Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Sudhir Tripathi v. Gaursons Hi-Tech Infrastructure Private Limited
Complaint No. NCR144/02/68545/2021
- Decision date
- 2026-03-17
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar Status-Disposed
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 ,/63 सपठित नियम-24 24-शिकायत UAM—NCRI44/02/68545/202 सुधीर त्रिपाठी बनाम गौरसंस हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 47.03.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉनन््फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश Bel पुकार पर शिकायतकर्ता स्वयं उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री संदीप उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। प्रश्नगत शिकायत में माननीय पीठ-0ए द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 46.06.2022 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. Wega प्रकरण में दी गयी धनराशि के Roos का अनुतोष निरस्त किया जाता है। 2. शिकायतकर्ता द्वारा कब्जा लिये जाने की स्थिति में विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 32.2.2022 तक ओ.सी /सी.सी. सहित यूनिट का कब्जा दें और देय ery शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें।
3. विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 20.09.2024 से ओ.सी./सी.सी. प्राप्त किये जाने की तिथि अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर MCLRH प्रतिशत की दर से ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। afas—i9 के कारण फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25. 09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही इस अवधि में शिकायतकर्ता द्वारा यदि कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। 4. विपक्षी को यह भी निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 2046 की धारा 2a) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से FL प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLR+H प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी। 5... इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 20:6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा।
विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 46.06.2022 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत var आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-04 (पूर्व में पीठ-04ए) द्वारा दिनांक 29.42.2025 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है किः- अतः उपर्युक्त वर्णित तथ्यों एवं समस्त परिस्थितियों के दृष्टिगत पत्रावली नियम-24 में निहित शक्तियों के अधीन पीठ द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश, दिनांक 46.06. 2022 के प्रस्तर-02 के अनुसार प्रार्थी, शिकायतकर्ता के पक्ष में रजिस्ट्री निष्पादित कराये जाने की कार्यवाही हेतु मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई के लिए, दिनांक 47-03-2026 को संदर्भित की जाती है। सचिव, उ.प्र. रेरा प्रकरण में आदेश, दिनांक 6.06.2022 के प्रस्तर-03 के अनुसार दिनांक 05-03-2026 से पूर्व विपक्षी द्वारा देय विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि हेतु वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि से पूर्व मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें | यदि मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी नियम-24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते हैं कि विपक्षी / प्रोमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत धारा-34, दिनांक 46--06--2022 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है, तो ऐसी दशा में मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी प्रकरण को रेरा अधिनियम की धारा-63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पीठ को वापस सन्दर्भित कर सकते हैं।
तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38 / 40 / 63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण मा. te-o (पूर्व में पीठ-04ए) द्वारा पारित आदेश दिनांक 29.42.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष आज प्रथम बार पेश हुई | आज सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता द्वारा स्वयं बताया गया कि उसको यूनिट का कब्जा प्राप्त हो चुका है, केवल यूनिट की रजिस्ट्री होना शेष है। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में 2 माह के अन्दर शिकायतकर्ता के पक्ष में आवंटित यूनिट की रजिस्ट्री शा निष्पादित करना सुनिश्चित करें तथा रजिस्ट्री एवं कब्जा-पत्र की प्रति रेरा पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 03.06.2026 को पेश हो। ee आर. पी. सिंह DA aL (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण