Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Jitender Kumar Tyagi v. Jaypee Infratech Limited
Complaint No. NCR144/02/136800/2026
- Decision date
- 2026-05-11
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Bench 2
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
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Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर सुनवाई पीठ-2 कार्यवाही अन्तर्गत धारा-34 20-शिकायत संख्या -— NCRI44/02/36800/2026 जितेन्दर कुमार त्यागी बनाम जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड दिनांक :- 44/05/2026 आदेश-पत्र शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई हेतु प्रस्तुत किया गया। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री भव्या उपस्थित हुईं | विपक्षी अनुपस्थित | प्रश्नगत प्रकरण में पीठ द्वारा सुनवाई की विगत तिथि 08.04.2026 को विपक्षी कंपनी को यह आदेशित किया जा चुका है कि वह प्रश्नगत शिकायत के निस्तारण तक प्रकरण में यथास्थिति बनाये रखेंगे। प्रकरण में पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 08.04.2026 के अनुपालन में शिकायतकर्ता द्वारा रेरा पोर्टल के कप्प्लेन्ट tor पर दिनांक 09.05.2026 को संशोधन प्रार्थना-पत्र अपलोड करते हुए कप्प्लेन्ट पेज के फार्म-एम पर अंकित विपक्षी संख्या-02 (Suraksha Realty) का नाम हटाये (Delete) किये जाने का अनुरोध किया गया है, जो कि स्वीकार किया जाता है। सिस्टम एनालिस्ट, उ.प्र. रेरा को निर्देशित किया जाता है कि वह रेरा oer पेज के फार्म-एम पर अंकित विपक्षी संख्या-02 (Suraksha Realty) का नाम हटाना (Delete) करना सुनिश्चित करें।
शिकायतकर्ता द्वारा प्रार्थना-पत्र दिनांक 77.03.2026 दाखिल करते हुए अवगत कराया गया है कि प्रोविजनल आवंटन-पत्र दिनांक 09.03.2009 के अनुसार प्रश्नगत यूनिट का कूल मूल्य अन्य चार्जेज़ सहित 50,23,000/- रुपये था, जिसके सापेक्ष शिकायतकर्ता द्वारा 75 प्रतिशत धनराशि 38,05,690,//- रुपये का भुगतान विपक्षी को किया जा चुका है, परन्तु विपक्षी द्वारा अभी तक रेरा अधिनियम, 20i6 की ue-i3 के अनुपालन में प्रश्नगत यूनिट के सापेक्ष विधि एवं नियमानुसार एग्रीमेन्ट फॉर सेल /बी.बी.ए. निष्पादित एवं हस्ताक्षरित नहीं किया गया, फिर भी विपक्षी द्वारा दिनांक t6.02.2026 को अवैधानिक रूप से माँग-पत्र प्रेषित करते हुए 64,39,852 /-रुपये की माँग की गयी है। चूंकि प्रश्नगत यूनिट का कूल मूल्य अन्य चार्जेज़ सहित 50,23,000,//- रुपये था, जिसके सापेक्ष शिकायतकर्ता द्वारा 75 प्रतिशत धनराशि 38,05,690,//- रुपये का भुगतान विपक्षी को किया जा चुका है। अतः ऐसी स्थिति में विपक्षी द्वारा अवैध रूप से प्रेषित किये गये माँग-पत्र दिनांक t6.02.2026 को निरस्त किया जाता है और साथ ही विपक्षी कम्पनी को आदेशित किया जाता है कि वह प्रश्नगत शिकायत के अंतिम निर्णय तक शिकायतकर्ता को कोई माँग-पत्र जारी नहीं करेंगे
विपक्षी द्वारा रेरा पोर्टल के Geers पेज़ पर अपलोड किये गये प्रार्थना-पत्र दिनांक 43.04.2026 में अंकित किया गया है कि विपक्षी कम्पनी से सम्बन्धित कार्यवाही मा. एन.सी.एल.टी. में विचाराधीन है, परन्तु उक्त के सम्बन्ध में भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड (BBD के पोर्टल पर जाँच के उपरान्त पीठ के संज्ञान में आया है कि विपक्षी कम्पनी से सम्बन्धित कोई कार्यवाही वर्तमान समय में मा. एन.सी.एल.टी. (NCLT) के समक्ष विचाराधीन नहीं है। अतः विपक्षी द्वारा प्रस्तुत उक्त प्रार्थना-पत्र दिनांक 3.04.2026 को निरस्त किया जाता है। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह प्रश्नगत शिकायत के सम्बन्ध में आगामी 04 सप्ताह के अन्दर अपना लिखित उत्तर प्राधिकार पत्र/वकालतनामा सहित रेरा पोर्टल के कम्पलेन्ट पेज पर अपलोड करना सुनिश्चित करें, साथ ही शिकायतकर्ता द्वारा रेरा पोर्टल के कम्पलेन्ट पेज पर अंकित उनके द्वारा अदा की गयी धनराशि के सम्बन्ध में स्पष्टीकरण var लिखित उत्तर में दर्शित करना सुनिश्चित करें, जिसकी भौतिक प्रति रेरा क्षेत्रीय कार्यालय, ग्रेटर नोएडा में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। पत्रावली वास्ते उत्तर,“बहस हेतु अग्रिम नियत तिथि 06.07.2026 को पेश हो। टी. वेंकटेश (सदस्य) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण