./सी.सी. सहित जारी करना सुनिश्चित करें | _ <4. विपक्षी का निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम 2046 के धारा 2८४)0) के _ अन्तर्गत ब्याज को परिभाषित किया गया है कि रेरा लागू होने के बाद यदि कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित व्याज SX. MCLR+ प्रतिशत है। 4 5. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बंधित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस आदेश में प्रतिपादित far के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी। इस आदेश का veda भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 206 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा।
विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 26.40.2024 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-3 द्वारा दिनांक 24.07. 2025 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है किः- उक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि विपक्षी ने पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 26.40.202 के क्रम संख्या 4 व 2 का अनुपालन नहीं किया है। उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए पत्रावली रेरा नियमावली 206 के नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत आदेश दिनांक 26.40.2024 के क्रम संख्या 4 के अनुसार यूनिट के भौतिक कब्जे व रजिस्ट्री की कार्यवाही हेतु न््यायनिर्णायक अधिकारी, उ.प्र.रेरा के समक्ष सुनवाई हेतु दिनांक 04.:4.2025 के लिए संदर्भित की जाती si सचिव, उ.प्र.रेरा, पीठ द्वारा दिनांक 26.40.2024 को धारा-34, के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या 2 के अनुसार जमा धनराशि पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि 04.44.2025 से पूर्व न्यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। यदि न्याय निर्णायक अधिकारी नियम 24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते है कि विपक्षी / प्रमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत ari3t, दिनांकित 26.40.2024, का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है तो ऐसी दशा में न्याय अधिकारी प्रकरण में रेशा अधिनियम की धारा 63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पत्रावली पीठ को वापस संदर्भित कर सकते है।
तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38 /40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण मा. पीठ-3 द्वारा पारित आदेश दिनांक 24.07.2025 के अनुसार. पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी.,/ सी.सी. सहित बकाया eal की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को 45 दिनों के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा 4 रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें| शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति गणना शीट सहित दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 29.0:.2026 को पेश हो। “ai सिह 4 सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण