Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Mayank Agrawal v. SJP Infracon Limited
Complaint No. NCR144/02/51400/2020
- Decision date
- 2026-07-13
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40 //63 सपठित नियम-24 20-शिकायत WeAT:—NCR 44/02/5400/2020 मयंक अग्रवाल बनाम एसजेपी इंफ्राकॉन लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 43.07.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री दिव्यांशु सराश्वत उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री ऋषेन्द्र सिंह उपस्थित हुए | उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांकित 27.04.2026 को रिकॉल करने हेतु प्रार्थना-पत्र दिनांकित 29.05.2026 दाखिल किया गया है, जिसके विरुद्ध शिकायतकर्ता द्वारा अपनी आपत्ति दिनांकित 08.07. 2026 दाखिल की गई है। विपक्षी का कथन है कि सुनवाई की दिनांक 27.04.2026 को वह अनुपस्थित था, उसे बिना उसे आदेश दिनांकित 27.04.2026 पारित किया गया है। शिकायतकर्ता द्वारा कहा गया कि विपक्षी ने माननीय रेरा पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांकित 43.0.2020 का अनुपालन नहीं किया गया है और न ही यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराया गया है और न ही यूनिट की रजिस्ट्री कराई गई है और न ही विपक्षी द्वारा आदेश दिनांकित 27.04.2026 को रिकॉल करने हेतु पर्याप्त कारण दर्शाया गया है। अतः आदेश दिनांकित 27.04.2026 को रिकॉल करने का कोई न्यायोचित आधार नहीं है। विपक्षी द्वारा दाखिल प्रार्थना-पत्र दिनांकित 29.05.2026 निरस्त किया जाता है।
विपक्षी द्वारा माननीय रेरा पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 43.40.2020 का अनुपालन न करने के कारण विपक्षी के विरुद्ध धारा-63 के अन्तर्गत अर्थदण्ड / पेनल्टी अधिरोपित करने हेतु आदेश दिनांक 27.04.2026 को प्राधिकरण को लिखा जा चुका है और आदेश की प्रति श्रीमान सचिव, रेरा को प्रेषित की जा चुकी है। विपक्षी को यदि धारा-63 के अन्तर्गत पेनल्टी /अर्थदण्ड अधिरोपित करने के सम्बन्ध में कोई आपत्ति है, तो वह रेरा प्राधिकरण के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकता है। > विपक्षी को पुनः निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी. / सी.सी. सहित बकाया eat की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को एक माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित we) शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में आवंटित यूनिट की रजिस्ट्री निष्पादित करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 37.08.2026 को पेश हो। Se) S\s\o4 आर. पी. हा (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण